भास्कर इंटरव्यू / दिल्ली विधानसभा में आप काम पर, भाजपा मोदी और कांग्रेस पार्टी के नाम पर चुनाव लड़ेगी

लेफ्ट टू राइट- आप नेता संजय सिंह, भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर और कांग्रेस नेता पीके चाको। लेफ्ट टू राइट- आप नेता संजय सिंह, भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर और कांग्रेस नेता पीके चाको।
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लेफ्ट टू राइट- आप नेता संजय सिंह, भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर और कांग्रेस नेता पीके चाको।लेफ्ट टू राइट- आप नेता संजय सिंह, भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर और कांग्रेस नेता पीके चाको।

  • आप के चुनाव प्रभारी संजय सिंह, भाजपा के प्रकाश जावड़ेकर और कांग्रेस के पीसी चाको ने की चुनावी मुद्दों पर बात
  • संजय बोले- विपक्ष के आंकड़े धरे रह जाएंगे, जावड़ेकर ने कहा- यह विकास बनाम झूठ की लड़ाई, चाको बोले- निशान पर मांगे वोट

Dainik Bhaskar

Jan 19, 2020, 05:01 AM IST

दिल्ली. आम आदमी पार्टी ने अपने चुनावी योद्धा तय कर दिए हैं। इनसे टक्कर लेने के लिए भाजपा ने अपने तरकश से 57 और कांग्रेस ने शनिवार को 54 तीर निकाल दिए हैं। भास्कर ने आप और भाजपा के चुनाव प्रभारियों और कांग्रेस दिल्ली प्रभारी से उनके मुद्दों, रणनीति और चुनाव में चेहरे जैसे मसलों पर बात की। पेश हैं संपादित अंश...

संजय सिंह (दिल्ली चुनाव प्रभारी, आप)

भास्कर: आप पांच साल काम करने की बात कर रहे हैं। तो फिर चुनाव में प्रशांत किशोर की जरूरत क्यों पड़ रही है? 

संजय: राजनीति और चुनाव में समय के साथ अलग-अलग माध्यम की जरूरत होती है। एक जमाना था बैलगाड़ी, रिक्शे, साइकिल से चुनाव होता था। आज चुनाव में तकनीक के नए-नए प्रयोग करने होते है। उसमें प्रशांत किशोर की योग्यता है। उसका उपयोग करने में दिक्कत क्या है। 
 

भास्कर: जनलोकपाल कानून, स्वराज, दिल्ली को पूर्ण राज्य दिलाने पर आंदोलन-धरना किया, अब दूसरे वादे गिना रहे हैं?
संजय:  जनलोकपाल कानून दिल्ली विधानसभा से पास हो गया। साढ़े चार साल से केंद्र सरकार क्यों लेकर बैठी है? यह सवाल भाजपा से करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने खुद को जन लोकपाल के दायरे में रखा है। भाजपा क्यों डर रही है? 

भास्कर: भाजपा के दिल्ली में 62 लाख से अधिक सदस्य हैं। विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में आप काे सदस्य संख्या से भी कम वोट मिले। अब क्या रणनीति है? 
संजय: यहां पर जनता चुनाव लड़ रही है। जब जनता चुनाव लड़ती है तो आकड़े, नंबर यह सब धरे के धरे रह जाते हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम चौंकाने वाले होंगे। 

भास्कर: पार्टी के अंदर आवाज उठ रही है कि अपराधियों को टिकट दे दिए गए? 
संजय: कानून-व्यवस्था भाजपा के हाथ में है, जो अपराधी हैं उनको जेल में डालें। हमारे विधायकों पर 20-20 मुकदमे करा दिए। बाद में उन पर कुछ नहीं निकला। पार्टी ने सबकुछ जांच कर टिकट दिया है।

