• Hindi News
  • Election 2022
  • Up assembly election
  • Yogi Adityanath Akhilesh Yadav: UP Election Result Counting 2022 LIVE Update | Uttar Pradesh (Vidhan Sabha) Chunav Parinam 2022 Latest News Today; BJP Samajwadi Party Congress Party

यूपी ने योगी को रिपीट किया:योगी ने लगातार दूसरी बार बहुमत हासिल कर होली खेली, सिराथू में डिप्टी सीएम केशव मौर्य को मिली हार

लखनऊ9 महीने पहले

मोदी और योगी ने उत्तर प्रदेश में वो कर दिखाया, जो 37 साल में कोई पार्टी नहीं कर सकी.. लगातार दूसरी बार सत्ता में भाजपा की वापसी। करीब ढाई सौ से ज्यादा सीटें जीत चुकी भाजपा बहुमत से काफी आगे निकल चुकी है। अगले कुछ घंटों में इसमें इजाफा ही होना है।

सपा सवा सौ में सिमट गई है। कांग्रेस और बसपा साफ ही हो गई हैं। पूरा यूपी नापने वाली प्रियंका गांधी की पुरजोर मेहनत के बावजूद खाली दो सीटें आईं। मायावती इससे भी आधे यानी एक सीट ही हासिल कर पाएंगी।

भाजपा की जीत ऐतिहासिक थी तो जश्न भी उसी अंदाज में मना। शाम करीब साढ़े पांच बजे योगी लखनऊ पार्टी दफ्तर पहुंचे। गुलाल उड़ाकर होली खेली और बोले, "जब मोदी जैसा नेतृत्व हो तो ऐसा ही बहुमत मिलता है।' (जीत के जोश में और भी बातें बोले, पूरा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...)

जश्न लखनऊ से दिल्ली तक मनाया गया। प्रधानमंत्री मोदी जब शाम साढ़े सात बजे भाजपा मुख्यालय पहुंचे तो फूल बरसाए गए। माला पहनाई गई। मोदी बोले- भाजपा को चारों दिशाओं से आशीर्वाद मिल रहा है। यूपी से इतना प्यार मिला कि मैं अब यूपीवाला हो गया। (मोदी की पूरी स्पीच पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... )

जीत और जश्न के बीच आंकड़ों ने एक कड़वी हकीकत भी बताई। भाजपा भले दूसरी बार जीती, लेकिन परफॉर्मेंस पिछली बार के मुकाबले गिर गई। 2017 में 312 सीटें मिलीं थी तो इस बार पार्टी 275 तक पहुंच पा रही है। सपा भले ही सत्ता में नहीं आई, लेकिन 75 से ज्यादा सीटों का फायदा उसे हो रहा है। भाजपा के डिप्टी सीएम केशव मौर्य और बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी जैसे धुरंधर भी हार गए।

उत्तर प्रदेश चुनाव रिजल्ट/ रुझान अपडेट्स...

पार्टीआगेजीते
भाजपा01272
सपा01124
कांग्रेस0002
बसपा0001
अन्य0002

उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक बहुमत के बाद योगी आदित्यनाथ भारी हुजूम के बीच लखनऊ दफ्तर पहुंचे। करीब पौने छह बजे वे मंच पर पहुंचे और साथी मंत्रियों-पदाधिकारियों के साथ गले मिले और जमकर गुलाल उड़ाया। विजयी भाषण भी दिया। बोले- जब मोदी जी जैसा नेतृत्व हो तो ऐसा ही प्रचंड बहुमत मिलता है। विजयी उल्लास से शुरू हुआ ये 30 मिनट का कार्यक्रम जय श्री राम के नारों के साथ खत्म हुआ।

4 राज्यों में जीत के बाद PM मोदी की स्पीच यहां पढ़ें...

1980 से 2022 तक उत्तर प्रदेश में भाजपा और अन्य पार्टियों की जीती हुई सीटों का ग्राफ।
1980 से 2022 तक उत्तर प्रदेश में भाजपा और अन्य पार्टियों की जीती हुई सीटों का ग्राफ।

लखनऊ में 10 मिनट के संक्षिप्त भाषण में योगी बोले- भाजपा ने चार राज्यों में चुनाव जीते हैं। उत्तर प्रदेश पर विशेष रूप से देश और दुनिया की निगाहें थीं। जब मोदी जी कोरोना और भ्रष्टाचार से लड़ रहे थे, तब कुछ लोग भ्रामक प्रचार कर रहे थे। मतगणना के बारे में भ्रामक बातें कही जा रही थीं। उत्तर प्रदेश की जनता ने उस प्रचार को नकारते हुए भाजपा को बहुमत दिया है। जनता का आभार। ये बहुमत राष्ट्रवाद, सुरक्षा, विकास और सुशासन के मॉडल को जनता का आशीर्वाद है। (योगी आदित्यनाथ का पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...)

हमारे कार्टूनिस्ट की नजर से देखिए चुनावी नतीजे... क्लिक करिए
हमारे कार्टूनिस्ट की नजर से देखिए चुनावी नतीजे... क्लिक करिए

दिग्गजों के किले हुए ध्वस्त, कांग्रेस अध्यक्ष भी हारे
चुनाव से पहले अखिलेश का हाथ थामने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य फाजिलनगर में हार गए। TET पेपर लीक में घिरे योगी के मंत्री सतीश द्विवेदी सिद्धार्थनगर की इटवा सीट नहीं जीत पाए। कैराना में भी भाजपा को हार मिली, यहां सपा के नाहिद हसन जीते। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह लल्लू को कुशीनगर में हार मिली।

चुनाव से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए...

