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भास्कर खास / सबसे कम उम्र में सचिन का रिकॉर्ड तोड़ने वाली शेफाली और कोच की सलाह पर ऑलराउंडर बनी ऋ चा महिला वर्ल्ड कप टीम में

Shefali, who broke Sachin's record as the youngest and became the all-rounder on the advice of the coach in the Women's World Cup squad
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Shefali, who broke Sachin's record as the youngest and became the all-rounder on the advice of the coach in the Women's World Cup squad

  • टी-20 महिला वर्ल्ड कप में देश के लिए खेलेंगी 15 साल की शेफाली और 16 साल की ऋचा
  • दाेनों के पिता बोले- देश के लिए खेलने का सपना पूरा

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2020, 11:29 AM IST

नई दिल्ली . आईसीसी टी-20 महिला वर्ल्ड कप के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम में हरियाणा की 15 साल की शेफाली वर्मा और बंगाल की 16 साल की ऋचा घोष भी खेलेंगी। शेफाली हाल में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्द्धशतक जड़कर भारत की सबसे युवा खिलाड़ी बनी हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का 30 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा।  ऋचा को महिला चैलेंजर ट्रॉफी में उनके अच्छे प्रदर्शन के बाद चुना गया। ऋचा ने 26 गेंद में 36 रन बनाए थे। पेश है टीम में शामिल दोनों नए चेहरों की कहानी...

कोच ने कहा- लंबाई का फायदा उठाओ,  बॉलिंग भी करो; बात मानी तो टीम में ऑलराउंडर हूं: ऋ चा

‘मैंने अपना कॅरिअर विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में शुरू किया था। लेकिन जब बंगाल से क्रिकेट खेलना शुरू किया तो कोच ने मेरी लंबाई (5 फीट 10 इंच) देखते हुए बॉलिंग करवाई। मैं बॉलिंग भी करने लगी और टीम में ऑलराउंडर के रूप में शामिल हुई। 12 साल की उम्र में मैं बंगाल की ओर से अंडर-17, अंडर-19 अौर सीनियर टीम में खेली। हालांकि, पहले साल बल्लेबाज के तौर पर ही शामिल की गई थी। लेकिन बाद में गेंदबाजी भी करने लगी। वर्ल्ड कप मेेरे कॅरिअर का पहला इंटरनेशनल मैच भी है। यह मेरे लिए गौरव की बात है। ये दिन मैं कभी भूल नहीं पाऊंगी। यही वजह है कि फरवरी में हाेने वाली दसवीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो पाऊंगी। मेरा देश के लिए खेलने का मेरे पापा मानवेंद्र घोष का सपना आज पूरा हुआ।’

किट खरीदने के पैसे नहीं थे तो टूटे बल्ले से शेफाली ने 7 महीने तक प्रैक्टिस की थी

एक समय वह भी था, जब शेफाली टूटे बल्ले और फटे हुए दस्तानों से प्रैक्टिस किया करती थीं। करीब सात महीने तक ऐसे ही संघर्ष का दौर चला। चोटों का सामना भी करना पड़ा। शेफाली के पिता संजीव वर्मा ने बताया कि अप्रैल, 2016 में नौकरी दिलाने के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी हो गई थी और इस कारण घर की अार्थिक स्थिति खराब हो गई। इसके बाद भी करीब सात माह तक शेफाली ने प्रैक्टिस नहीं छोड़ी। इसके बाद शेफाली ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। शेफाली ने लाहली स्टेडियम में हुए रणजी मैच में सचिन को खेलते देखकर ही क्रिकेट को कॅरिअर बनाने की ठानी थी। आज मुझे बेटी के सिलेक्शन पर गर्व है।
 

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