सुप्रीम कोर्ट / सीटेट में गरीबों काे 10% आरक्षण की मांग पर केंद्र व सीबीएसई से जवाब मांगा



SC seeks response from Center and CBSE on demand for reservation of 10% of poor in CTET
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SC seeks response from Center and CBSE on demand for reservation of 10% of poor in CTET

  • सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई, एनसीटीई से भी जवाब तलब
  • कोर्ट ने कहा - नीति से जुड़े मामले में हम फैसला नहीं ले सकते

Dainik Bhaskar

May 17, 2019, 02:04 AM IST

नई दिल्ली. केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी सीटीईटी-2019 में आर्थिक पिछड़ाें काे 10% आरक्षण देने की मांग पर सुप्रीम काेर्ट ने सीबीएसई, केंद्र सरकार और नेशनल काउंसिल फाॅर टीचर्स एजुकेशन से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 1 जुलाई काे सुनवाई हाेगी। सीटीईटी-2019 में शामिल छह परीक्षार्थियाें ने काेर्ट से मांग की है कि संविधान के 103वें संशाेधन में सामान्य वर्ग के आर्थिक पिछड़ाें काे मिले 10% आरक्षण का लाभ उन्हें भी दिया जाए।

 

यह संशाेधन इस साल 16 जनवरी से लागू हुआ था। गुरुवार काे सुनवाई के दाैरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि संविधान का यह संशाेधन आर्थिक पिछड़े वर्गाें के उत्थान के लिए है। यह आरक्षण लागू करने पर याचिकाकर्ता क्वालिफाई कर सकते हैं। केंद्र सरकार यह कानून लागू करने पर सुझाव दे सकती है। हालांकि, जस्टिस इंदिरा बनर्जी की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि हम इस पर कुछ नहीं कहेंगे। यह नीति से जुड़ा मामला है और ऐसे फैसले सरकार ही लेती है। नीति पर हम फैसला नहीं ले सकते।
 

सीबीएसई में इस बार सवर्ण आरक्षण नहीं

सीबीएसई ने 23 जनवरी 2019 काे सीटीईटी के विज्ञापन में आर्थिक पिछड़ाें काे आरक्षण नहीं दिया था। इसके खिलाफ सुप्रीम काेर्ट में रिट याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने इसे संवैधानिक अधिकाराें का उल्लंघन बताया है। काेर्ट ने 13 मई काे कहा था कि क्वालिफाइंग परीक्षाओं में आरक्षण नहीं है।

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