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केरल की पहली ट्रांसजेंडर कैंडिडेट से मिलिए:28 साल की अन्नायाह मुस्लिम लीग के सबसे कद्दावर नेता से ले रहीं टक्कर; 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी, लोग कहते थे- लड़का होकर लड़की क्यों बनती हो?

वेंगरा, केरल2 महीने पहलेलेखक: गौरव पांडेय
  • राहुल गांधी अन्नायाह के पसंदीदा नेशनल लीडर हैं, कहती हैं- मैं राहुल गांधी को बहुत प्यार करती हूं, वह बेस्ट हैं
  • दीपिका और रणवीर की फैन अन्नायाह हिंदी भी बोलती हैं, कहती हैं- मैं हिंदुस्तानी हूं, हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है

केरल विधानसभा चुनाव में एक नया इतिहास बना है। यहां पहली बार कोई ट्रांसजेंडर चुनाव मैदान में है। इनका नाम अन्नायाह कुमारी एलेक्स है। इन्हें डेमोक्रेटिक सोशल जस्टिस पार्टी (DSJP) ने टिकट दिया है। अन्नायाह किसी कमजोर सीट से नहीं, बल्कि मुस्लिम लीग के गढ़ मालाप्पुरम की वेंगरा सीट से चुनाव मैदान में हैं। इसी सीट से मुस्लिम लीग के सबसे कद्दावर नेता पीके कुन्हाली कुट्‌टी भी उम्मीदवार हैं।

करीब दो साल पहले अन्नायाह एलेक्स ने एक और रिकॉर्ड बनाया था, तब वह राज्य की पहली रेडियो जॉकी बनी थीं। वह कोच्चि के एक FM चैनल में आरजे थीं, लेकिन अब उन्होंने पॉलिटिक्स में उतरने का फैसला किया है। एलेक्स की उम्र अभी महज 28 साल है, इतनी कम उम्र में वह कई तरह के अनुभवों से गुजर रही हैं। कभी उन्हें पार्टी मीटिंग के लिए कोच्चि जाना पड़ता है, तो कभी उन्हें प्रत्याशी होने के नाते अधिकारियों के बुलावे पर मालाप्पुरम जाना पड़ता है। इसके अलावा चुनाव प्रचार तो करना ही है।

अन्नायाह चुनाव प्रचार में जुटी हैं। वे हर जगह जाकर लोगों से अपने लिए वोट मांग रही हैं।
अन्नायाह चुनाव प्रचार में जुटी हैं। वे हर जगह जाकर लोगों से अपने लिए वोट मांग रही हैं।

इस भागमभाग के बीच हमारी अन्नायाह से मुलाकात वेंगरा में उनके फ्लैट पर होती है। अन्नायाह बताती हैं कि वह मूल रूप से कोल्लम जिले की रहने वाली हैं, लेकिन जॉब कोच्चि में करती थीं। पर अब वेंगरा से चुनाव लड़ने की वजह से यहां उन्होंने किराए पर फ्लैट लिया है। वे कहती हैं- दो साल में काफी कुछ बदल चुका है, मैं रेडियो जॉकी से नेता बन गई हूं। पहले मैं एक व्यस्त एंकर हुआ करती थी, सरकारी कार्यक्रमों में भी एंकरिंग करती थी, मैं मेकअप आर्टिस्ट भी रह चुकी हूं। अभी कुछ दिन पहले ही 25वें इंटरनेशनल केरल फिल्म फेस्टिवल में भी एंकर थी।

