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  • Two players from India in Special Olympics; Champion of four other sports apart from one skating, the other's mother is selling tea and leading the son.

ओलिम्पिक विंटर गेम्स / भारत के 2 खिलाड़ी शामिल होंगे; एक स्केटिंग के अलावा चार अन्य खेलों की चैम्पियन, दूसरे की मां चाय बेचकर आगे बढ़ा रही है

रचना अभी सातवीं क्लास में पढ़ती है। दिव्यांग होने के बाद भी उन्होंने कई खेलों में उतरने का फैसला किया। मांशु सामान्य वर्ग में भी मेडल जीत चुके हैं। रचना अभी सातवीं क्लास में पढ़ती है। दिव्यांग होने के बाद भी उन्होंने कई खेलों में उतरने का फैसला किया। मांशु सामान्य वर्ग में भी मेडल जीत चुके हैं।
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रचना अभी सातवीं क्लास में पढ़ती है। दिव्यांग होने के बाद भी उन्होंने कई खेलों में उतरने का फैसला किया। मांशु सामान्य वर्ग में भी मेडल जीत चुके हैं।रचना अभी सातवीं क्लास में पढ़ती है। दिव्यांग होने के बाद भी उन्होंने कई खेलों में उतरने का फैसला किया। मांशु सामान्य वर्ग में भी मेडल जीत चुके हैं।

  • अगले साल होने वाले स्पेशल आइस स्केटिंग टूर्नामेंट में भारत से रचना और तांशु खेलने जाएंगे 
  • स्वीडन में 2021 स्पेशल ओलिंपिक वर्ल्ड विंटर गेम्स होंगे, इससे पहले, वहां अगले साल ओलिंपिक टेस्ट इवेंट होगा

Dainik Bhaskar

Nov 29, 2019, 11:56 AM IST

नई दिल्ली (राजकिशोर). स्वीडन में 2021 स्पेशल ओलिम्पिक वर्ल्ड विंटर गेम्स होने हैं। इससे पहले, वहां अगले साल ओलिंपिक टेस्ट इवेंट होगा। इस टेस्ट इवेंट के लिए भारत से सिर्फ दो खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। 14 साल के रचना और तांशु। ये दोनों खिलाड़ी आइस स्केटिंग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। स्पेशल ओलिंपिक में दिव्यांग खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। गुड़गांव की रचना आइस स्केटिंग के अलावा चार अन्य खेलों की भी चैंपियन हैं जबकि अंबाला के तांशु की मां चाय बेचकर बेटे को खेल में आगे बढ़ा रही हैं। 

स्वीमिंग, रोलर स्केटिंग में भी रचना मेडल जीत चुकी हैं 

हरियाणा की रचना आइस स्केटिंग के अलावा रोलर स्केटिंग, स्वीमिंग, साइक्लिंग और मैराथन में भी मेडल जीत चुकी हैं। रचना के पिता कुलदीप हरियाणा पुलिस में हैं। वे बताते हैं, ‘रचना के जन्म के समय हमें पता नहीं चला था कि वह मेंटली डिस्टर्ब है। जब वह 6 महीने की थी, तब कोमा में चली गई। उसकी बीमारी का पता हमें तब चला। इसके बाद हमने उसका एडमिशन स्पेशल कैटेगरी के स्कूल में कराने का फैसला लिया। 

8 साल पहले तांशु के पिता की मृत्यु हो गई थी 
हरियाणा के ही तांशु के पिता की 8 साल पहले मृत्यु हो गई थी। तब तांशु की उम्र 6 साल थी। तांशु का एक छोटा भाई भी है। दोनों बेटों के पालन-पोषण के लिए तांशु की मां रजनीबाला ने चाय बेचना शुरू किया। रजनीबाला बताती हैं, ‘तांशु के स्कूल में ही उसके टीचर चंद्रहास शर्मा ने उसे रोलर स्केटिंग की ट्रेनिंग दी। वह अब तक सामान्य और स्पेशल वर्ग में रोलर स्केटिंग में कई मेडल जीत चुका है। कोच चंद्रहास ने प्रेरित किया।’

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