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रिसर्च / कम्पनीज के बीच बढ़ रही हैं वाइट-कॉलर फ्रीलांसर्स की डिमांड, 39% फ्रीलांसर्स बड़ी एमएनसीज के लिए करते हैं काम

According to research Demand for white-collar freelancers is increasing among companies
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According to research Demand for white-collar freelancers is increasing among companies

दैनिक भास्कर

Feb 17, 2020, 10:40 AM IST

एजुकेशन डेस्क. वाइट-कॉलर वर्कफोर्स (वे लोग जो किसी ऑफिस या प्रोफेशनल एनवायरनमेंट में काम करते हैं) का गिग मॉडल अब देश में काफी पसंद किया जा रहा है। गिग प्लेटफॉर्म, फ्लेक्सिंग इट की रिसर्च के अनुसार, कंपनीज उम्मीद जता रही हैं कि अगले 5 वर्षों में उनकी वर्कफोर्स में इंडिपेंडेंट टैलेंट का हिस्सा 15 फीसदी से भी अधिक होगा।

इस प्लेटफॉर्म की फाउंडर व सीईओ, चंद्रिका पसरिचा के अनुसार, “सर्वे में शामिल 90% से अधिक ऑर्गनाइजेशंस व फ्रीलांसर्स ने फ्रीलांस टैलेंट की स्ट्रैटजिक वैल्यू व प्रभाव को माना है। साथ ही बेस्ट फ्रीलांसर्स वे इन-डिमांड एक्सपर्ट्स हैं जो ऑर्गनाइजेशंस की बिजनेस प्रायोरिटीज हासिल करने में मदद कर रहे हैं।” 50 से अधिक ऑर्गनाइजेशंस व 560 से अधिक फ्रीलांसर्स के रेस्पॉन्सेज पर आधारित इसकी रिपोर्ट, क्राफ्टिंग और स्ट्रॉन्ग फ्रीलांसर वैल्यू प्रपोजिशन में ऐसे कई आंकड़े शामिल हैं।

  • 53% फ्रीलांसर्स को इस कॅरिअर को अपनाए हुए अभी तक दो वर्ष से भी कम समय हुआ है।
  • 39% फ्रीलांसर्स बड़ी एमएनसीज के लिए काम करते हैं और 15% स्टार्टअप्स के लिए।
  • 79% गिग वर्कर्स के पास दस वर्ष से अधिक व 33% के पास 21 वर्ष से अधिक का अनुभव है।
  • 90% प्रोजेक्ट्स जिन पर फ्रीलांसर्स ने काम किया, वे स्ट्रैटजिक प्रायोरिटी के थे।
  • 93% ऑर्गनाइजेशंस स्ट्रैटजिक वर्क के लिए फ्लेक्सिबल टैलेंट काम लेने व जिम्मेदारियां स्पष्ट करने में कंफर्टेबल हैं।

डिमांड में हैं ये रोल्स

  • छोटे प्रोजेक्ट्स में कंसल्टिंग व स्ट्रैटजी संबंधी रोल्स
  • इंडस्ट्री एक्सपर्टीज (जैसे ई-कॉमर्स के लिए सप्लाई चेन प्रॉब्लम्स सुलझाना)
  • नई स्किल्स (जैसे यूआई/यूएक्स), एना- लिटिक्स व डेटा साइंस
  • कोर सपोर्ट फंक्शंस जैसे एचआर (डायवर्सिटी, एचआर, प्रोसेसेज, फाइनेंस व लीगल)।

  • 31% फ्रीलांसर्स को अधिक पेमेंट नहीं मिलता परमानेंट एम्प्लॉईज से।
  • 34% ऑर्गनाइजेशंस ने फ्रीलांसर्स को इंसेंटिव्ज देने की बात कही, लेकिन 20% फ्रीलांसर्स ने ही बेनेफिट्स पाने की बात कही।
  • 40% से अधिक फ्रीलांसर्स ने कहा कि उन्हें नॉन-मोनेटरी बेनिफिट्स नहीं मिलते।

कंपनीज कैसे हायर कर रही हैं फ्रीलांसर्स को

  • फिलहाल बिजनेस टीम्स ही जरूरत के अनुसार, फ्रीलांसर्स को हायर करने के फैसले ले रही हैं (64%) और वह भी एचआर की सीमित भागीदारी से।
  • टैलेंट/प्रोजेक्ट्स के लिए फ्लेसिबल टैलेंट  प्लेटफॉर्म मुख्य स्त्रोत बनकर उभरे हैं (20%) और इनके आ ने वाले सालों में भी ग्रो करने की उम्मीद है।

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