तंजानिया की बच्ची को था क्रिकेट बॉल जितना ब्रेन टयूमर, दिल्ली के डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी

3 वर्ष पहले
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8 वर्षीय लड़की जॉयफ्रॉड ऑनेस्ट जॉन। - Dainik Bhaskar
8 वर्षीय लड़की जॉयफ्रॉड ऑनेस्ट जॉन।
  • 8 साल की बच्ची सर्जरी के दौरान अत्यधिक रक्त बहना थी बड़ी समस्या
  • पैरालिसिस या किसी अन्य न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर होने का खतरा था

नई दिल्ली. ब्रेन में छोटा सा भी टयूमर जान खतरे में डाल देता है। तंजानिया की आठ साल की बच्ची के ब्रेन में क्रिकेट बॉल साइज के टयूमर का पता चला तो उसके परिजन परेशान हो गए। डॉक्टर के पास गए तो वहां इससे उसकी जान को खतरा बताया। इसके बाद बच्ची के परिजन दिल्ली आ गए। यहां उन्होंने नई तकनीक से सर्जरी कराई जो 6 घंटे तक चली। अब बच्ची ठीक है। जानकारी के मुताबिक तंजानिया की 8 वर्षीय लड़की जॉयफ्रॉड ऑनेस्ट जॉन को हाल ही में दुर्लभ किस्म का क्रिकेट बॉल के साइज का ब्रेन ट्यूमर होने का पता चला था। न्यूरोसर्जन ने माइक्रोसर्जरी को अंजाम देते हुए न्यूरो नेविगेशन की मदद से बड़े ब्रेन ट्यूमर को हटा दिया। 

न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर होने का खतरा था
अस्पताल के सेंटर फॉर न्यूरोसाइंसेस में न्यूरो सर्जरी और न्यूरो स्पाइन के डायरेक्टर और एचओडी डॉ अनिल कंसल ने बताया कि जॉयफॉर्ड को बार-बार उल्टी, अफासिया, यूरीन संबंधी समस्याओं, देखने में समस्या और शरीर के दाएं हिस्से में कमजोरी जैसी परेशानी के चलते हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। ब्रेन एमआरआई से पता चला कि सेब्रल हेमीस्फियर में 8.7x8.6x7.8 सेंटीमीटर का एक बड़ा ट्यूमर है। जॉयफ्रॉड के केस में इस किस्म का ट्यृमर सर्जरी के लिहाज से काफी जटिल था। इसमें पैरालिसिस या किसी अन्य न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर होने का खतरा था। यह सर्जरी बीएलके सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में कराई गई।

चक्कर, दौरे आएं तो हो जाएं चौकन्ने
डॉक्टर कंसल ने कहा कि ब्रेन ट्यूमर का कारण आज तक किसी को पता नहीं चल सका है लेकिन इसका इलाज है। समय पर ट्यूमर के बारे में पता चलने पर इसका उपचार है आसान है, वर्ना यह जानलेवा भी हो सकता है। इसके लिए जरूरी है कि इसके लक्षणों का पता चले तो चौकन्ने हो जाएं। चक्कर, दौरे आएं तो सावधान हो जाएं। ऐसे स्थिति में आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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