शाहीनबाग / हटने को तैयार नहीं महिलाएं और बच्चे, खुरेजी में भी सीएए के खिलाफ सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी

शाहीनबाग में हाथों में तख्ती लेकर सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करती महिलाएं। शाहीनबाग में हाथों में तख्ती लेकर सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करती महिलाएं।
जंतर-मंतर पर सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन करती महिलाएं। जंतर-मंतर पर सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन करती महिलाएं।
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शाहीनबाग में हाथों में तख्ती लेकर सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करती महिलाएं।शाहीनबाग में हाथों में तख्ती लेकर सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करती महिलाएं।
जंतर-मंतर पर सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन करती महिलाएं।जंतर-मंतर पर सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन करती महिलाएं।

  • नोएडा से सरिता विहार को जोड़ने वाली सड़क दोनों तरफ से है बंद
  • बलपूर्वक कार्रवाई करने से डर रही है पुलिस 

Dainik Bhaskar

Jan 15, 2020, 04:53 AM IST

नई दिल्ली . शाहिनबाग इलाके में कालिंदी कुंज रोड ए पर धरने पर बैठे लोगों को पुलिस किसी भी वक्त वहां से हटा सकती है। अब तो हाईकोर्ट ने भी इस मसले को लेकर बॉल पुलिस के पाले में डाल दी है और कहा है कि जनहित को ध्यान में रख पुलिस कदम उठाए। अब भी पुलिस की पहली कोशिश यही है लोगों को समझा बुझाकर वहां से हटाया जाए। क्योंकि वहां बैठे लोग बच्चों को आगे कर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस को डर है कि कहीं बलपूर्वक कार्रवाई किए जाने से कोई गलती न हो जाए। 


नोएडा से सरिता विहार को जोड़ने वाली इस सड़क पर महिलाएं, बच्चे और पुरुष 15 दिसम्बर से धरने पर बैठे हैं। इधर बैठे लोग नागरिकता कानून का विरोध कर रहे हैं। दोनों ओर की सड़क बंद है, जहां वाहनों की आवाजाही नहीं हो रही। इधर, मौजूद लगभग सौ की संख्या में शोरूम भी बंद पड़े हैं, जिसके चलते प्रतिदिन करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। मामला हाईकोर्ट में पहुंचा तो पुलिस को वहां से हिदायत मिली लाॅ एंड आर्डर को ध्यान में रख जो भी जरूरी कदम हों पुलिस उसे उठाए। उधर, सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से जंतर-मंतर तक मार्च निकाला। 

इधर, पूर्वी दिल्ली के खुरेजी इलाके में नागरिकता कानून के विरोध में महिलाओं ने किया प्रदर्शन, यहां पुलिस भी तैनात

वहीं, दूसरी तरफ पूर्वी दिल्ली के खुरेजी इलाके में पेट्रोल पंप के ठीक बराबर खाली प्लॉट में नागरिकता कानून के विरोध में महिलाएं बैठ गई हैं। वे सोमवार से धरने पर बैठी हैं। कुछ महिला के बच्चे भी साथ हैं। बीती रात यहां योगेन्द्र यादव भी पहुंच गए, जिन्होंने इस क्षेत्र को दूसरे शाहीनबाग की संज्ञा दे दी। उनके समर्थन में मंगलवार को जामिया, जेएनयू आदि विश्वविद्यालय के छात्र भी पहुंच गए। खासबात ये है कि जहां ये महिलाएं धरना प्रदर्शन कर रही हैं, वहीं नजदीक ही विवेकानंद योगाश्रम में लोग नागरिकता कानून को अपना समर्थन दे रहे हैं, वे भी यहीं पर बैठे हैं। वे यहां पर क्यों बैठे हैं, इस सवाल का जवाब देते हुए लोगों ने कहा इस नए कानून के तहत किसी को देश से नहीं निकाला जाएगा। कुछ राजनीतिक दल लोगों को गुमराह कर रहे हैं, जिस कारण जगह-जगह लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां पुलिस की तैनाती भी है।

शाहीनबाग में अय्यर बाेले- देखते हैं किसका हाथ मजबूत है, हमारा या उस कातिल का

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने शाहीनबाग में महिलाअाें काे संबाेधित किया। उन्हाेंने केंद्र सरकार पर हमला बाेलते हुए कहा कि वे चुनाव ताे “सबका साथ, सबका विकास’ के वादे पर लड़े, उन्हें बहुमत इस वादे पर मिला, लेकिन किया “सबका साथ, सबका विनाश’। अय्यर के भाषण का वीडियाे एक न्यूज एजेंसी ने जारी किया है। अय्यर कह रहे हैं- वाे करने काे तैयार हूं जाे वादा करते हैं, जाे कुछ सहारा मुझसे चाहते हाे, मैं- हम नहीं कर रहा हूं, मैं कह रहा हूं। जाे मुझसे चाहते हाे, वाे मैं देने काे तैयार अाैर जाे भी कुर्बानियां देनी हाे, उसमें मैं भी शामिल हाेने काे तैयार हूं। अब देखते हैं कि किसका हाथ मजबूत है। हमारा या उस कातिल का।

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