यूपी चुनाव:प्रयागराज में माफिया अतीक की पत्नी शाइस्ता बेगम ने ओवैसी के टिकट को ठुकराया

उत्तर प्रदेशएक वर्ष पहले

प्रयागराज के फूलपुर से पूर्व सांसद व माफिया अतीक अहमद की राजनीतिक विरासत योगी सरकार में बिल्कुल खत्म हो चुकी है। लगातार शहर पश्चिमी से पांच बार विधायक और एक बार फूलपुर से सांसद चुने गए। अतीक अहमद इन दिनों जेल में बंद है। बीते दिनों उनकी पत्नी शाइस्ता बेगम शहर पश्चिमी से चुनाव लड़ने को तैयार हुईं थी। लेकिन नामांकन के आखिरी दिन तक उन्होंने नामांकन नहीं किया। दोपहर तक लोगों को उम्मीद थी कि शाइस्ता बेगम नामांकन करने के लिए कलेक़्ट्रेट जाएंगी लेकिन वह नहीं पहुंचीं।

बता दें कि पिछले दिनों AIMIM (ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहाद उल मुस्लिमीन) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शाइस्ता बेगम को शहर पश्चिमी से अपना घोषित कर दिया था और शाइस्ता ने इसे स्वीकार भी कर लिया था। उसके बाद से शाइस्ता फिर से राजनीतिक प्लेटफार्म से बैकफुट पर चली गईं। पार्टी के लोग नामांकन के आखिरी दिन तक यह कयास लगाते रहे कि शायद वह नामांकन करें लेकिन शाइस्ता ने न तो कोई जवाब दिया और न ही चुनाव लड़ने या ना लड़ने पर अपनी कोई प्रतिक्रिया दी।

सपा ने 8 नामों की लिस्ट जारी की, तुलसीपुर से मसूद आलम और ज्ञानपुर से डॉ. विनोद बिंद को उतारा

सपा ने मंगलवार शाम को 8 नामों की लिस्ट जारी की। इसमें पार्टी ने बलरामपुर की तुलसीपुर सीट से मसूद आलम को टिकट दिया है। इसके अलावा, उतरौला से हसीब हसन, सिद्धार्थनगर के बांसी से अमर सिंह चौधरी, गोरखपुर से चौरी-चौरा से कैप्टन बृजेश चंद्र लाल, कुशीनगर की हाटा से रणविजय, चंदौली की चकिया सीट से जितेंद्र कुमार, भदोही के ज्ञानपुर से डॉ. विनोद कुमार बिंद और ओराई से अंजन सरोज को उतारा है।

सपा ने मंगलवार शाम को 8 नामों की लिस्ट जारी की। इसमें पार्टी ने बलरामपुर की तुलसीपुर सीट से मसूद आलम को टिकट दिया है।
सपा ने मंगलवार शाम को 8 नामों की लिस्ट जारी की। इसमें पार्टी ने बलरामपुर की तुलसीपुर सीट से मसूद आलम को टिकट दिया है।

संभल में बोले ओवैसी- सपा-बसपा सांपनाथ और नागनाथ, AIMIM मदारी, हम इनको नचाएंगे

संभल के सराय तरीन पहुंचे AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि डर के नाम पर वोट देंगे तो आपको लूटा जाएगा।
संभल के सराय तरीन पहुंचे AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि डर के नाम पर वोट देंगे तो आपको लूटा जाएगा।

संभल के सराय तरीन पहुंचे AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि डर के नाम पर वोट देंगे तो आपको लूटा जाएगा। इसलिए डर कर वोट न करें। उन्होंने कहा कि संभल का विकास चाहते हो तो एआईएमआईए प्रत्याशी को वोट देकर भारी मतों से जिताने का काम करें। असदुद्दीन ओवैसी ने संभल से समाजवादी पार्टी के विधायक और प्रत्याशी नवाब इकबाल महमूद पर हमला बोला।

असदुद्दीन ओवैसी ने सपा-बसपा को नागनाथ और सांपनाथ बताते हुए खुद को मदारी बताया। ओवैसी ने कहा कि जब आप वोट डालने निकलें तो याद रखना आपके घर के सामने एक तरफ सांपनाथ और दूसरी तरफ नागनाथ बैठे हैं। तब आपको मदारी को बुलाना होगा और वह मदारी आपके सामने खड़ा है। क्योंकि हम इनके जहर को जानते हैं और हम इनको नचायेंगे भी। हम बांसुरी से नहीं, बल्कि अपनी जुबान, अपने हौसले से नचाएंगे। बीजेपी को हराने के लिए सपा-बसपा कुछ नहीं कर सकती हैं। इसलिए अब नागनाथ और सांपनाथ को हराने के लिए मदारी को जिताइए।