आप मुझपर भरोसा रखिए, मैं अच्छा करके दिखाऊंगी

केरल का पहला ट्रांसजेंडर उम्मीदवार बनकर कैसा लग रहा है? इस पर अन्नायाह बहुत ही आत्मविश्वास के साथ कहती हैं- मैं बहुत गर्व महसूस कर रही हूं। यह हिस्ट्री मेकिंग टाइम है। मैं बहुत खुश हूं, यह ट्रांसजेंडर कम्युनिटी के लिए नई उम्मीद है। मैं अपनी पार्टी को इसके लिए बहुत शुक्रिया कहूंगी, क्योंकि उन्होंने मुझ पर यकीन किया है और मुझे नई जिम्मेदारी दी है। मैंने अपना चुनाव प्रचार ग्राउंड लेवल पर शुरू कर रखा है, अब बड़ी रैलियां भी होंगी। मैं यहां हर एक जगह जा रही हूं। लोगों से मिलकर वोट मांग रही हूं, लेकिन मैं आप से बताना चाहती हूं कि मैं लोगों से सिर्फ एक ट्रांसजेंडर होने के नाते वोट नहीं मांग रही हूं, बल्कि उनसे कह रही हूं कि आप मुझपर भरोसा रखिए, मैं अच्छा करके दिखाऊंगी।

अन्नायाह मूल रूप से कोल्लम जिले की रहने वाली हैं, अभी चुनाव प्रचार के लिए उन्होंने वेंगरा में ही किराए पर एक फ्लैट ले रखा है।
अन्नायाह मूल रूप से कोल्लम जिले की रहने वाली हैं, अभी चुनाव प्रचार के लिए उन्होंने वेंगरा में ही किराए पर एक फ्लैट ले रखा है।

अन्नायाह हिंदी में भी थोड़ा बहुत बात कर लेती हैं, बीच-बीच में मेरी बातों का जवाब हिंदी में भी देती हैं। यह पूछने पर कि आप इतना अच्छा हिंदी कैसे बोल लेती हैं, अन्नायाह कहती हैं- मैं हिंदुस्तानी हूं, इंडिया की रहने वाली हूं, हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है, तो इतना तो बोलना बनता है। हिंदी मुझे बहुत पसंद है, लेकिन केरल में हिंदी बोलने को तभी मिलता है, जब कोई नॉर्थ इंडियन मिलता है। इसलिए मैं आप से हिंदी-इंग्लिश मिक्स करके बात करूंगी।

राजनीति में आने का फैसला किया? अन्नायाह कहती हैं- ये अभी कुछ दिन पहले की बात है, मैंने सोचा, क्यों न राजनीति ज्वॉइन करूं क्योंकि मेरे पास लीडरशिप माइंड भी है। यदि मैं भविष्य में जीतती हूं तो मेरी बहुत बड़ी जिम्मेदारी होगी कि हर किसी को एक जैसे ट्रीट करूं। न की किसी को जेंडर, जाति-धर्म या रंग के आधार पर, लेकिन मैं पॉलिटिशियन नहीं, एक अच्छा लीडर बनने के वास्ते चुनाव लड़ रही हूं।

यदि आप यहां जीतेंगी तो क्या बदलाव लाएंगी? इस पर वह कहती हैं- मैं वुमन सेफ्टी, एजुकेशन, अल्पसंख्यकों खासकर ट्रांसजेंडरों के लिए हर फील्ड में आरक्षण के लिए काम करूंगी। ट्रांसजेडर्स के प्रोटक्शन के लिए मैं पूरे केरल में काम करूंगी, क्योंकि बहुत से ट्रांसजेडर्स अपनी पहचान को छिपाने के लिए घर छोड़कर बाहर चले जाते हैं।

जेंडर की वजह से पढ़ाई छोड़नी पड़ी

तस्वीर मलप्पुरम इलाके के बस स्टैंड की है। जहां मुस्लिम लीग के पोस्टर लगे हैं और मुस्लिम महिलाएं वहां बैठी हुई हैं।
तस्वीर मलप्पुरम इलाके के बस स्टैंड की है। जहां मुस्लिम लीग के पोस्टर लगे हैं और मुस्लिम महिलाएं वहां बैठी हुई हैं।

यह सब बताते-बताते अन्नायाह अपनी पुरानी यादों में खो जाती हैं। खुद ही बताने लगती हैं कि मैंने भी बहुत से चैलेंज फेस किए हैं। 28 साल की उम्र में मैं बहुत सिंपल रहती हूं, लेकिन डिस्क्रिमिनेशन की शिकार होती रहती हूं, पब्लिक मेरे लुक और बिहैवियर के चलते डिस्क्रिमिनेशन करती है। मुझे अपनी चार साल की उम्र के बाद से वो सबकुछ याद है, जो मेरे साथ हुआ है। मैं एक लड़की जैसे दिखती थी, लेकिन मेरे पैरेंट्स और फैमिली के लोग मुझसे हमेशा बोलते थे, तू लड़का है, तो लड़की जैसे क्यों रहती है।

