नागरिकता संशोधन बिल पर जली दिल्ली / शाहीन बाग में सड़कों पर उतरे लोग, शाम को जामिया यूनिवर्सिटी में घुसी पुलिस, रात में पुलिस मुख्यालय पर डटे प्रदर्शनकारी छात्र

नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ शाहीन बाग से शुरू हुआ विरोध रात को आईटीओ पहुंच गया नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ शाहीन बाग से शुरू हुआ विरोध रात को आईटीओ पहुंच गया
प्रदर्शनकािरयों ने कई बसों को आग के हवाले किया। प्रदर्शनकािरयों ने कई बसों को आग के हवाले किया।
एक प्रदर्शनकारी को बचाने को लड़कियां सामने आईं एक प्रदर्शनकारी को बचाने को लड़कियां सामने आईं
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नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ शाहीन बाग से शुरू हुआ विरोध रात को आईटीओ पहुंच गयानागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ शाहीन बाग से शुरू हुआ विरोध रात को आईटीओ पहुंच गया
प्रदर्शनकािरयों ने कई बसों को आग के हवाले किया।प्रदर्शनकािरयों ने कई बसों को आग के हवाले किया।
एक प्रदर्शनकारी को बचाने को लड़कियां सामने आईंएक प्रदर्शनकारी को बचाने को लड़कियां सामने आईं

  • दिल्ली में छात्रों पर दमन के जरिए सरकार अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है, यह सरकार कायर है: प्रियंका गांधी

दैनिक भास्कर

Dec 16, 2019, 01:26 AM IST

नई दिल्ली . नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ शाहीन बाग से शुरू हुआ विरोध रात को आईटीओ पहुंच गया। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पुलिस द्वारा जबरन घुसकर कथित तौर पर छात्रों के साथ मारपीट करने के विरोध में जामिया, जवाहर लाल नेहरू और दिल्ली विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्र आईटीओ के पुलिस मुख्यालय के सामने प्रदर्शन करने पहुंचे। पुलिस मुख्यालय के सामने प्रदर्शन में कई शिक्षक भी शामिल रहे। पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ लोग नारेबाजी करते नजर आए। 


वहीं जामिया नगर में तनावपूर्ण हालात को देखते हुए देर रात बटला हाउस मुख्य सड़क पर रैपिड एक्शन फोर्स करती रही। सूत्रों ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई तथा आंसू गैस के धुएं से दम घुटने के कारण एक छात्र की मौत हो गई है हालांकि पुलिस अधिकारी ने किसी की मौत से इनकार किया है। दक्षिणी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त ने बताया कि पुलिस ने कोई फायरिंग नहीं की। कांग्रेस ने जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय में छात्रों के साथ पुलिस कारवाई की निंदा करते हुए रविवार को गृह मंत्रालय से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की।

दिल्ली पुलिस  VS  यूनिवर्सिटी

प्रदर्शन पर काबू पाने को फायरिंग नहीं की: डीसीपी

जामिया नगर इलाके की कॉलोनियों में उपद्रवी छिप गए, जो लगातार पथराव कर रहे हैं। इन्हें काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। पुलिस ने मामले में कुछ लोगों को हिरासत में ले रखा है। इस घटना में पुलिस की ओर से फायरिंग नहीं की गई। - चिन्मय बिश्वाल, साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक डीसीपी

पत्थरबाजी का एक भी वीडियो दिखाएं: चीफ प्रॉक्टर

यहां कोई वीडियो दिखा दे कि कोई पत्थरबाजी हुई है। पुलिस आसूं गैस भी छोड़ रही थी, वे लाठी मारते चले आ रहे थे। हमारे छात्र लाइब्रेरी और डिपार्टमेंट में थे। संडे को भी खुलता है। जामा मस्जिद और गर्ल हॉस्टल के बाहर जाकर मारा है। - वसीम अहमद खान, चीफ प्रॉक्टर-जामिया यूनिवर्सिटी

प्रदर्शन की वजह से इलाके में लगा भारी जाम

शाहीन बाग, ओखला अंडरपास से सरिता विहार, मथुरा रोड के दूसरी तरफ न्यू फ्रेंड्स कालोनी में रोड दोनो तरफ से प्रदर्शनकारियों ने ब्लॉक कर दिया जिसकी वजह से उस रास्ते को जोड़ने वाली सभी सड़कों पर जाम की स्थिति पैदा हो गई। वाहन चालकों को लंबे समय तक जाम का सामना करना पड़ा। हालत यह रही कि रिंग रोड, आश्रम, बारापुला सहित आसपास की सड़क पर लोग घंटो फंसे रहे। तो दूसरी तरफ एक-एक करके दोपहर 2 बजे से रात 9 बजे के बीच दक्षिण दिल्ली के 8 मेट्रो स्टेशन पब्लिक के लिए बंद किए गए।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सबसे पहले पौने दो बजे सरिता विहार से कालिंदी कुंज की सड़क आवाजाही के लिए बंद करने का अपडेट दिया गया क्योंकि शाहीन बाग पर प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी थी। ट्रैफिक पुलिस ने 3:10 बजे ओखला अंडरपास से सरिता विहार का रास्ता बंद करने की जानकारी देने के साथ इस रास्ते को ना अपनाने की सलाह दी। फिर करीब 4 बजे न्यू फ्रेंड्स कालोनी की दोनो तरफ की सड़क प्रदर्शनकारियों ने बंद कर दी।

