पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

माइक्रोसॉफ्ट के नाम पर यूएस, ऑस्ट्रेलिया कनाडा में फर्जी अलर्ट भेज करोड़ों की ठगी

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
  • देश में 40 से ज्यादा स्थानों पर हैं फर्जी कॉल सेंटर, प्रति महीने 8 करोड़ से ज्यादा की ठगी
  • मामले में एफबीआई समेत कनाडा पुलिस और इंटरपोल तक की मदद ली जा रही है

नोएडा. अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया समेत 12 से ज्यादा देशों में माइक्रोसॉफ्ट विंडो यूज करने वाले लोगों के सिस्टम पर फर्जी पॉप-अप मैसेज भेजकर ठगी करने वाले कई गैंगों का खुलासा हुआ है। अलग-अलग गैंग के नोएडा से कुल 27 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये जालसाज कंप्यूटर स्क्रीन पर माइक्रोसॉफ्ट वॉर्निंग अलर्ट या विंडो वायरस अटैक या अन्य ऐसे अलर्ट के मैसेज भेजकर माइक्रोसॉफ्ट टेक सपोर्ट के नाम पर अपना वर्चुअल नंबर देकर ठगी करते थे। 

 

नोएडा में 9 ठिकानों पर छापेमारी, 27 गिरफ्तार 

मामले में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की तरफ से नोएडा पुलिस से शिकायत की गई थी। इसमें कहा गया था कि नोएडा व ग्रेटर नोएडा में कई फर्जी कॉल सेंटर चलाए जा रहे हैं जिनके जरिए विदेशी नागरिकों से रोजाना लाखों रुपए की ठगी हो रही है।

 

एसएसपी डॉ. अजयपाल ने बताया कि पुलिस की अलग-अलग 8 टीमों में 50 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने पिछले 2 दिनों से लगातार छापेमारी करके 27 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें नोएडा के सेक्टर-2, 3, 6, 8, 135 के अलावा सेक्टर-62 व ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 से भी कॉल सेंटर शामिल हैं। पकड़े गए आरोपियों में ज्यादातर बीबीए, एमबीए व बीटेक कर चुके छात्र हैं। 

 

ऐसे हुआ खुलासा

जालसाज ठगी करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट के फर्जी लोगो का इस्तेमाल करते थे। हेल्पलाइन नंबर के लिए अमेरिका के वर्चुअल नंबर को जनरेट कर लेते थे। इसके बाद जब कोई झांसे में आकर कॉल करता था तो फर्राटेदार अंग्रेजी में बात करके खुद को माइक्रोसॉफ्ट का इंजीनियर बताते थे।

 

पेमेंट के लिए तैयार होने पर पे-पाल या दूसरे अकाउंट में पैसे मंगा लेते थे। ऐसे में उनकी पहचान छुप जाती थी। जब पॉप-अप भेजे जाने वाले आईपी की उसकी जांच हुई तब पता चला कि डोमेन और सर्वर इंडिया के अलग-अलग शहरों के हैं। इस आधार पर माइक्रोसॉफ्ट, एफबीआई व कनाडा पुलिस की मदद से इन जालसाजों तक पहुंचा गया।

 

अलर्ट हो गया माइक्रोसॉफ्ट यूएस

माइक्रोसॉफ्ट के डिजिटल क्राइम यूनिट की असिस्टेंट जनरल काउंसेल कोर्टने ग्रेजिओर ने बताया कि पर्सनल कंप्यूटर पॉप-अप के जरिए ठगी के शिकार होने के हर महीने 10 हजार से ज्यादा शिकायतें मिल रहीं थीं। यह भी पता चला कि माइक्रोसॉफ्ट के फर्जी टेक सपोर्ट के नाम पर हेल्पलाइन नंबर देकर डॉलर वसूले जा रहे हैं। पुलिस की अब तक की पड़ताल में पता चला है कि इंडिया में ऐसे 40 फर्जी कॉल सेंटरों के जरिए हर महीने तकरीबन 8 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी हो रही है।