दिल्ली / अनधिकृत बस्तियों में महिलाओं के नाम से या संयुक्त रूप से होगी रजिस्ट्री

Registry will be in the name of women in unauthorized settlements or jointly
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Registry will be in the name of women in unauthorized settlements or jointly

  • दिल्ली के 40 लाख लोगों की मुराद पर अंतिम मुहर  अनधिकृत काॅलोनियों को नियमित करने का बिल राज्य सभा में भी पास

Dainik Bhaskar

Dec 05, 2019, 04:16 AM IST

नई दिल्ली . दिल्ली की 1700 से अधिक अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने और निवासियों को मालिकाना अधिकार देने संबंधी विधेयक पर बुधवार को संसद की मुहर लग गई। राज्यसभा ने 3 घंटे चली चर्चा के बाद विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। लोकसभा ने इसे पिछले सप्ताह ही अपनी मंजूरी दी थी। आवास एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि यह विधेयक दिल्ली की 40 लाख की आबादी को राहत देगा।

इससे लाेगों को अपनी मकान और जमीन पर मालिकाना हक मिल सकेगा और वे इस पर ऋण आदि ले सकेंगे। इसके अलावा उन्हें बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि इन बस्तियों में संपत्ति की रजिस्ट्री महिला के नाम से या महिला के साथ पुरुष के नाम से संयुक्त रूप से होगी। रजिस्ट्री के लिए मामूली शुल्क चुकाना होगा। रजिस्ट्री की प्रक्रिया 16 दिसंबर से शुरू हाे जाएगी। रजिस्ट्री की सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन होंगी।

1100 कॉलोनियों का नक्शा पूरा हो चुका, रजिस्ट्री के लिए 16 दिसंबर से लिए जाएंगे ऑनलाइन आवेदन

पुरी ने कहा कि 1100 कॉलोनियों का नक्शा पूरा किया जा चुका और 600 के लिए जारी है। 16 दिसंबर से डीडीए पोटर्ल शुरू करेगा, जिस पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। इसके लिए 50 हेल्पडेस्क शुरू की जा चुकी हैं, जिन्हें 75 किया जाएगा। पुरी ने कहा कि 1731 अनधिकृत कॉलोनियों की डिजिटल मैपिंग का काम इस साल 31 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।

पुरी ने कांग्रेस-आप पर निशाना साधा, विपक्ष ने पॉलिटिकल स्टंट बताते हुए पूछा - 5 साल पहले क्यों नहीं लाए विधेयक

पुरी ने कहा कि 2008 में दिल्ली की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने एक अधिसूचना जारी की थी और 760 कॉलोनियों को चिह्नित किया था। इसके बाद प्रयास धीमे हो गए। मौजूदा दिल्ली सरकार ने केंद्र को बताया कि जिन एजेंसियों को कॉलोनियों की मैपिंग का काम दिया गया है, वे इसे पूरा नहीं कर पा रही हैं। तब केंद्र सरकार ने लोगों को उनके मकानों का मालिकाना हक देने का फैसला किया। कांग्रेस की कुमारी सैलजा, टीएमसी की डोला सेन और सपा के जावेद अली खान ने सवाल उठाया कि यह बिल पांच साल पहले क्यों नहीं लाए।

बिल पेश करते समय गोयल-संजय सिंह में तकरार

विस चुनाव से पहले याद नहीं आया : संजय सिंह
पूर्व में दिल्ली और केंद्र में भाजपा की सरकारें होने के बावजूद अनधिकृत कालोनियों को नियमित नहीं किया गया। दिल्ली विस का चुनाव निकट आने पर विधेयक पेश किया गया। दिल्ली सरकार लोगों को पहले ही कई सुविधाएं दे रही है। - संजय सिंह, आप 

बिजली और प्रदूषण की समस्या बरकरार : गोयल
दिल्ली में 1731 अनधिकृत कॉलोनी हैं। यहां झुग्गी-झोपड़ी में करीब 40 लाख लोग रहते हैं जबकि पांच लाख लोग सड़कों पर रात गुजारते हैं। दिल्ली में नाली, सड़क, सीवर, बिजली, स्वास्थ्य और प्रदूषण जैसे समस्याएं बरकरार हैं। - विजय गोयल, भाजपा

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