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कॅरिअर ट्रेंड / अगले तीन साल में युवाओं के लिए वेलनेस सेक्टर में होंगे नौकरी के 10 लाख से ज्यादा अवसर

There will be more than 10 lakh job opportunities in the wellness sector for the youth in the next three years
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There will be more than 10 lakh job opportunities in the wellness sector for the youth in the next three years

दैनिक भास्कर

Feb 11, 2020, 01:08 PM IST

एजुकेशन डेस्क. एक समय था, जब योग को सिर्फ खुद की फिटनेस से जोड़ कर देखा जाता था, लेकिन आज योग थेरेपी कॅरिअर का एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है। दुनिया भर में योग की बढ़ती लोकप्रियता की वजह से इस क्षेत्र में लगातार कॅरिअर के नए अवसर खुल रहे हैं। एसोचैम की रिपोर्ट के अनुसार, 53 प्रतिशत कॉर्पोरेट कंपनियां वर्कप्लेस में योग सेशंस के विकल्प को चुन रही हैं, जिससे कर्मचारी बीमार कम हों, उनका मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहे और कंपनी की प्रॉडक्टिविटी बढ़े।

तीन सालों में होगा 10 लाख नौकरियां
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस लिहाज से आने वाले तीन सालों में 10 लाख से ज्यादा नौकरियां योग थेरेपी की फील्ड में होंगी। हाल ही में इग्नू ने भी योग पर एक सर्टिफिकेट प्रोग्राम शुरू किया है, जिसमें स्टूडेंट्स 12वीं के बाद एडमिशन ले सकते हैं। कई यूनिवर्सिटीज योग साइंस में डिग्री और डिप्लोमा कोर्स भी कराती हैं। कोर्स पूरा करने के बाद योग एक्सपर्ट के तौर पर एजुकेशन, हेल्थ, कॉर्पोरेट सेक्टर, रिसर्च और हायर एजुकेशन के क्षेत्र में अच्छा कॅरिअर बनाया जा सकता है।

अलग-अलग सेक्टर्स में जॉब
एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में वेलनेस इंडस्ट्री लगभग 490 बिलियन डॉलर की है। इसका 40 प्रतिशत वेलनेस सर्विस से आता है। वहीं दूसरी तरफ, जहां पहले सिर्फ 40 से अधिक उम्र के लोग बीए योग कोर्स में एडमिशन लेते थे, अब युवा बारहवीं के बाद भी फुल टाइम योग कोर्स में एडमिशन ले रहे हैं। हालांकि योग साइंस में कॅरिअर सिर्फ ट्रेनर तक ही सीमित नहीं है। योग की डिग्री के बाद आप हॉस्पिटल और वेलनेस सेंटर्स में योग थेरेपिस्ट के तौर पर भी काम कर सकते हैं। इसके अलावा स्कूलों में योग टीचर और अलग-अलग कंपनियों में बतौर ट्रेनर भी काम कर सकते हैं।

इग्नू का सर्टिफिकेट प्रोग्राम
हाल ही में इग्नू ने योग में सर्टिफिकेट प्रोग्राम शुरू किया है। 2019 के जुलाई सत्र से शुरू हुए इस प्रोग्राम का कोर्स मटेरियल अंग्रेजी भाषा में है। बारहवीं के बाद स्टूडेंट्स इस कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए किसी खास स्ट्रीम से होना जरूरी नहीं है। योग का ये सर्टिफिकेट प्रोग्राम इग्नू के हरिद्वार, भुवनेश्वर, दिल्ली, बेंगलुरु, जयपुर, मुंबई, पुणे और चेन्नई सेंटर्स पर उपलब्ध है। इस कोर्स की अवधि 6 माह होगी और कोर्स पूरा करने के लिए अधिकतम दो वर्षों का समय दिया जाएगा।

एलिजिबिलिटी

योग थेरेपी में बीए और बीएससी कोर्स में एडमिशन के लिए बारहवीं में 50 प्रतिशत अंक होना जरूरी है। योग की ऐसी कई ब्रांचेज हैं, जिनमें आप ग्रेजुएशन के बाद मास्टर्स भी कर सकते हैं। इनमें डिपार्टमेंट ऑफ योग एजुकेशन, डिपार्टमेंट ऑफ योग थेरेपी, डिपार्टमेंट ऑफ योग फिलॉसफी, डिपार्टमेंट ऑफ ह्यूमन एनाटॉमी, डिपार्टमेंट ऑफ अलायड साइंसेज और डिपार्टमेंट ऑफ ह्यूमन फिजियोलॉजी जैसे विभाग शामिल हैं।

सैलरी
इस फील्ड में शुरुआती सैलरी 25 से 40,000 रुपए के बीच हो सकती है। दरअसल, योग प्रोफेशनल्स की मांग पर्सनल ट्रेनर के रूप में भी बढ़ी है और गवर्नमेंट- प्राइवेट सेक्टर्स के द्वारा ऑर्गेनाइज किए जा रहे वर्कशॉप्स के लिए भी। अगर आप डिग्री या डिप्लोमा के साथ स्पेशलाइज्ड योग ट्रेनर हैं, तो प्रति घंटे के हिसाब से 500 से 1000 रुपए तक की फीस ले सकते हैं। टियर 2 और टियर 3 शहरों में भी योग सीखने वाले युवाओं की संख्या बढ़ी है। यहां भी योग सेंटर्स खुल रहे हैं। अगर आपके पास योग में डिग्री या डिप्लोमा है तो इन योग सेंटर्स में भी जॉब मिल सकती है।

यहां बना सकते हैं कॅरिअर

  • रिसर्च ऑफिसर-योग एंड नेचुरोपैथी
  • योग एरोबिक इंस्ट्रक्टर
  • असिस्टेंट आयुर्वेदिक डॉक्टर
  • क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट
  • योग थेरेपिस्ट
  • योग इंस्ट्रक्टर
  • योग टीचर

ईश्वर वी. वसावरेड्डी, डायरेक्टर, मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योग
"आने वाले सालों में वेलनेस सेक्टर के क्षेत्र में नौकरियों की संख्या में इजाफा होगा। इस फील्ड में करीब दस लाख नौकरियां आएंगी, जो सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में होंगी। अलग-अलग इकोनॉमिक रिपोर्ट्स और सर्वे के मुताबिक भारतीय वेलनेस इंडस्ट्री में साल 2020 तक काफी बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसमें योग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। हाल में हुए शोधों में भी सामने आया है कि हेल्थ सेक्टर के दूसरे पारंपरिक इलाजों की तुलना में योग थेरेपी ज्यादा कॉस्ट इफेक्टिव साबित हुई है।"

इन संस्थानों से कर सकते हैं योग से कोर्स

इंस्टिट्यूट राज्य
मोरारजी देसाई नेशनल इस्टीट्यूट ऑफ योग दिल्ली

बिहार योग भारती

मुंगेर
भारतीय विद्या भवन दिल्ली 
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ योगा एंड नेचुरोपैथी नई दिल्ली

मोरारजी देसाई इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरोपैथी एंड योग, नई दिल्ली लखनऊ विश्वविद्यालय

लखनऊ, उत्तर प्रदेश
डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद, उत्तर प्रदेश
देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार, उत्तराखंड
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय हरिद्वार, उत्तराखंड
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड
पतंजलि विश्वविद्यालय हरिद्वार, उत्तराखंड
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल, मध्य प्रदेश
डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर, मध्य प्रदेश

जीवाजी विश्वविद्यालय, मध्य प्रदेश लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान

ग्वालियर, मध्य प्रदेश 
महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय कटनी, मध्य प्रदेश 
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय हरियाणा

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