यूपी चुनाव:आजाद समाज पार्टी ने 37 उम्मीदवारों की सूची जारी की, मेरठ की सिवालखास सीट से बाफर को उतारा

उत्तर प्रदेश10 महीने पहले
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आजाद समाज पार्टी ने गुरुवार शाम को 37 प्रत्याशियों की सूची जारी की। - Dainik Bhaskar
आजाद समाज पार्टी ने गुरुवार शाम को 37 प्रत्याशियों की सूची जारी की।

आजाद समाज पार्टी ने गुरुवार शाम को 37 प्रत्याशियों की सूची जारी की। इनमें मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़,सहारनपुर समेत वेस्ट यूपी के जिले शामिल हैं। मेरठ की सबसे हॉट सीट जिस पर राष्ट्रीय लोकदल और समाजवादी पार्टी में खींचतान हुई थी। इस सीट पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख भूपेंद्र बाफर को टिकट दिया है।

भाजपा नेता के सामने बाफर को उतारा

वहीं मेरठ की सिवालखास सीट पर भूपेंद्र बाफर काे टिकट दिया है। भूपेंद्र बाफर पूर्व ब्लॉक प्रमुख भी रह चुके हैं। वह लोकदल से सिवालखास सीट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन लोकदल ने इस सीट पर अपने प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया। भाजपा ने सिवालखास पर मनिंदरपाल सिंह को टिकट दिया है। इस पर चंद्रशेखर ने अपनी पार्टी से भाजपा के जाट प्रत्याशी के सामने भूपेंद्र सिंह सांगवान निवासी बाफर गांव को टिकट दिया है।

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अवतार सिंह भड़ाना चुनाव लड़ेंगे

दोपहर 3 बजे भड़ाना के वकील ने मीडिया से कहा था कि कोविड होने के कारण अवतार सिंह भड़ाना चुनाव नहीं लड़ेंगे।
दोपहर 3 बजे भड़ाना के वकील ने मीडिया से कहा था कि कोविड होने के कारण अवतार सिंह भड़ाना चुनाव नहीं लड़ेंगे।

राजनीति में कुछ भी हो सकता है। गुरुवार को पश्चिम यूपी की सियासत में भी कुछ ऐसा ही हुआ। 6 घंटे में अवतार सिंह भड़ाना के सुर बदल गए। अब भड़ाना चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने रात 9 बजकर 48 मिनट पर ट़्वीट किया कि अपनों के लिए चुनाव लडूंगा। इससे पहले करीब दोपहर 3 बजे भड़ाना के वकील ने मीडिया से कहा था कि कोविड होने के कारण अवतार सिंह भड़ाना चुनाव नहीं लड़ेंगे। भड़ाना ने अपना नॉमिनेशन वापस ले लिया है। बता दें कि भड़ाना ने गौतम बुद्ध नगर की जेवर विधानसभा से रालोद पार्टी के सिंबल पर नॉमिनेशन किया था। 10 दिन पहले ही भड़ाना ने भाजपा छोड़कर रालोद पार्टी ज्वाइन की थी।

हालांकि, भड़ाना ने जो ट़्वीट किया है उसमें यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह कहां से चुनाव लड़ेंगे या किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगे। ऐसे में यह अभी कंफर्म नहीं हो पाया है कि रालोद के टिकट पर ही जेवर से चुनाव लड़ेंगे या फिर किसी और पार्टी से।

योगी के करीबी की पत्नी सपा में शामिल

मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव के भाजपा में शामिल होने के ठीक एक दिन बाद सपा ने भी भाजपा के खिलाफ बड़ा दांव चल दिया। सपा ने गोरखपुर क्षेत्र की राजनीति के ब्राह्मण चेहरा माने जाने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी रहे भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष और पूर्व क्षेत्रिय अध्यक्ष उपेंद्र दत शुक्ल की पत्नी सुभावती शुक्ल को अपने खेमे में शामिल कर लिया।

गुरुवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर अखिलेश यादव से सुभावती की मुलाकात हुई। सपा सुप्रीमो ने उनका पार्टी में स्वागत करते हुए पार्टी भी ज्वाइन करा दी। ऐसे में यह माना जा रहा है कि सुभावती शुक्ला ही गोरखपुर शहर सीट से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सपा की प्रत्याशी होंगी। यहां पढ़ें पूरी खबर

