दिल्ली / रेलवे ने की नाबालिग पत्थरबाजों से दोस्ती, टॉफी और खिलौने देते हैं ताकि न करें ट्रेनों पर पत्थरबाजी



बच्चों को खेल के सामान और टॉफी देते अधिकारी। बच्चों को खेल के सामान और टॉफी देते अधिकारी।
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बच्चों को खेल के सामान और टॉफी देते अधिकारी।बच्चों को खेल के सामान और टॉफी देते अधिकारी।

  • दिल्ली रेल मंडल से गुजरने वाली ट्रेनों पर पथराव को रोकने के लिए रेलवे ने अपनाया नायाब तरीका
  • दिल्ली-एनसीआर रेंज के ट्रैक के आसपास हैं 1000 से ज्यादा झुग्गी बस्तियां

Dainik Bhaskar

Jan 12, 2019, 01:35 AM IST

नई दिल्ली. नॉर्दर्न रेलवे नाबालिग पत्थरबाजों से परेशान है। इनके निशाने पर दिल्ली मंडल की 729 ट्रेनें रहती हैं। बीते एक साल में ट्रेन-18, राजधानी, शताब्दी, तेजस, हमसफर  से लेकर 300 अधिक पैसेंजर ट्रेनों पर पत्थर बरसाए गए हैं। इस घटना में करीब दो दर्जन से अधिक पैसेंजर घायल हुए हैं। वहीं, लंबी दूरी की ट्रेनों की  टूटी खिड़कियां ठंड में यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन गई हैं। ऐसी हरकत करने वालों के खिलाफ रेलवे ने कार्रवाई तो की है, लेकिन उसकी परेशानी दूर नहीं हो रही है।

नाबालिग पत्थरबाजों को देते हैं टॉफी

  1. सीनियर डीएसई (आरपीएफ) शशि कुमार ने बताया कि नाबालिग पत्थरबाजों को समझाने के लिए 100 से अधिक रेलवे स्टाफ व एनजीओ की ओर से काउंसलिंग की गई है। दोस्त बनाया गया है। बच्चों को खेल के सामान, टॉफी के साथ पत्थरबाजी से होने वाले नुकसान के बारे में में बताया जाता है।

  2. 1 साल में 203 पत्थरबाजों पर की कार्रवाई

    डीआरएम आरएन सिंह का कहना है कि पत्थरबाजी की 85% से अधिक घटनाओं के लिए नाबालिग जिम्मेदार हैं। उन्हें पकड़ा जाता है तो काउंसलिंग के बाद छोड़ दिया जाता है। फिर वे ऐसी हरकत करते हैं। रेलवे पुलिस ने एक साल में 203 पत्थरबाजों पर कार्रवाई की है। दिल्ली पूर्व में 18 और वेस्ट रेंज में 185 पत्थरबाजों पर रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई हुई है।

  3. यहां ज्यादा घटनाएं

    दिल्ली-एनसीआर रेंज में ट्रैक के पास 1000 से अधिक झुग्गी बस्ती हैं। चंदर विहार, मंडावली, ओखला, साहिबाबाद, लाजपत नगर, तुगलकाबाद, शकूरबस्ती, सराय रोहिल्ला, कीर्ति नगर, पटेल, दया बस्ती के पास घटनाएं ज्यादा होती हैं। ट्रैक के पास फेंसिंग नहीं की गई।

  4. 370 ट्रेनों का नहीं हुआ मेंटिनेंस

    दैनिक यात्री संघ (पालम) के जनरल सेक्रटरी बालकृष्ण अमर सारिया ने बताया कि पत्थरबाजों ने बीते एक साल में 370 डेमू-मेमू-ईएमयू ट्रेनों को निशाना बनाया है, लेकिन एक भी ट्रेन का मेंटिनेंस नहीं हुआ है।

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