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हावड़ा से रिपोर्ट, जहां आज वोटिंग है:BJP का यहां कभी खाता नहीं खुला, पर इस बार TMC से आए नेताओं का सहारा; शुभेंदु की तरह यहां राजीव बने दीदी के लिए चुनौती

हावड़ा11 दिन पहलेलेखक: अक्षय बाजपेयी
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  • हावड़ा के शहरी इलाकों में बीजेपी तो ग्रामीण में तृणमूल मजबूत नजर दिख रही है
  • हावड़ा ग्रामीण में हर साल आने वाली बाढ़ यहां सबसे बड़ा मुद्दा है

पश्चिम बंगाल में तीसरे चरण की जिन 31 सीटों पर आज चुनाव हो रहा है, वह टीएमसी के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं। इन 31 में से 29 सीटों पर टीएमसी का राज है। बीजेपी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में जब बंगाल में 18 सीटें जीती थीं, तब भी वो हावड़ा में सेंध नहीं लगा सकी थी। तब हावड़ा की दोनों लोकसभा सीटें टीएमसी ने ही जीती थीं। विधानसभा की यहां कुल 16 सीटें हैं। 2016 में इनमें से 15 सीटें टीएमसी ने जीती थीं। बीजेपी का यहां खाता भी नहीं खुला था, लेकिन इस बार बीजेपी हावड़ा जिले में कम से कम सात से आठ सीटें जीतने की उम्मीद कर रही है क्योंकि उसने टीएमसी के कई दिग्गज नेताओं को अपने पाले में कर लिया है। तीन मंत्री, कई विधायक और पूर्व मेयर भगवा रंग में रंग चुके हैं।

हावड़ा में टीएमसी से जो नेता बीजेपी में आए हैं, उनमें सबसे बड़ा नाम राजीव बनर्जी का है। वे हावड़ा में बीजेपी के लिए उतनी ही अहमियत रखते हैं, जितनी पूर्व मेदिनीपुर में शुभेंदु अधिकारी। दो महीने पहले बीजेपी में शामिल हुए बनर्जी टीएमसी के प्रभावशाली मंत्री थे और ममता के बेहद खास माने जाते थे। इस बार वे हावड़ा की डोमजुर सीट से बीजेपी उम्मीदवार हैं। डोमजुर मुस्लिम बहुल इलाका है। यहां की 40 फीसदी से ज्यादा आबादी मुस्लिम है।

हावड़ा में एक रैली के दौरान सीएम ममता बनर्जी। ममता ने इस दौरान भाजपा पर आरोप लगाया था कि वो यूपी और बिहार के लोगों को बुलाकर यहां के लोगों को डरा रही है।
हावड़ा में एक रैली के दौरान सीएम ममता बनर्जी। ममता ने इस दौरान भाजपा पर आरोप लगाया था कि वो यूपी और बिहार के लोगों को बुलाकर यहां के लोगों को डरा रही है।

इसलिए बनर्जी ने यहां जीतने के लिए पॉलिसी भी अलग बनाई है। वे खुलकर हिंदुत्व कार्ड नहीं खेल रहे, बल्कि ममता बनर्जी को ही घेर रहे हैं। वे कहते हैं, 'उन्होंने काम करने वाले मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया और विकास करने के बजाय कटमनी को आगे बढ़ाया।' क्षेत्र के प्रभावशाली मुस्लिम भी बनर्जी के साथ खड़े दिख रहे हैं। बीजेपी यहां दीदी के 'खेला होबे' को 'विकास होबे' से जवाब दे रही है। वहीं टीएमसी नेता कह रहे हैं, 'पहले यूपी-बिहार में विकास होबे।' मतलब पहले यूपी-बिहार को सुधारिए, फिर बंगाल की बात कीजिए। टीएमसी ने हावड़ा में तेल, गैस की बढ़ी कीमतों को भी बड़ा मुद्दा बनाया है।

सबसे बढ़ा मुद्दा बाढ़, पूरे गांव के गांव डूब जाते हैं

हावड़ा ग्रामीण में आने वाली 7 सीटों उलूबेड़िया उत्तर, उलूबेड़िया दक्षिण, श्यायमपुर, बागनान, आमता, उदयनारायणपुर और जगतबल्लभपुर में आज वोटिंग है। अभी इन 7 में से 6 पर टीएमसी और एक सीट पर कांग्रेस का कब्जा है। हावड़ा ग्रामीण का सबसे बड़ा मुद्दा बाढ़ है। हर साल यहां के लोगों को बाढ़ का प्रकोप झेलना पड़ता है। पूरे के पूरे गांव बाढ़ में डूब जाते हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने कुछ सालों पहले हावड़ा में तमाम तालाब बनाए थे, जिससे बाढ़ का पानी तालाब में आ सके, लेकिन तालाब बनने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।

