सुविधा / वाहन रजिस्टर 4 दिन में पहुंचेगा आपके घर, नहीं मिलने पर कूरियर कंपनी पर जुर्माना

Dainik Bhaskar

Dec 08, 2018, 02:16 AM IST



vehicle registration will arrive in 4 days
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vehicle registration will arrive in 4 days

  • हर माह 85 हजार वाहनों की आरसी होती है प्रिंट
  • अभी स्पीड पोस्ट से भेजी जाती है, जिसमें देरी पर नहीं लगता है जुर्माना

अखिलेश कुमार, नई दिल्ली. दिल्ली में वाहन रजिस्टर, ट्रांसफर या डुप्लीकेट वाहन रजिस्ट्रेशन (आरसी) लेने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। भारतीय डाक विभाग के स्पीड पोस्ट की बजाय अब कूरियर ब्याय आपकी आरसी लेकर आएगा, वो  भी 4 दिन के अंदर। अगर वाहन मालिक के पास 4 दिन में कूरियर कंपनी आरसी नहीं पहुंचा पाई तो उस पर हर आरसी के लिए एक हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। अगर 7 दिन से ज्यादा वक्त लगा तो जुर्माने के तौर पर दो हजार रुपए देना पड़ेगा।  अगर कोई आरसी गुम हो गई तो इसके लिए भी 1000 रुपये का जुर्माना कूरियर कंपनी पर लगेगा।

 

 

दिल्ली में हर महीने 13 जोनल ऑफिस और कमर्शल वाहनों के लिए हेडक्वार्टर में वाहनों के रजिस्ट्रेशन, वाहन ट्रांसफर, डुप्लीकेट आरसी आवेदन के कारण 85 हजार नई आरसी हर महीने प्रिंट होती है। अभी ये आरसी भारतीय डाक विभाग के स्पीड पोस्ट से जाती है जो 3 दिन में मिल जानी चाहिए, लेकिन आरसी पैकिंग और डाक विभाग तक पहुंचाने की जिम्मेदारी विभाग की होती है।  
 

कभी एमएलओ दफ्तर तो कभी डाक विभाग में पड़ी रहती है आरसी : 
अधिकारी बताते हैं कि कर्मचारियों की कमी के कारण कई दिन तक आरसी मोटर लाइसेंसिंग ऑफिसर के दफ्तर में ही पड़े रहते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। कूरियर कंपनी एंट्री चेक करके एमएलओ ऑफिस से लेगी। कूरियर से वाहन मालिक तक भेजेगी। आरसी पहुंचाने के बाद परिवहन विभाग के पास 3 दिन में रिसीविंग जमा कराएगी। वाहन मालिक को एसएमएस से ट्रैकिंग की सुविधा होगी।

 

अभी लगाने पड़ते हैं दफ्तर के चक्कर :
स्पीड पोस्ट से आरसी भेजे जाने पर अगर वाहन मालिक नहीं मिलता है तो डाकिया वापस ले जाता है। दूसरी बार वे  देने नहीं आता। बल्कि जिस इलाके में वाहन मालिक रहता है, वहां के पोस्ट ऑफिस में संपर्क करता है। वहां मिलता है और अगर वहां नहीं मिलता तो 15 दिन बाद संबंधित  एमएलओ अॉफिस में वापस आता है। वहां कोई स्टैंप पेपर पर अंडरटेकिंग लेकर या कोई अन्य तरीके से आरसी देता है।

 

कई बार एमएलओ फिर से शुल्क भरने के बाद उसी पते पर भेजता है।स्पीड पोस्ट से आरसी भेजे जाने पर अगर वाहन मालिक नहीं मिलता है तो डाकिया वापस ले जाता है। दूसरी बार वे  देने नहीं आता। बल्कि जिस इलाके में वाहन मालिक रहता है, वहां के पोस्ट ऑफिस में संपर्क करता है। वहां मिलता है और अगर वहां नहीं मिलता तो 15 दिन बाद संबंधित  एमएलओ ऑफिस में वापस आता है। वहां कोई स्टैंप पेपर पर अंडरटेकिंग लेकर या कोई अन्य तरीके से आरसी देता है। कई बार एमएलओ फिर से शुल्क भरने के बाद उसी पते पर भेजता है।

 

स्पीड पोस्ट से हर आरसी पर 25 रुपये से ज्यादा खर्च :
स्पीड पोस्ट से आरसी भेजने में प्रति आरसी 25 रुपए से अधिक खर्च होता है, जबकि अधिकारियों को उम्मीद है कि कूरियर कंपनी मासिक 85 हजार पैकेट मिलने की वजह से इससे आधी राशि में सर्विस देने को तैयार हो सकती है। हालांकि टेंडर आने के बाद राशि का पता चलेगा। पहली बार एक साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट किया जाएगा।  

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