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विपक्ष- आर्थिक मंदी, कश्मीर, किसान और रोजगार की कमी को मुद्दा बनाएगा

9 महीने पहले
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  • सरकार की बुलाई सर्वदलीय बैठक में 27 दल शामिल हुए
  • मोदी बोले- सकारात्मक चर्चा से नौकरशाह भी सचेत रहते हैं
  • सरकार राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट और कॉमन सिविल कोड बिल भी ला सकती है

नई दिल्ली . संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। इससे पहले रविवार को सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। इसमें 27 दलों के नेता शामिल हुए। अध्यक्षता संसदीय मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी ने की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार नियमों के अनुसार सभी मुद्दों पर बहस को तैयार है। सदन का सबसे अहम काम चर्चा करना है। यह सत्र भी पिछले सत्र जैसा ही परिणाम देने वाला होना चाहिए। संसद में सकारात्मक चर्चा नौकरशाहों को भी सचेत रखती है। 

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सत्र में आर्थिक मंदी, रोजगार की कमी, कश्मीर और किसानों की समस्याओं जैसे मुद्दों पर अवश्य चर्चा की जानी चाहिए। विपक्ष ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला की हिरासत का मुद्दा भी उठाया। उन्हें सत्र में शामिल होने की अनुमति देने की मांग की। सूत्रों के मुताबिक सरकार इस सत्र में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने और कॉमन सिविल कोड बिल को भी संसद में पेश कर सकती है।
 

18 नवंबर से 13 दिसंबर तक चलेगा संसद सत्र, 20 बैठकें होनी हैं
 

नागरिकता संशोधन और ई सिगरेट सबसे अहम विधेयक 
शीत सत्र में मोदी सरकार के एजेंडे में नागरिकता संशोधन विधेयक और ई-सिगरेट पर बैन लगाने से जुड़े बिल को पास कराना पहली प्राथमिकता है। नागरिक संशोधन विधेयक के तहत 1955 के सिटीजनशिप एक्ट में बदलाव का प्रस्ताव है। इसके तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आकर भारत में बसे हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई शरणार्थियों को नागरिकता देने का प्रस्ताव है।
 

सांसद को हिरासत में कैसे रखा जा सकता है: आजाद
एनसी सांसद हसनैन मसूदी ने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि सत्र में फारूक अब्दुल्ला की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि एक सांसद को अवैध तरीके से हिरासत में कैसे रखा जा सकता है? उन्हें संसदीय प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति दी जानी चाहिए। दरअसल, फारूक और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला 370 हटने के बाद से पीएसए कानून के तहत हिरासत में हैं।
 

शीत सत्र: 43 बिल पेंडिंग, 12 मानसून सत्र के बिल
संसद का शीतकालीन सत्र 18 नवंबर से 13 दिसंबर तक चलेगा। इसमें 20 बैठकें तय की गई हैं। फिलहाल संसद में 43 बिल पेंडिंग हैं। 12 बिलों को सदन के ध्यानार्थ रखा जाना है। यह मानसून सत्र के पेंडिंग बिल हैं। 7 बिलों की लिस्टिंग विदड्राॅ करने के लिए हुई। 27 बिलों का इंट्रोडक्शन होना है।
 

प्रमुख बिल- पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन, मेडिकल बिल
चिट फंड संशोधन बिल, मेडिसिन बिल, होम्योपैथी बिल, सरोगेसी बिल, डैम सेफ्टी बिल, नदियों के पानी बंटवारे का बिल, अॉर्म्स बिल, जुवेनाइल जस्टिस बिल, नेशनल पुलिस यूनिवर्सिटी बिल, डिजास्टर मैनेजमेंट बिल, पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन बिल, द मेडिकल टर्मिनेशनल ऑफ प्रेगनेंसी बिल, एयर क्राफ्ट बिल, इंडियन मेडिकल काउंसिल बिल प्रमुख बिल हैं।

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