भास्कर: केजरीवाल 25% प्रदूषण घटाने की बात कर रहे हैं, विपक्ष कह रहा है पराली जलाने में कमी और बदरपुर प्लांट बंद करके प्रदूषण घटाया?
संजय:
जब हमने लेजर शो की दीवाली बनाने की बात की तो मनोज तिवारी कहते हैं कि हम पटाखे जलाएंगे। जब ऑड-ईवन लागू करने की बात कही तो विजय गोयल कहते हैं कि हम गाड़ी चला कर प्रदूषण फैलाएंगे। भाजपा प्रदूषित मानसिकता वाली पार्टी है।

भास्कर: आम आदमी पार्टी में मुख्यमंत्री का चेहरा अरविंद केजरीवाल हैं। भाजपा और कांग्रेस में किसे चुनाैती मानते हैं?
संजय: भाजपा नेतृत्व और मुद्दाविहीन है। उनके पास कोई चेहरा नहीं है। हरदीप पुरी ने मनोज तिवारी को सीएम का उम्मीदवार बताया और दो घंटे बाद ही पलट गए। कांग्रेस तो कहीं है ही नहीं।

प्रकाश जावड़ेकर (दिल्ली चुनाव प्रभारी, भाजपा)

भास्कर: विधानसभा का चुनाव है, केंद्र और एमसीडी में भाजपा है। ऐसे में क्या आप निगम मॉडल पर वोट मांगेंगे?
जावड़ेकर: पांच साल में बहाने बनाना, वादे से मुकर जाना जैसी बातों से झूठ की सरकार बेनकाब हो गई। जनलोकपाल नहीं लाए। बंगला-गाड़ी ले लिया। कहते थे भ्रष्टाचार नहीं करेंगे लेकिन आधे मंत्री विधायक जमानत पर हैं। ये देशद्रोही नारों का साथ देते हैं।
 

भास्कर: अरविंद केजरीवाल की ‘फ्रीबीज’ पॉलिटिक्स और उसकी चुनौती से कैसे निपटेंगे?
जावड़ेकर: ये पिछले 5 साल नहीं, अंतिम 5 महीने में ‘फ्रीबीज’ चला है। साढ़े चार साल कोसते रहे कि मोदी जी ने मुझे काम नहीं करने दिया। अब अचानक कैसे काम करने दे रहे हैं?
 

भास्कर: सब्सिडी को लेकर भाजपा के पास कोई योजना है क्या?
जावड़ेकर: इसका विजन डॉक्युमेंट आएगा। हमने अनधिकृत कालोनियों में रजिस्ट्री के लिए 20 हजार सर्किल रेट की जगह सिर्फ 100 रुपए लिए। दूसरा,10 लाख झुग्गी वालों को दो रूम के फ्लैट्स मिलेंगे, वह भी सस्ते में। लोगों को तय करना है कि 10 लाख के फायदे वाली सरकार चाहिए या 1000 रुपए माफ करने वाली।
 

भास्कर: क्या प्रदेश भाजपा में बहुत गुटबाजी है?
जावड़ेकर: ये सच नहीं है। मैं 3 महीने से इस टीम के साथ काम कर रहा हूं। दिल्ली बीजेपी के बारे में ऐसी गलतफहमी लोगों के मन में थी। 
 

भास्कर: दिल्ली के पूर्ण राज्य का मुद्दा हर बार चुनाव में निकलता है, भाजपा का क्या फार्मूला है?
जावड़ेकर: केवल देश की राजधानी होने के नाते पुलिस व प्रोटोकॉल की व्यवस्था रहती है, उसे छोड़कर बाकी राज्य आज भी स्वतंत्र है।
 

भास्कर: जेएनयू, जामिया और डीयू के छात्र आंदोलन और युवाओं के मन के गुस्से से कैसे निपटेंगे?
जावड़ेकर: ये आंदोलन राजनीतिक उद्देश्य से चलाए गए हैं। जेएनयू में तोड़फोड़ की जांच चल रही है। कुछ चेहरे बेनकाब हुए, कुछ और होंगे। देश में 900 यूनिवर्सिटी हैं। 9 जगह कम्युनिस्ट का ज्यादा प्रभाव है। वहां जो कुछ होता है तो उससे देश के मिजाज का आंकलन नहीं कर सकते।

