इंटरव्यू / अभिजीत - अभी डिमांड कमजोर है, गरीबों तक और ज्यादा पैसा पहुंचे तो अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ेगी



Nobel laureate Abhijeet Banerjee said - Indian economy suffering from centralization
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Nobel laureate Abhijeet Banerjee said - Indian economy suffering from centralization

  •  नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी ने कहा- भारतीय अर्थव्यवस्था केंद्रीकरण से पीड़ित

Dainik Bhaskar

Oct 22, 2019, 04:45 AM IST

हेमन्त अत्री | दिल्ली . पत्नी एस्तेय के साथ संयुक्त रूप से नोबेल पुरस्कार जीतने वाले अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी भारत आए हुए हैं। दुनिया में गरीबी कम करने की दिशा में काम कर रहे अभिजीत ने भास्कर से बातचीत में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था केंद्रीकरण से पीड़ित है। बाजार में डिमांड कम है, यानी ज्यादातर आबादी खर्च नहीं कर पा रही है। इसलिए गरीबों के हाथ में पैसा देना होगा, जिससे डिमांड बढ़ेगी। इसी से अर्थव्यवस्था रफ्तार  पकड़ेगी। पेश है सवाल-जवाब के प्रमुख अंश...

 

सवाल : दुनियाभर के देशों में अरबों रुपए खर्च करने के बावजूद गरीबी खत्म नहीं हो रही। आखिर समस्या कहां है? 
जवाब : ऐसा कहना ठीक नहीं होगा। 1.90 डाॅलर (134 रु.) प्रतिदिन से कम में गुजारा करने वाले लोगों की संख्या 30 साल में बहुत तेजी से गिरी है। इसका मतलब है कि कहीं न कहीं कुछ काम जरूर हो रहा है।
 

सवाल : टैक्सपेयर मध्यम वर्ग बड़ी योजनाओं के फोकस में नहीं दिखता। ऐसा क्यों ? 
जवाब :क्योंकि वैश्विक स्तर पर अमीरों ने पिछले 30 वर्षों में विकास की बहुत बड़ी हिस्सेदारी हड़प ली है। इससे गरीबों को भी कुछ लाभ हुआ है। लेकिन, मध्यम वर्ग वहीं खड़ा है। उसका विकास नहीं हुआ।
 

सवाल : सरकार का 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी का लक्ष्य कैसे पूरा होगा? 
जवाब :मौजूदा तथ्यों और आंकड़ों से साफ है कि भारत की विकास दर धीमी हो रही है। दरअसल, आज डिमांड ही कमजोर है। इसलिए गरीबों के हाथ में अधिक पैसा देकर बाजार में डिमांड बढ़ सकती है। तभी इकोनॉमी का भी आकार बढ़ेगा।
 

सवाल : भारतीय अर्थव्यवस्था में क्या कमी है? 
जवाब :मुझे चिंता है कि अर्थव्यवस्था  अति-केंद्रीकरण (ओवर सेंट्रलाइजेशन) से पीड़ित हो चुकी है। संस्थानों को काम करने की आजादी देना सबसे जरूरी है।
 

सवाल : भारत की अर्थव्यवस्था पर अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर का कितना असर पड़ेगा? 
जवाब :इसका असर अभी नहीं हुआ है। आगे जरूर हो सकता है, लेकिन हम तो उससे पहले ही धीमे हो चुके हैं।
 

सवाल : आपने भारत में अलग-अलग राज्य सरकारों के साथ भी काम किया है। गरीबी उन्मूलन में किसे बेहतर पाया? 
जवाब :गुजरात में नरेंद्र मोदी, बंगाल में ममता, बिहार में नीतीश, तमिलनाडु में एआईडीएमके, हरियाणा में खट्टर, पंजाब में कैप्टन, ये सब अपने राज्यों में बहुत कुछ अच्छा कर पाए हैं।
ज्यादातर गरीब उद्यमी नहीं बनना चाहते, इसलिए भी गरीबी बड़ी समस्या 
 

सवाल :  क्या भारतीय अर्थव्यवस्था को कॉरपोरेट टैक्स में की गई कटौती का लाभ मिलेगा?
जवाब : कॉरपोरेट टैक्स घटाना एक गलती थी। निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए डिमांड बढ़ाने की जरूरत है।

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