भाजपा संविधान का कर रही उल्लंघन
ओवैसी ने कर्नाटक में हिजाब को लेकर चल रहे विवाद पर कहा कि वहां के लोग जो हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। हमें उम्मीद है कि उसमें कामयाबी जरूर मिलेगी। ओवैसी ने कहा, बीजेपी सरकार कर्नाटक में गैरजरूरी जुल्म कर रही है। संविधान के खिलाफ काम कर रही है। संविधान के आर्टिकल 15,19,21 का उल्लंघन हो रहा है। कर्नाटक में महिला और बच्चों को स्कूल और कॉलेज में जिस तरह हिजाब पहनने से रोका जा रहा है। मैं बीजेपी के इस फैसले का विरोध करता हूं।

असदुद्दीन ओवैसी ने ट्रिपल तलाक कानून पर कहा कि जब महिलाओं और बच्चियों को हिजाब पहनने की इजाजत आप की सरकार नहीं दे रही है। तो ट्रिपल तलाक का कानून क्यों बनाया है। ओवैसी ने पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी बोलते हैं कि मुस्लिम महिलाएं मेरी बहन हैं। आज समझ आता है कि पीएम मोदी ने कानून इसलिए बनाया था कि मुस्लिम महिलाओं को परेशान किया जा सके।

चुनावी रणभूमि में प्रतापपुर विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी हीरामणि किन्नर

संगमनगरी यानी प्रयागराज में 27 फरवरी को विधानसभा का चुनाव होने जा रहा है। यहां एक तरफ जहां बड़े बड़े दिग्गज चुनावी मैदान में ताल ठोंक रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर प्रयागराज से एक किन्नर भी चुनावी मैदान में हैं। प्रतापपुर विधानसभा सीट से नामांकन करने वाली किन्नर हीरामणि ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है।

प्रयागराज में 27 फरवरी को विधानसभा का चुनाव होने जा रहा है।
प्रयागराज में 27 फरवरी को विधानसभा का चुनाव होने जा रहा है।

दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि प्रतापपुर से कई सालों बाद किन्नर समाज से किसी ने प्रत्याशी के रूप में जनता के बीच में उतरा है। वह कहती हैं कि वह जनता के आह्वान पर चुनाव लड़ रही हैं इसलिए किसी पार्टी से चुनाव नहीं लड़ना चाहती। जनता ने मुझे चुनाव लड़ाया है, तो जनता ही मेरी नैया पार लगाएगी। यहां पढ़ें पूरी खबर...

श्रावस्ती में सपा नेता हाजी रमजान कांग्रेस में हुए शामिल

श्रावस्ती जनपद के विधानसभा 290 सीट को लेकर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं में कई दिनों से उहापोह की स्थिति बनी हुई थी। वहीं सपा के सैकड़ों समर्थक भी हाजी रमजान को टिकट न मिलने के चलते नाराज चल रहे थे और हाथों में इस्तीफा लेकर प्रदर्शन भी कर रहे थे। वहीं हाजी रमजान को टिकट देने की मांग कर रहे थे।

आखिरकार हाजी रमजान को समाजवादी पार्टी की तरफ से कोई आश्वासन नहीं मिला और उनके द्वारा समाजवादी पार्टी को अलविदा कह दिया गया। वहीं अब हाजी रमजान कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए हैं। कयास लगाया जा रहा है कि आज उनके द्वारा नामांकन भी किया जा सकता।

कांग्रेस का थामा हाथ
कांग्रेस का थामा हाथ

बताते चलें कि सपा के वरिष्ठ नेता पूर्व विधायक हाजी रमजान ने पार्टी को आखिरकार अलविदा कह दिया और देर शाम काग्रेस में शामिल हो गए।कांग्रेस में शामिल होते ही कयासों का दौर तेज हो गया है कि आज उनके द्वारा 290 विधानसभा से ही कांग्रेस पार्टी से नामांकन किया जाएगा।

सपा ने जारी की 10 और प्रत्याशियों की सूची, देखें किसे कहां से मिला टिकट

समाजवादी पार्टी ने मंगलवार को 10 और प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कि है। इस सूची में बस्ती, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया मऊ, बलिया और चंदौली से उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया गया है।

