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नई दिल्ली / नामी कंपनियों में नौकरी छोड़, अब गांव के बच्चों और किसानों की मदद में जुटे युवा पेशेवर

Quit jobs in well-known companies, now young professionals working to teach village children and help farmers
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Quit jobs in well-known companies, now young professionals working to teach village children and help farmers

  • आईआईटी के पूर्व छात्रों-प्रोफेसर की ट्रेनिंग से समाज और स्टार्टअप्स को नई दिशा

Dainik Bhaskar

Dec 02, 2019, 04:21 PM IST
एजुकेशन डेस्क (अमित कुमार निरंजन). देश के कुछ युवा ऊंचे वेेतन की नौकरियां छोड़कर समाज के उस तबके के लिए काम कर रहे हैं, जिन्हें उनकी मदद की सबसे अधिक जरूरत है। अन्ना आंदाेलन ने आईआईटी के साहिल अग्रवाल और कुमार शुभम जैसे कुछ युवाओं को देश के लिए कुछ सार्थक करने के लिए प्रेरित किया। इन युवाओं ने 2014 में विजन इंडिया फाउंडेशन (वीआईएफ) बनाया और एक ऐसा ट्रेनिंग मॉडल तैयार किया, जिसमें संविधान, कानून, आर्थिक नीति, लोकल गवर्नेंस, इनवायरमेंट जैसे विषय शामिल हैं। इस काम में उन्हें आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर नोमेश बोलिया और आईआईटी बॉम्बे के पूर्व छात्र शोभित माथुर का मार्गदर्शन मिला। ट्रेनिंग मॉडल बनाने में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पूर्व कैग विनोद राय, पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, टीएमसी के नेता दिनेश त्रिवेदी, पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल सैय्यद अता हसनेन, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाय कुरैशी सहित कई जानकारों ने मदद की है। अब तक वीआईएफ करीब डेढ़ हजार लोगों को पॉलिसी बनाने और उन्हें लागू करने की ट्रेनिंग दे चुकी है। पढ़िए इस मॉडल से ट्रेंड तीन ऐसे युवाओं की कहानी, जो समाज निर्माण में अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं...

आईआईटी के पूर्व छात्रों-प्रोफेसर की ट्रेनिंग से समाज और स्टार्टअप्स को नई दिशा

नमन बंसल : वंचित बच्चों के लिए सोलर प्रोजेक्टर, 60% बच्चे मुख्यधारा में लौटे

मेरठ के सॉफ्टवेयर इंजीनियर नमन बंसल (27) ने दो साल पहले विप्रो की नौकरी छोड़ी और आज अजमेर के बेयरफुट कॉलेज से जुड़कर शिक्षक की भूमिका में हैं। वे दूरस्थ गांवों में सोलर प्रोजेक्टर के जरिए रात की पाठशाला में पढ़ा रहे हैं। इन गांवों में बिजली न के बराबर ही रहती है। वंचित बच्चों के लिए यह सोलर पाठशाला 10 राज्यों के 47 स्कूलों में चल रही है। इनमें पांचवीं तक की पढ़ाई होती है। नमन, संस्था के साथ मिलकर करीब डेढ़ लाख बच्चों को पढ़ा चुके हैं, इनमेे 65% बच्चियां हैं। इन शालाओं में पढ़े 60% बच्चे मुख्यधारा की पढ़ाई में अा चुके हैं। नमन को संयुक्त राष्ट्र और ग्लाेबल यंग फेलोशिप से कर्मवीर अवॉर्ड मिल चुका है।

अमन गुप्ता : किसानों से खरीदा सीधे नारियल पानी, आय 30% तक बढ़ाई

नोएडा के अमन गुप्ता (29) ने आईआईटी दिल्ली से बीटेक के बाद ओपेरा में जॉब की, लेकिन भारतीय परंपरा से जुड़ने की इच्छा के कारण चार साल पहले दो लाख रुपए महीने की यह जॉब छोड़ दी। उन्होंने आयुर्वेद में संभावनाएं देखकर ओरेक स्टार्टअप बनाया और नारियल, आंवला के किसानों से संपर्क किया। आज वे तमिलनाडु के पांच हजार किसानों से सीधे नारियल पानी और फल खरीदकर अपने ऑनलाइन स्टोर के जरिए ग्राहकों तक पहुंचाते हैं। इससे बिचौलियों की भूमिका कम हो गई है और किसानों का मुनाफा बढ़ा है। ओरेक को नारियल पानी बेच रहे त्रिपुर जिले के एस सरट बताते हैं कि मेरे जैसे किसानों की आय 30% तक बढ़ी है।

ट्रेनिंग मॉडल बनाने में पूर्व राष्ट्रपति, रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स ने की मदद

रोहित परख : जैविक बीज के लिए काम, चार हजार स्कूलों में किचन गार्डन

परख (28) ने तीन साल पहले लंदन के एक बैंक की तीन लाख रु. महीने की जॉब छोड़ दी। अब वे सहायक ट्रस्ट के साथ काम करते हैं, जो बिचौलियों से किसानों को बचाकर जैविक बीज थोक में खरीदता है और आम लोगों को किचन गार्डन के लिए बेच देता है। इस तरह किसानों की आय बढ़ती है और साथ ही लोगों को अच्छे बीज भी मिल जाते हैं। राेहित, सहायक ट्रस्ट के साथ मिलकर महाराष्ट्र के सरकारी स्कूलों में किचन गार्डन बनाने का काम कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने स्कूलों में किचन गार्डन की ट्रेनिंग, बीज देने और रोपने की वर्कशॉप भी की हैं। रोहित ने महाराष्ट्र के दस जिलों के चार हजार सरकारी स्कूलों में किचन गार्डन शुरू करवाया है।
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