भास्कर: सड़कों पर होर्डिंग में मोदी के अलावा दिल्ली का कोई चेहरा दिखाई नहीं देता, क्या चुनाव मोदी बनाम केजरीवाल होने वाला है?
जावड़ेकर: ये मोदी बनाम केजरीवाल नहीं, विकास बनाम झूठ की लड़ाई है। मोदी विकास के प्रतीक हैं और केजरीवाल झूठ के। सीएम का कोई चेहरा घोषित करना या न करना रणनीति का हिस्सा है।

पीसी चाको (दिल्ली प्रभारी, कांग्रेस)

भास्कर: इस चुनाव के लिए कांग्रेस क्या रणनीति अपनाने जा रही है?
चाको: 
सबसे बड़ी रणनीति हमारा आत्मविश्वास है। लोस चुनाव में किसी ने उम्मीद नहीं की लेकिन हम सेकेंड पोजिशन पर रहे। आप ने 67 सीट जीती थी, लोस में तीसरे नंबर पर आ गई।
 

भास्कर: आप की ‘फ्रीबीज’ पॉलिटिक्स से पार पाने के लिए कांग्रेस क्या तरीका अपनाएगी? 
चाको: ये अच्छी पॉलिटिक्स नहीं है। बिजली-पानी बाकी राज्यों के मुकाबले यहां महंगा है। मेरे हिसाब से सिर्फ 20% को लोगों को फ्री बिजली-पानी मिला। चोरी रोककर व वितरण हानि नियंत्रण से पैसा बचाकर ज्यादा लोगों को कन्सेशन रेट पर बिजली देंगे।


भास्कर: आप लंबे समय से प्रभारी हैं, 7 साल में 4 लोस-विस चुनाव हुए एक बार 8 सीट छोड़ दें तो बाकी जीरो रहा। यह धब्बा कैसे मिटाएंगे?

चाको: कांग्रेस का वोट प्रतिशत बढ़ रहा है। मेरे पद संभालने के बाद पहले चुनाव (एमसीडी) में वोट प्रतिशत 9 से 22 और फिर 25 फीसदी हुआ। तब से लगातार वोट प्रतिशत बढ़ रहा है। संगठन का काम वोट प्रतिशत बढ़ाना है।
 

भास्कर: दिल्ली में कांग्रेस की लड़ाई झाड़ू से है या फिर कमल से?
चाको: दिल्ली में भाजपा ने बेशक 7 लोस सीट जीती हैं। लेकिन विधानसभा चुनाव में उसकी सीटें कम होंगी। हमारी मुख्य लड़ाई आम आदमी पार्टी से है।
 

भास्कर: त्रिकोणीय परिणाम रहा तो क्या पार्टी इस बार भी केजरीवाल के साथ जाएगी?
चाको: वर्ष 2013 में हमने जो किया- सही या गलत, उसकी वजह से ही केजरीवाल बने हैं। हमारे आठ एमएलए की मदद से वह सीएम बने। हम इस बार दिल्ली में कोई गठबंधन नहीं करेंगे।

 
भास्कर: इस चुनाव में कांग्रेस अभी कहीं दिख नहीं रही है, किसी सर्वे में? नेताओं में भी भगदड़ मची है?

चाको: चुनाव के पहले नेताओं का आना-जाना रहता है। शोएब इकबाल किसी पार्टी में ज्यादा देर नहीं रहते। रामसिंह नेताजी कभी सक्रिय नहीं थे। अवसरवादियों के जाने से कोई नुकसान नहीं होता।

भास्कर: भाजपा पीएम मोदी को चेहरा बना रही है, आप केजरीवाल के काम को रख रही है, आप किसके नाम पर वोट मांगेंगे?

चाको: चेहरे पर नहीं, पार्टी के नाम, झंडे-निशान पर वोट मांग रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी का चेहरा झारखंड, महाराष्ट्र व हरियाणा में चमत्कार नहीं किया। राज्य के चुनाव में मोदी का चेहरा नहीं चलेगा।

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