सपा के प्रत्याशियों की सूची।
सपा के प्रत्याशियों की सूची।

जौनपुर के रॉबिनहुड धनंजय सिंह को टिकट क्यों नहीं देती पार्टी
जौनपुर की मल्हनी विधानसभा सीट पर सबकी नजर है। उसका कारण बाहुबली नेता धनंजय सिंह हैं। धनंजय सिंह के सियासी रसूख का अंदाजा उनके चुनाव लड़ने के तरीके से पता चलता है। 2020 के विधानसभा उपचुनाव में उन्होंने बतौर निर्दल प्रत्याशी सपा को कड़ी टक्कर दी थी। 5 हजार वोट के अंतर से धनंजय सिंह चुनाव हार गए थे।

कयास लगाए जा रहे थे कि 2022 के विधानसभा चुनाव में वो बीजेपी के गठबंधन दल से चुनाव में दावेदारी कर सकते हैं, लेकिन बीजेपी ने मल्हनी विधानसभा से केपी सिंह को टिकट दे दिया है। इसके साथ ही धनंजय सिंह के भाजपा या उसके गठबंधन दल से आने के कयास पर विराम लग गया है।

धनंजय सिंह।
धनंजय सिंह।

खुद का वोट बैंक है मजबूत
धनंजय सिंह के पिछले कुछ चुनावी नतीजे पर गौर करें तो काफी हद तक चीजें उनके पक्ष में रहती हैं। मल्हनी विधानसभा में उनका खुद का बेस वोट है। 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने निषाद पार्टी के सिंबल से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्हें 48,141 वोट मिले थे। धनंजय सिंह इस चुनाव में दूसरे नंबर पर थे। सपा के कद्दावर नेता पारसनाथ यादव ने 69,351 वोट पाकर जीत दर्ज की थी। बसपा और भाजपा के प्रत्याशी इस चुनाव में तीसरे और चौथे स्थान पर थे।

टिकट न मिलने की इनसाइड स्टोरी
पूर्व सांसद धनंजय सिंह का सियासत के साथ-साथ अपराध से भी गहरा नाता रहा है। लखनऊ के बहुचर्चित अजीत सिंह हत्याकांड में उनके ऊपर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित है। कुछ दिन पहले अखिलेश यादव ने उनका क्रिकेट खेलते हुए वीडियो ट्वीट करके सरकार पर निशाना साधा था। इस मामले में यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने सफाई दी थी कि यूपी में कानून अपना काम कर रही है।

आपराधिक छवि है बड़ा कारण
धनंजय सिंह को टिकट न मिलने के पीछे एक बड़ा कारण उनकी आपराधिक छवि है। अखिलेश यादव के ट्वीट के बाद से बीजेपी और गठबंधन दल अपने ऊपर इस चीज का आरोप नहीं लगने देना चाहते हैं। ये एक बड़ा कारण है कि पार्टी उन्हें टिकट देने से कतराती है। पूरी खबर यहां पढ़ें...

फर्रुखाबाद में जो जीता सदर का रण, उसका दल बना सिकंदर

भाजपा विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी।
भाजपा विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी।

फर्रुखाबाद में सदर विधानसभा सीट पर इस बार मुकाबला रोचक है। इस सीट की कहानी यह है कि यहां से जो विधायक चुनता है, उसी का दल लखनऊ का सिकंदर बनता है। यानी वह सत्ता का सुख भोगता है। इस बार सदर सीट से पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद कांग्रेस से चुनाव मैदान में हैं तो वहीं भाजपा से विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी मैदान में हैं।

चुनाव में इन दोनों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है, जबकि बसपा ने कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष विजय कटिहार को सदर से अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं समाजवादी पार्टी ने महान दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुमन मौर्य को अपना प्रत्याशी बनाया है।

जिले में विधानसभा की 4 सीटें हैं
विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां पूरे जोर पर हैं। जिले में विधानसभा की 4 सीटें हैं, लेकिन फर्रुखाबाद सदर की सीट हॉट मानी जाती है। इस बार सदर सीट से 11 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। वहीं सदर सीट पर सर्वाधिक कब्जा कांग्रेस और भाजपा का रहा है। भाजपा के पूर्व ऊर्जा मंत्री व कद्दावर नेता रहे स्वर्गीय ब्रह्मदत्त द्विवेदी के पुत्र सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी को फिर चुनाव मैदान में उतारा है।

कांग्रेस ने पूर्व विदेश मंत्री की पत्नी लुइस खुर्शीद पर भरोसा जताया है। बसपा से विजय कटियार चुनाव मैदान में हैं। इस सीट पर आम आदमी पार्टी से नीरज प्रताप के अलावा राजेश कुमार, विक्रम सिंह, कृष्णा कुमार तिवारी, डॉ. भरत चंद्र, अजीत सिंह और अशोक सक्सेना भी भाग्य आजमा रहे हैं।