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पैटर्न चेंज / आईसीएसआई ने किए कई बदलाव, अब फाउंडेशन खत्म, एग्जीक्यूटिव में 200 अंकों का एंट्रेंस टेस्ट और वायवा

ICSI has made many changes, now the foundation is over, the entrance test of 200 marks in executive and viva will be done
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ICSI has made many changes, now the foundation is over, the entrance test of 200 marks in executive and viva will be done

  • परीक्षा पास करने के लिए अटेम्प्ट की कोई बाधा नहीं है। जब तक सफल ना हों, परीक्षा में बैठ सकते हैं।
  • पहली बार किसी एंट्रेंस परीक्षा में होगा वेबकैम बेस्ड वायवा, सीसेट साल में 4 बार होगी। इसके लिए रजिस्ट्रेशन फॉर्म पूरे साल भरे जा सकेंगे।

दैनिक भास्कर

Feb 17, 2020, 01:09 PM IST

एजुकेशन डेस्क. द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) के नवनिर्वाचित नेशनल प्रेसिडेंट सीएस आशीष गर्ग रविवार को भोपाल में थे। अपने भोपाल दौरे पर आशीष गर्ग ने बताया- 3 फरवरी को मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स की मंजूरी के बाद से आईसीएसआई का फाउंडेशन लेवल खत्म हो गया है। अभी तक सीएस के एग्जीक्यूटिव लेवल में कोई भी स्टूडेंट जिसने ग्रेजुएशन किया है, वह सीधे दाखिल हो सकता था। 
लेकिन, नए बदलावों के मुताबिक, अब एग्जीक्यूटिव की पढ़ाई के लिए सीसेट में शामिल होना होगा। टेस्ट में 120 सवाल हल करने के बाद 15 मिनट का वायवा होगा। साथ ही जो स्टूडेंट्स 3 फरवरी के बाद फाउंडेशन में रजिस्ट्रेशन ले चुके हैं, उनको 2 अटेम्प्ट में परीक्षा पास करने का मौका यथावत दिया जाएगा। इसके अलावा स्टूडेंट्स को 6 महीने का टाइम पीरियड भी दिया गया है, जिसमें वे फाउंडेशन को छोड़कर सीधे सीएसईईटी (सीसेट) में शामिल होकर एग्जीक्यूटिव की तरफ बढ़ सकते हैं।

सीसेट- 2 घंटों में करने होंगे 120 सवाल हल 

  • 170 अंकों के सवाल होंगे बिजनेस कम्युनिकेशन, लीगल एप्टीट्यूट, इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस स्टडीज और करेंट अफेयर्स पर।
  • सवाल हल करने के बाद 30 अंकों का 15 मिनट का वायवा विंडो ओपन होगा 
  • 21 साल से अधिक उम्र का कोई भी व्यक्ति परीक्षा दे सकता है, 12वीं के बाद भी स्टूडेंट हो सकते हैं।
  • 50% अंक (ऑनलाइन टेस्ट-वायवा मिलाकर) हासिल करने वाले ही एग्जीक्यूटिव में दाखिले के लिए क्वालिफाई करेंगे।

यह है आईसीएसआई द्वारा किए गए नए बदलाव

  • पुराने पैटर्न के मुताबिक फाउंडेशन के बाद 3 साल की ट्रेनिंग या एग्जीक्यूटिव के बाद 2 साल की ट्रेनिंग या सीएस फाइनल के बाद 1 साल की ट्रेनिंग करनी होती थी। लेकिन, अब आईसीएसआई ने 24 महीनों की ट्रेनिंग अनिवार्य कर दी है। इस ट्रेनिंग में शुरुआती एक महीना स्किल आधारित ट्रेनिंग के लिए होगा, जिसमें 15 दिन चैप्टर ऑफिस में ट्रेनिंग होगी और अगले 15 दिन स्टूडेंट्स को ऑनलाइन कोर्स करने होंगे। इस एक महीने की ट्रेनिंग के बाद ही छात्र प्रैक्टिसिंग सीएस के अंडर में 21 महीनों की ट्रेनिंग पर जा सकेंगे।
  • 21 महीनों की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद 2 महीनों की रेजिडेंशियल ट्रेनिंग ‘कॉर्पोरेट लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम'' करना होगा। इसमें उन्हें आर्बिट्रेशन, मूटकोर्ट, ग्रुप डिस्कशन समेत कॉर्पोरेट वर्ल्ड में जरूरी सभी स्किल्स की ट्रेनिंग दी जाएगी।
  • 54 यूनिवर्सिटीज के साथ आईसीएसआई ने टाईअप किया है, जो सीएस फाइनल की पढ़ाई को पोस्ट ग्रेजुएशन के समकक्ष मानेंगी और सीएस फाइनल के बाद पीएचडी में सीधे एनरोल होने का मौका देंगी।
  • देशभर की 60 यूनिवर्सिटीज अब आईसीएसआई में रजिस्टर हुए स्टूडेंट्स को अपनी लाइब्रेरी रीडिंग रूम की तरह इस्तेमाल करने का मौका देंगी। इन यूनिवर्सिटीज में आईसीएसआई कंपनी सेक्रेटरीज के काम की सभी जरूरी किताबें रखेंगी, जिसे वे पढ़ सकेंगे।
  • इस साल 5 नए ओवरसीज सेंटर्स शुरू होंगे। ये सेंटर यूके, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, सिंगापुर और अफ्रीका में खुलेंगे।

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