अवतार भड़ाना ने नॉमिनेशन वापस लिया

विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में रालोद-सपा गठबंधन को बड़ा झटका लगा है। गुरुवार दोपहर गौतमबुद्धनगर की जेवर विधानसभा से आरएलडी के उम्मीदवार और कद्दावर नेता अवतार सिंह भड़ाना ने अपना नॉमिनेशन वापस ले लिया। इसके पीछे की राजनीति में समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के नेता भी अचानक से उलझन में पड़ गए। हालांकि, आरएलडी ने अवतार सिंह भड़ाना की जगह जेवर विधानसभा सीट पर गुर्जर बिरादरी के ही इंद्रवीर भाटी को मैदान में उतारा है।

अवतार सिंह भड़ाना का गुर्जर बिरादरी में एक बड़ा कद है। वह मेरठ और हरियाणा की फरीदाबाद सीट से 4 बार सांसद रह चुके हैं। मौजूद समय में मुजफ्फरनगर की मीरापुर सीट से विधायक हैं। 10 दिन पहले ही अवतार सिंह भड़ाना भाजपा छोड़कर राष्ट्रीय लोक दल में शामिल हुए थे। जहां आरएलडी ने उन्हें जेवर विधानसभा सीट पर प्रत्याशी बनाया था। गुरुवार को अवतार सिंह भड़ाना के अधिवक्ता द्वारा नॉमिनेशन वापस लिए जाने की घोषणा की है। आरएलडी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि अवतार सिंह भड़ाना ने कोरोना पॉजिटिव होने के कारण चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया है। हालांकि, सियासी गलियारे में यह बात किसी के गले नहीं उतर रही है। अवतार सिंह भड़ाना का मोबाइल भी स्विच ऑफ है।

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निर्भया केस की वकील सीमा कुशवाहा बसपा में शामिल, सतीश चंद्र मिश्रा ने दिलाई सदस्यता

यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक तैयारियों में लगे हुए हैं। इसी बीच नेताओं के दलबदल का दौर भी जहां चरम पर हैं। इसी के साथ कई अन्य क्षेत्रों में भी काम करने वाले लोग लगातार राजनीतिक दलों में शामिल हो रही है। इसी कड़ी में निर्भया केस की वकील रहीं सीमा कुशवाहा भी गुरुवार को बहुजन समाज पार्टी में शामिल हुईं। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा की मौजूदगी में उन्हें बसपा की सदस्यता दिलाई गई।

चंद्रशेखर गोरखपुर से योगी के खिलाफ लड़ेंगे चुनाव

भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ ताल ठोंक दी है। उन्होंने गुरुवार को ऐलान किया कि वे गोरखपुर की उसी सदर सीट से चुनाव लड़ेंगे, जहां से योगी को BJP ने उतारा है। चंद्रशेखर पहली बार विधानसभा चुनाव में उतरे हैं। इससे पहले वे सपा के साथ अपनी आजाद समाज पार्टी का गठबंधन चाहते थे, लेकिन सीटों को लेकर बात नहीं बनी तो प्रदेश की सभी 403 सीटों पर लड़ने का निर्णय लिया है।

वहीं, ग्रेटर नोएडा में जेवर विधानसभा पर आरएलडी समाजवादी पार्टी के गठबंधन प्रत्याशी अवतार सिंह भड़ाना मैदान से पीछे हट गए हैं। वजह बताई गई है कि वह कोविड-19 संक्रमित हो गए हैं। इस वजह से उन्होंने नामांकन करने के बाद भी अपना नाम वापस ले लिया।

वैसे, बता दें कि चंद्रशेखर आजाद कल ही गोरखपुर गए थे। वहां उन्होंने लोगों से मिलने के बाद कहा था कि यूपी के वर्तमान मुख्यमंत्री योगी ने साढ़े चार साल में प्रदेश की जनता को तबाह कर दिया है। निर्दोष लोगों पर मुकदमे लाद दिए गए हैं। जाति देखकर बुलडोजर चलाए गए।