2017 की मोदी लहर में चमके फायर ब्रांड योगी

यूपी में 37 साल से किसी पार्टी की सरकार रिपीट नहीं हुई, 4 और राज्यों में यही ट्रेंड
37 साल से यूपी में किसी पार्टी की लगातार दूसरी बार सरकार नहीं बनी। 1985 में कांग्रेस लगातार दूसरी बार यहां चुनाव जीती थी। इस सरकार का टर्म पूरा होने के अगले करीब 19 सालों तक राज्य में हंग असेंबली रही। 2007 से हर 5 साल बाद सरकार बदली है। पहले मायावती फिर अखिलेश और फिर योगी सीएम बने। इस बार फिर भाजपा सरकार बनाने जा रही है। उत्तर प्रदेश में 37 साल में पहली बार ऐसा होगा। देश में कर्नाटक, उत्तराखंड, हिमाचल और राजस्थान में भी लंबे अरसे से हर बार सरकार बदलने का ट्रेंड है।

चुनावी वादे और उनका हाल, भाजपा-सपा-कांग्रेस सभी पार्टियां इन्हें भूल जाती हैं भाजपा ने UP में 16 पेज का ‘लोक कल्याण संकल्प पत्र’ जारी किया है। इसमें 5वें पेज से 12वें तक घोषणाएं हैं। इन 7 पेज में 10 मुद्दों पर 130 ऐलान किए गए। इनमें लड़कियों को मुफ्त स्कूटी, महिलाओं को 2 LPG सिलेंडर, मुफ्त बिजली और लव जिहाद पर लगाम जैसे वादे किए गए हैं। अब जरा पिछले यानी 2017 के वादों की बात करें तो 28 जनवरी 2017 को भाजपा मेनिफेस्टो लाई थी। इसमें 10 विषयों पर करीब 100 वादे थे। भाजपा का दावा है कि सारे वादे पूरे हो गए। 7 बड़े ही जरूरी वादों का एनालिसिस किया तो पता चला कि 3 में 1% काम भी योगी सरकार में नहीं हुआ और 4 पर 10% से भी कम काम हो सका। (इस एनालिसिस को पूरा पढ़ने के लिए क्लिक करें...)

सपा ने वोटिंग से ठीक 40 घंटे पहले सपा मेनिफेस्टो का ऐलान किया। कुल 88 पेज, 22 विषय और 1000 से ज्यादा वादे। सबसे अहम वादों का एनालिसिस किया तो पता चला सवा करोड़ लैपटॉप देने का वादा किया है। जब सरकार थी तब 6 लाख दिए थे। 300 यूनिट बिजली मुफ्त का वादा, सरकार थी तो विभाग घाटे में था। स्कूलों को टेबल-कुर्सी से लैस करने की बात कही। जब सरकार थी तो 68 हजार स्कूल में बेंच नहीं थी। (इस एनालिसिस को पूरा पढ़ने के लिए क्लिक करें...)

कांग्रेस ने वोटिंग से 18 घंटे पहले अपना मेनिफेस्टो जारी किया। वादा किया कि कोरोना प्रभावित परिवार को 25 हजार रुपए की मदद की जाएगी। जबकि, योगी सरकार 50 हजार रुपए की मदद पहले से कर रही है। ठीक इसी तरह वृद्धा और विधवा पेंशन 1000 रुपए करने की बात कही। योगी सरकार ने पेंशन को दिसंबर 2021 में ही 1000 कर दी है। दो लाख शिक्षकों की भर्ती का वादा किया, अभी खाली पद ही महज 73 हजार हैं। (इस एनालिसिस को पूरा पढ़ने के लिए क्लिक करें...)

सत्ता के इस संघर्ष में सबसे बड़े सियासी सिपहसालार

यूपी में नेताओं के बयान, पार्टियों की कैंपेनिंग, उनकी रणनीति कितनी काम आई, ये तो नतीजों से साफ हो गया है। आप जान लीजिए उन चेहरों को जो सामने नहीं आए, लेकिन हर कदम-हर चाल के पीछे दिमाग उनका ही था। ये हैं पार्टियों के सिपहसालार, जिन्हें स्ट्रैटजी तैयार की और उसे जमीन पर उतारा। (ऐसे ही सियासी सिपहसालारों के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें...)

भास्कर डेमोक्रेसी वॉल: यूपी के युवाओं का झुकाव NOTA की तरफ
दैनिक भास्कर ने यूपी के 5 अलग-अलग शहरों में अपनी डेमोक्रेसी वॉल खड़ी की। इसके पीछे हमारा मकसद था कि चुनाव के दौरान युवाओं और आम लोगों को अपनी बात रखने का एक मौका मिल पाए। हम उन तक पहुंचे और वॉल पर लिखी उनकी बातों को एक-एक कर लाखों लोगों तक पहुंचाया भी। एक अहम बात जो इस डेमोक्रेसी वॉल के जरिए पता चली, वो ये कि युवाओं का झुकाव नोटा की तरफ ज्यादा है। (चुनाव में जन के मन की बात जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें...)

खबरें और भी हैं...