लड़की जैसे क्यों व्यवहार करती है। मैं उन सभी से कहा- मैं लड़का नहीं, लड़की हूं। मैंने 12वीं के बाद अपनी पढ़ाई से ड्राॅप आउट किया। इसकी वजह मेरा जेंडर ही था क्योंकि मेरे पैरेंट्स, रिलेटिव्स, पड़ोसी और सोसाइटी का हर एक व्यक्ति डिस्क्रिमिनेट करने लगा था, हर कोई बस यह कहता कि तू लड़का है, लड़की क्यों बनती है। मैं लड़का हूं या लड़की ये मेरा विषय है, दूसरे का विषय नहीं है। मेरा शरीर है, मेरा मन है, मेरा कपड़ा है, मेरे पास ऑप्शन है, मैं चाहे जैसे रहूं।

फिर अन्नायाह कहने लगीं, इतना कुछ फेस किया है, फिर यहां पहुंची हूं, लेकिन केरल के लोग ट्रांसजेंडर की क्षमता को जानते हैं, उन्हें पता है कि मैं वह हर काम कर सकती हूं, जो एक आम आदमी करता है। अन्नायाह बताती हैं कि केरल के ट्रांसजेंडर बाकी देश के ट्रांसजेंडर से थोड़े अलग होते हैं। पहली वजह ये है कि केरल एजुकेशन में बाकी राज्यों से आगे है, यहां के ट्रांसजेंडर पढ़ाई-लिखाई पर ज्यादा फोकस करते हैं। वे अपनी क्षमता पर यकीन करते हैं और फिर फाइट करके हर फील्ड में काम करते हैं, चाहे वह सिनेमा हो, आर्ट हो, फैशन हो, एजुकेशन हो, आईटी हो। यहां ट्रांसजेंडर बहुत काम एंड कूल भी होते हैं।

मलप्पुरम इलाके में मुस्लिम लीग के नेताओं के पोस्टर लगे हैं। मुस्लिम लीग का यहां अच्छा प्रभाव रहा है।
मलप्पुरम इलाके में मुस्लिम लीग के नेताओं के पोस्टर लगे हैं। मुस्लिम लीग का यहां अच्छा प्रभाव रहा है।

अन्नायाह से यह पूछने पर कि आपका केरल या देश की पॉलिटिक्स में कोई पसंदीदा पॉलिटिशियन है? इस पर अन्नायाह पहले थोड़ा झिझकती हैं, फिर खुलके बोलती हैं, कहती हैं कि एक फीमेल ट्रांसजेंडर होने के नाते मुझे केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलेजा बहुत ही शानदार नेता लगती हैं, प्रोफेशनली मैं उनकी बहुत कद्र करती हूं, पर्सनली मैं उन्हें बहुत प्यार करती हूं, वह बहुत अच्छी ह्यूमन बीइंग हैं, वह हर किसी को एक जैसे ट्रीट करती हैं। उन्होंने केरल में ग्राउंड लेवल पर बहुत अच्छा काम किया है। मेरा रोल मॉडल तो कोई नहीं है। मैं अपनी रोल मॉडल खुद हूं।

