पुलिस ने कहा: सरबजीत पर पहले भी दर्ज हो चुके हैं मारपीट के मामले, वार्निंग देकर छोड़ा गया था

3 वर्ष पहले
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मंगलवार तड़के मुखर्जी नगर थाने के बाहर भारी प्रदर्शन करते लोग। - Dainik Bhaskar
मंगलवार तड़के मुखर्जी नगर थाने के बाहर भारी प्रदर्शन करते लोग।
  • मुखर्जी नगर में ऑटो चालक की बेरहमी से पिटाई के मामले में आया नया मोड़
  • सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी- चरमपंथी खराब करना चाहते हैं सिख कौम की छवि

नई दिल्ली. मुखर्जी नगर में सरबजीत व बेटे की पिटाई के मामले में मंगलवार को नया खुलासा हुआ है। ग्रामीण सेवा चालक सरबजीत सिंह पर 3 अप्रैल को गुरुद्वारा बंगला साहिब के सेवादार ने मारपीट का मामला पार्लियामेंट थाने में दर्ज कराया था। इसके अलावा एक मामला तिमारपुर और 2 अन्य मामलों में शिकायत दी गई थी। हालांकि इन तीनों मामलों में उन पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था। पुलिस ने पहली शिकायत सीआरपीसी 107/151, दूसरी 107/151 तथा तीसरे 102बी/107/151 के तहत कार्रवाई कर हिदायत देकर छोड़ दिया गया था। फिलहाल गत रविवार को हुए मुखर्जी नगर मारपीट मामले में क्राइम ब्रांच ने केस लेते हुए अपनी जांच शुरू कर दी है।

 

पुलिस के मुताबिक 3 अप्रैल 2019 को बंगला साहिब गुरुद्वारा के सेवादार मंगल सिंह ने पुलिस को बताया था कि वह 3 अप्रैल को उनकी ड्यूटी शालू सिंह के साथ थी। ड्यूटी के वक्त 6.25 बजे गुरुद्वारे में बने सरोवर के पास पहुंचे तो एक आदमी सोया हुआ था और उसके पास उसका बेटा बैठा हुआ था। वह 3-4 दिनों से अपने बेटे के साथ गुरुद्वारे में रह रहा था। जब उनसे पूछताछ की गई तो वह झगड़ने लगा। इसके बाद उन्होंने इस बारे में गुरुद्वारे के मैनेजर राजेंद्र सिंह को बताया। उन्होंने सरबजीत और उनके बेटे को ऑफिस में लाने काे कहा। जब शालू सिंह उन्हें ले जाने लगे तो बेटा भागने लगा। उसके दौड़ा कर पकड़ा गया। तभी सरबजीत ने शालू सिंह पर हमला कर दिया और जान से मारने की धमकी देकर मारपीट की।

 

ऑटो में ही सो जाते हैं बाप-बेटा

सबरजीत सिंह मुखर्जी नगर इलाके के गांधी विहार में ई-290 में परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में एक नाबालिग बेटा है। पत्नी का कई साल पहले देहांत हो चुका है। सरबजीत सिंह के ग्रामीण सेवा के साथियों ने बताया कि वह घर पर कम ही जाते हैं। दोनों पिता व बेटा गांधी विहार स्टैंड पर ही ऑटो में सो जाते हैं। सरबजीत के पिता ने बताया कि वह करीब 15 साल से ऑटो चला रहे हैं।

 

प्रतियोगी छात्रों में भी दहशत

माहौल का असर प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों पर भी साफ असर नजर आ रहा है। वायरल वीडियो को देखते हुए उनके परिजन उन्हें वापिस बुला रहे है। पिछले 2 दिन में आस-पास के राज्यों के करीब 2 दर्जन छात्र अपने-अपने घर चले गए है। छात्रों का कहना है जब माहौल शांत हो जाएगा तब वापिस आ जाएंगे। गांधी विहार के डी ब्लॉक में रहने वाले पंकज ने बताया कि पास सांगानेर के रहने वाले है। रात को घर से फोन आया और उन्हें घर वापस बुलाय गया है।

 

 

अाॅटाे चालक यूनियन की दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग

मुखर्जी नगर में ग्रामीण सेवा चालक सरबजीत की पिटाई के मामले में आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) की ऑटो एवं ई रिक्शा यूनियन ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। प्रकोष्ठ के 10 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने ज्ञापन में कहा कि पुलिस ऑटो चालकों के साथ बदतमीजी के मामले आए दिन चर्चा में आते रहते हैं। इसके अलावा भी पुलिस वाले छोटी-छोटी बातों पर ऑटो वालों को परेशान करते रहते हैं।  

 

समझाने गए सिरसा से भीड़ ने की धक्का मुक्की
थाना मुखर्जी नगर में 16 जून को ग्रामीण सेवा के एक ऑटो चालक और दिल्ली पुलिस के बीच की झड़प से हुई सिखों के दूसरे दिन के प्रदर्शन को शांत कराने के पहुंचे दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान मनजिंदर सिंह सिरसा के साथ प्रदर्शनकारियों ने धक्का-मुक्की की। पंजाब से आए सिख नेता बलदेव सिंह दादूबाल के साथ थाने पहुंची लगभग 2 हजार सिखों की भीड़ ने गुस्से में सिरसा को घेरकर उनके खिलाफ नारेबाजी की। बड़ी मुश्किल से सिरसा अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन स्थल से निकाल पाए। सिरसा ने कहा कि सभ्य समाज में हिंसा की कोई जगह नहीं है।