हावड़ा में रोड शो के दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ। भाजपा यहां हिंदुत्व के मुद्दे को जमकर उछाल रही है।
हावड़ा में रोड शो के दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ। भाजपा यहां हिंदुत्व के मुद्दे को जमकर उछाल रही है।

अब बीजेपी दावा कर रही है कि वह चुनाव के बाद केंद्र सरकार की मदद से इस समस्या का स्थायी समाधान कर देगी। उधर, किसान मलक सिंह कहते हैं, 'हम दलालों के चंगुल से आजादी चाहते हैं, इसलिए नए कृषि कानूनों का समर्थन कर रहे हैं। कई राज्यों में कृषि कानूनों को लेकर विरोध हुआ लेकिन ऐसा कोई बड़ा मूवमेंट बंगाल में देखने को नहीं मिला।'

जो टीएमसी की ताकत थे, अब वो बीजेपी के साथ

हावड़ा में जो नेता टीएमसी की ताकत थे, इस बार वे बीजेपी के साथ हैं। इसी कारण बीते एक दशक से हावड़ा पर राज कर रहीं ममता बनर्जी को इस बार अपने इस दुर्ग को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ा रहा है। बीजेपी ने हावड़ा से उनके तीन मंत्रियों, कई विधायकों, पूर्व मेयर को तोड़ लिया। खेल मंत्री लक्ष्मीरतन शुक्ला से टीएमसी के बिखराव की यहां शुरुआत हुई थी। हालांकि उन्होंने कोई अन्य पार्टी ज्वॉइन नहीं की। उनके बाद दिग्गज मंत्री राजीव बनर्जी, विधायक वैशाली डालमिया, हावड़ा के पूर्व मेयर रथिन चक्रवर्ती सहित तमाम नेता बीजेपी में आ गए। इससे बीजेपी का संगठन हावड़ा में मजबूत हुआ। हालांकि ग्रामीण के बजाय शहरी इलाकों में बीजेपी ज्यादा मजबूत दिख रही है। हावड़ा ग्रामीण में 9 और शहरी में 7 सीटें हैं।

हावड़ा में जो नेता टीएमसी की ताकत थे, इस बार वे बीजेपी के साथ हैं। यही वजह है कि भाजपा इस बार यहां मजबूत दिखाई दे रही है।
हावड़ा में जो नेता टीएमसी की ताकत थे, इस बार वे बीजेपी के साथ हैं। यही वजह है कि भाजपा इस बार यहां मजबूत दिखाई दे रही है।

डॉक्टर, मंत्री से लेकर टॉलीवुड अभिनेत्री तक मैदान में

हावड़ा की जिन 7 सीटों पर आज चुनाव हैं, उसमें डॉक्टर, मंत्री से लेकर टॉलीवुड अभिनेत्री तक का भविष्य दांव पर है। उलूबेड़िया उत्तर से टीएमसी ने मंत्री डॉ. निर्मल माझी को मैदान में उतारा है तो उलूबेड़िया दक्षिण से बीजेपी ने बांग्ला फिल्म अभिनेत्री पापिया अधिकारी को टिकट दिया है। श्यामपुर हॉट सीट बन गई है क्योंकि यहां से बीजेपी ने टॉलीवुड फेम तनुश्री चक्रवर्ती को टिकट दिया है। जबकि टीएमसी ने अपने पुराने चेहरे कालीपद मंडल और कांग्रेस ने दिग्गज नेता अमिताभ चक्रवर्ती को कैंडिडेट बनाया है।

बीजेपी हावड़ा में विकास के मुद्दे पर भी टीएमसी को घेर रही है। पार्टी का कहना है कि हावड़ा में 34 साल तक सीपीएम और 10 साल तक टीएमसी का राज रहा( फिर भी एक भी सरकारी अस्पताल, स्कूल-कॉलेज क्यों नहीं बने। क्यों लोगों को रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ा रहा है, जबकि एक वक्त था कि तमाम प्रदेशों के लोग नौकरी-धंधे के लिए हावड़ा आते थे।

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