प्रदेश भर में कई जगहों पर बहनों के साथ हाथरस, उन्नाव, प्रयागराज जैसे मामले हुए। CAA और NRC का विरोध करने वालों पर गोलियां चलीं। योगी को रोकने के लिए मुझे लड़ना जरूर है। इसीलिए अब लड़ाई सीधे योगी से ही होगी।

2 सीटें देने के लिए तैयार थे अखिलेश

बता दें कि 15 जनवरी की सुबह ही आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर ने कहा था, 'यूपी में बीजेपी के खिलाफ हमने लाठियां खाई हैं। भाजपा को हराना हमारा लक्ष्य है, हम भाजपा को सत्ता में नही आने देंगे। इसीलिए एक महीने से मेरी लगातार अखिलेश से बात हो रही है। अखिलेश तय कर चुके हैं वे दलितों से गठबंधन नहीं करेंगे। अखिलेश ने मुझे अपमानित किया है। मुझे लगता है कि वे दलितों की लीडरशिप खड़े नहीं होने देना चाहते'।

'मैंने अखिलेश पर जिम्मेदारी छोड़ी थी कि वे गठबंधन में शामिल करें या नहीं, लेकिन उन्होंने आज तक जवाब नहीं दिया। अखिलेश को दलितों की जरुरत नहीं है। इसीलिए हमने तय किया है कि अभी सपा से गठबंधन नहीं करेंगे। हम अपने दम पर लड़ेंगे। हालांकि, 14 से 19 जनवरी तक की हर प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि चंद्रशेखर की पार्टी से 2 सीटों पर समझौता हो गया था। फिर उन्हें किसी का फोन आया और गठबंधन नहीं हो सका'।

यूपी में जारी है नेताओं की भागमभाग

इधर,यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले दल बदलने का सिलसिला लगातार जारी है। अभी एक दिन पहले अपर्णा यादव ने भाजपा का दामन थामा था कि गुरुवार को मुलायम सिंह के रिश्तेदार प्रमोद गुप्ता ने भी BJP का दामन थाम लिया। औरैया में बिधूना से पूर्व विधायक ने कुछ पहले ही इसके संकेत दे दिए थे। उधर, कांग्रेस की पोस्टर गर्ल प्रियंका मौर्य भी भाजपा में शामिल हो गईं हैं।

रामपुर में कांग्रेस के एक और प्रत्याशी हैदर अली खान ने छोड़ी पार्टी, अपना दल में हुए शामिल

स्वार टांडा सीट के प्रत्याशी हैदर अली खान ने छोड़ी पार्टी।
स्वार टांडा सीट के प्रत्याशी हैदर अली खान ने छोड़ी पार्टी।

रामपुर में कांग्रेस के घोषित प्रत्याशी पार्टी छोड़ने में लगे हुए हैं। अभी हाल ही में चमरउवा सीट से प्रत्याशी अली यूसुफ अली ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया तो वहीं अब स्वार टांडा सीट से प्रत्याशी हैदर अली खान उर्फ हमजा मियां ने पार्टी को अलविदा कह दिया। 19 जनवरी को उन्होंने अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल से दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात की।

अनुप्रिया पटेल के साथ फोटो पोस्ट कर हमजा मियां ने लिखा कि, मुझे घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मैंने आज दिल्ली आकर केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की उपस्थिति में अपना दल (एस) की सदस्यता ग्रहण की। वहीं हैदर अली खान उर्फ हमजा मियां के अपना दल (एस) में आने के बाद कहा जा रहा है कि आज वह जिले में संगठन की बैठक में शामिल होंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि अगर स्वार टांडा सीट गठबंधन में अपना दल (एस) के खाते में आती है तो हमजा मियां ही प्रत्याशी होंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें

यूपी में कांग्रेस की दूसरी लिस्ट जारी, 16 महिलाओं को भी टिकट

उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए कांग्रेस ने उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी की है. इस लिस्ट में कुल 41 उम्मीदवारों के नाम हैं, जिसमें 16 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं। इससे पहले कांग्रेस ने पहली लिस्ट में 125 उम्मीदवारों के नाम जारी किए थे. उस लिस्ट में 50 महिलाओं को टिकट दिया गया था। बता दें कि यूपी में कांग्रेस 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' नाम से मुहिम चला रही है। इसके तहत पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी ने वादा किया था कि यूपी में वह 40% टिकट महिलाओं को देगी।