सही व्यक्ति को रिजर्वेशन का फायदा मिलना चाहिए

नेशनल लीडर की बात करूं तो मैं राहुल गांधी जी को बहुत प्यार करती हूं, वह बेस्ट हैं, सुपर फैबुलस हैं, यदि उन्हें भविष्य में मौका मिला तो वह भारत में काफी कुछ बदलाव ला सकते हैं। मैं उनकी बहुत कद्र करती हूं। केरल चुनाव में क्या बड़े मुद्दे हैं? इस पर अन्नायाह कहती हैं- यहां मेन स्ट्रीम पॉलिटिकल पार्टियां पुरुषों को महिलाओं की तुलना में ज्यादा मौंका देती हैं, इक्वालिटी को लेकर कोई पार्टी कोई बात नहीं करती है। पब्लिक सर्विस कमीशन के एग्जाम में बहुत सारे बदलाव हुए हैं, जो गलत हैं। रिजर्वेशन को लेकर केरल में स्थिति बहुत खराब है। सबसे ज्यादा जरूरी बात है कि सही व्यक्ति को रिजर्वेशन का फायदा मिलना चाहिए। विजयन सरकार कैसा काम कर रही है? इस पर अन्नायाह कहती हैं- ठीक काम कर रही है, लेकिन उसे थोड़ा और एक्स्ट्रा एफर्ट लगाना होगा। कुछ सही काम हैं, लेकिन गलत भी हुए हैं।

इस बार यहां किसकी सरकार बनेगी? अन्नायाह कहती हैं कि जनता सही व्यक्ति को चुनेगी। इस बार मैं अपना पहला चुनाव भी लड़ रही हूं, इसलिए वोट डालने के लिए उत्साहित हूं। केरल में लव जिहाद का मुद्दा है, इस बारे में वे कहती हैं कि मुझे नहीं मालूम। मैं इस बारे में बोलने के लिए उचित व्यक्ति नहीं हूं। चुनाव में खर्च होने वाले पैसे कहां से आ रहे हैं? इस पर कहती हैं कि मैं कोई निर्दलीय नहीं, एक रजिस्टर्ड रीजनल पार्टी की उम्मीदवार हूं, जो भी खर्च आ रहा है, सब मेरी पार्टी कर रही है।

मलप्पुरम और कोझीकोड जिले से होकर गुजरने वाली चलियार नदी के किनारे बच्चे फुटबॉल खेल रहे हैं।
मलप्पुरम और कोझीकोड जिले से होकर गुजरने वाली चलियार नदी के किनारे बच्चे फुटबॉल खेल रहे हैं।

इस सवाल पर कि क्या आप हिंदी फिल्में देखती हैं, अन्नाहाय बताती हैं- मैं बॉलीवुड मूवी की बहुत बड़ी फैन हूं, मैं दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह को बहुत प्यार करती हूं। ये सुपर कलाकार हैं। खासकर दीपिका मुझे बहुत पसंद हैं।

चलते-चलते कोई हिंदी सॉन्ग सुनाने को कहने पर अन्नायाह कहती हैं कि मैं हिंदी गाने तो बहुत सुनती हूं, लेकिन अभी याद नहीं आ रहा है, अच्छा रुकिये याद करने दीजिए, फिर कुछ मिनट के पॉज के बाद... वो रामलीला मूवी में दीपिका और रणवीर पर फिल्माए गए सॉन्ग...अंग लगा दे रे, मोहे रंग लगा दे रे, मैं तो तेरी जोगनिया, तू जोग लगा दे रहे.. को गुनगुनाती हैं। और फिर शुक्रिया बोलकर अपनी पार्टी के लोगों से बातचीत में व्यस्त हो जाती हैं।

वेंगरा से लड़ रहे सांसद कुट्‌टी यूडीएफ के ट्रबलशूटर हैं, दो बार विधायक रह चुके हैं

वेंगरा सीट से मुस्लिम लीग के प्रत्याशी पीके कुन्हाली कुट्‌टी पहले भी दो बार विधायक रह चुके हैं। वह 2011 और 2016 में यहां से चुने गए थे। बाद में 2017 में वे मुस्लिम लीग के अध्यक्ष ई अहमद के निधन के बाद खाली हुई मलप्पुरम लोकसभा सीट पर उपचुनाव में उतरे। और जीत भी गए। 2019 में वह फिर यहां से सांसद चुने गए, लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने इस्तीफा दे दिया और वेंगरा से फिर मैदान में हैं। कुट्‌टी केरल में मुस्लिम लीग के सबसे बड़े नेता हैं, उन्हें यूडीएफ में ट्रबलशूटर माना जाता है। वेंगरा में 1.82 लाख वोटर्स हैं, इनमें से तकरीबन 70% मुस्लिम वोटर्स हैं।

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