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दिल्ली / अब वाहन चोरी होने के बाद नई गाड़ी के लिए ले सकेंगे वही पुराना नंबर



same old number you can take for new Vehicle
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same old number you can take for new Vehicle
  • अभी तक राजधानी में 3 साल पुराने वाहनों पर है नंबर रिटेंशन पॉलिसी
  • अब नया नियम, एफआईआर दर्ज कराते समय बीमा वैध होना जरूरी

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2018, 02:43 AM IST

अखिलेश कुमार, नई दिल्ली. आपका वाहन खो गया है और आप पुराने वाहन का पसंदीदा नंबर नई गाड़ी में लगवाना चाहते हैं तो उसके लिए परिवहन विभाग ने नया सरकुलर जारी किया है। आपको वो नंबर तभी मिल पाएगा जब आपके पास वाहन चोरी या एफआईआर रजिस्ट्रेशन के समय उस वाहन का वैध बीमा प्रमाणपत्र रहा हो।

 

अब सिर्फ पुराने वाहन की एफआईआर और अनट्रेस रिपोर्ट मात्र से अापका पसंदीदा नंबर या वीआईपी नंबर नहीं मिलेगा। वाहनों के नंबर रिटेंशन पॉलिसी का लोग गलत फायदा न उठा सकें, इसलिए विभाग की उपायुक्त अाशा चौधरी मल्होत्रा ने सरकुलर जारी किया है।


दिल्ली में अपने किसी पुराने वाहन का नंबर नए वाहन पर लेने के लिए एक रिटेंशन पॉलिसी है। उसके हिसाब से जिस वाहन नंबर को नए वाहन पर लेना चाहते हैं, वो वाहन आपके नाम उससे पहले कम से कम 3 साल तक होनी चाहिए। तो वहीं चोरी हुए वाहनों को लेकर कोई फ्रेम सरकुलर या नियम इसके अलावा अलग से नहीं था।

 

नंबरों को गलत तरीके अपनाकर रिटेंशन की धांधली का डर : दिल्ली में वीआईपी नंबर 0001 की नीलामी बोली 5 लाख रुपये से शुरू होती है जबकि बाकी नंबर 0002 से 0009 तक के नंबर 3 लाख रुपए से शुरू होते हैं। 2 लाख, एक लाख रुपए से भी शुरू होते हैं। विभाग के अधिकारी बाते हैं कि इन नंबरों के रिटेंशन में गलत तरीके अपनाए जाते हैं इसलिए सरकुलर में नियम फ्रेम किए गए हैं। लोग गलत तरीके से बाहर बेचे गए वाहन की ऑनलाइन एफआईआर और अनट्रेस रिपोर्ट लेकर नंबर रिटेंशन करवा लेते थे।

 

जारी करना पड़ा सरकुलर : अधिकारी बताते हैं कि हरियाणा के परिवहन आयुक्त ने दिल्ली से जानकारी मांगी कि अगर कोई वाहन चोरी हो गया है और वो नंबर वाहन मालिक नए वाहन पर लेना चाहता है तो क्या पॉलिसी है? विशेष आयुक्त और परिवहन आयुक्त ने जब जूनियर अधिकारियों से पूछा कि चोरी वाहनों के नंबर का रिटेंशन कैसे करते हैं तो कोई फ्रेम नियम या सरकुलर नहीं था। इसलिए नया सरकुलर जारी किया गया।

 

ये शर्तें जरूरी

  • वाहन चोरी की एफआईआर दर्ज होने वाले दिन वाहन का वैध बीमा होना चाहिए। 
  • जिस चोरी हुए वाहन का नंबर नए वाहन पर लेना चाहते हैं उस वाहन का एफआईआर रजिस्टर हुआ हो। 
  • वाहन का जो नंबर वाहन मालिक के नाम है, उसे नए वाहन पर चढ़ाने(रिटेंशन) के आवेदन के साथ पुलिस की वाहन चोरी की अनट्रेस रिपोर्ट भी लगानी होगी।  
  • वाहन का नंबर लेना चाहते हैं कि जिस दिन वाहन चोरी की पुलिस से अनट्रेस रिपोर्ट मिले उसके 180 दिन के भीतर आवेदन करना जरूरी है। अगर उससे ज्यादा दिन हो जाएंगे तो नंबर नहीं मिलेगा।
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