पूर्व छात्रा ने पीआईबी के हैंडल से ट्वीट कर किया विरोध
पीआईबी सोशल मीडिया टीम में शामिल जामिया की पूर्व छात्रा ने पीआईबी के हैंडल से ट्वीट कर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। पीआईबी ने बाद में इसे डिलीट कर खेद जताया।

प्रदर्शनों में कई पुलिसकर्मी घायल, एक आईसीयू में
हिंसक प्रदर्शनों में कई पुलिसकर्मी घायल हुए। इनमें कई वरिष्ट पुलिसकर्मी भी घायल हुए। साउथ-ईस्ट जिला के डीसीपी, एडिशनल डीसीपी (दक्षिण), 2 एसीपी, 5 एसएचओ, कुछ इंस्पेक्टर और अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए। हेड कांस्टेबल मकबूल अहमद को सिर में चोट और और उन्हें आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। 

17 मेट्रो स्टेशन बंद रहे 

जसोला विहार-शाहीनबाग, सुखदेव विहार, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, ओखला, आईटीओ, आईआईटी, दिल्ली गेट, प्रगति मैदान, वसंत विहार, मुनिरका, आरके पुरम, पटेल चौक, विश्वविद्यालय, जीटीबीनगर, शिवाजी स्टेडियम और मॉडल टाउन मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एक्जिट घंटों तक बंद रही। 

बवाल के बीच आरोप-प्रत्यारोप

मनोज तिवारी बोले

दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने आम आदमी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि सीएम अरविंद केजरीवाल के इशारे पर आप का विधायक जनता को भड़का रहा है भारत के मुसलमान देश के साथ है। लेकिन कुछ पार्टी उन्हें भड़काने में जुटे हुए है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सभी संयम से काम लें। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस से अपेक्षा है कि राजधानी में जारी हिंसा को जल्द से जल्द में काबू करें। साथ ही जो दोषी इस सुनियोजित हिंसा के पीछे है उसे अविलंब गिरफ्तार किया जाए। 

अमानतुल्लाह ने भड़काई हिंसा 

यह इल्जाम सरासर गलत है कि मेरी अगुवाई में किसी बस को जलाया गया। दो प्रदर्शन हुए। एक प्रदर्शन न्यूफेंड्स कॉलोनी में हुआ। दूसरा शाहीन बाग में। शाहीन बाग में मैं मौजूद था। वहां न कोई आगजनी हुई ना अफरा तफरी हुई। यह आरोप सरासर गलत है। सारे रिकॉर्ड उपलब्ध है। एचएचओ शाहीन बाग और पुलिस वहां मौजूद थी। सीसीटीवी मौजूद है मेरे अपने रिकॉर्ड उपलब्ध है। मेरी मौजूदगी में कोई हिंसक प्रदर्शन नहीं हुआ।

संजय सिंह का आरोप- भाजपा जब चुनाव हारने लगती है तो हिंसा का सहारा लेती है

आम अादमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य और दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रभारी संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी किसी भी प्रकार के हिंसक आंदोलन का समर्थन नहीं करती है। सिंह ने कहा कि भाजपा जब-जब चुनाव हारने लगती है तो हिंसा का सहारा लेती है। यह भाजपा का किया धरा है। 

सिसोदिया बोले- भाजपा ने पुलिस के जरिए आगजनी कराई

प्रदर्शन को लेकर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भाजपा पर निशाना साधा। सिसोदिया ने एक के बाद एक ट्वीट में कुछ फोटो शेयर कर भाजपा पर पुलिस से बसों में आग लगाने का आरोप लगाया। हालांकि पुलिस एक अधिकरी ने बताया कि पुलिस कर्मी बस में आग बुझाने के लिए पानी डाल रहे थे। सिसोदिया ने ट्वीट किया कि चुनाव में हार के डर से बीजेपी दिल्ली में आग लगवा रही है। आप किसी भी तरह की हिंसा के खिलाफ हैं। ये बीजेपी की घटिया राजनीति है। उन्होंने एक वीडियों को शेयर कर कहा कि देखे किस तरह पुलिस के संरक्षण में आग लगवाई जा रही है। फिर उन्होंने पुरे मामले की तुरंत निष्पक्ष जांच की मांग की। सिसोदिया ने सवाल करते हुए कुछ फोटो ग्राफ के साथ लिखा कि बसों में आग लगने से पहले ये वर्दी वाले लोग बसों में पीले और सफेद रंग वाली केन में क्या डाल रहे है? 

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