लोकसभा चुनाव / प्रज्ञा ने कहा- हेमंत करकरे को मेरा श्राप लगा, भाजपा ने कहा- निजी बयान है



Loksabha chunav 2019: Bjp says pragyas's statement is personal
X
Loksabha chunav 2019: Bjp says pragyas's statement is personal

  • मुंबई हमले के दौरान आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए थे हेमंत करकरे
  • दिग्विजय ने कहा- चुनाव आयोग ने शहीदों और सेना पर राजनीतिक बयानबाजी पर रोक लगाई है

Dainik Bhaskar

Apr 19, 2019, 07:28 PM IST

भोपाल/नई दिल्ली. भोपाल से भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने मुंबई हमले में शहीद हुए मुंबई एटीएस के चीफ हेमंत करकरे पर विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि मालेगांव ब्लास्ट की जांच के दौरान मैंने करकरे को श्राप दिया था। उनकी सवा महीने में मृत्यु हो गई। हालांकि, इस बयान पर विवाद बढ़ा तो उन्होंने देर शाम उन्होंने अपने शब्द वापस लिए और बयान पर माफी मांगी।

 

प्रज्ञा ने बयान दिया था, ‘‘मैंने करकरे से कहा था, तेरा सर्वनाश होगा। ठीक सवा महीने में सूतक लगता है। जिस दिन मैं गई थी। उस दिन इसका सूतक लग गया था और ठीक सवा महीने में जिस दिन आतंकवादियों ने इसको मारा उस दिन उसका अंत हुआ।’’


करकरे सच्चे और ईमानदार अफसर थे- दिग्विजय
भोपाल से कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर कहा, ''चुनाव आयोग ने यह साफ निर्देश दिए हैं कि शहीदों और सेना पर कोई राजनीतिक बयानबाजी न की जाए। हेमंत करकरे जी ईमानदार और सच्चे अफसर थे, जो मुंबई हमले में लोगों को बचाते हुए शहीद हो गए थे।'' 

 
भाजपा ने कहा- यह प्रज्ञा का निजी बयान
भाजपा नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील नलिन कोहली ने इस पर कहा, ''चाहे लड़का हो या लड़की, जो अपनी मातृभूमि के लिए अपनी जान देता है उसका सभी सम्मान करते हैं। प्रज्ञा ने जो कहा वो उनके नजरिये में सही हो सकता है, क्योंकि वो एक लंबी जांच प्रक्रिया से गुजरी हैं। हम करकरे जी को सलाम करते हैं और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।''

 

बलूनी ने कहा- भाजपा का मानना है कि स्वर्गीय करकरे जी आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हुए थे। भाजपा ने हमेशा उन्हें शहीद माना है। साध्वी प्रज्ञा का बयान निजी है। उन्हें जो वर्षों तक शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना हुई, उसके चलते उन्होंने ऐसा कहा होगा।

 

अशोक चक्र से सम्मानित हुए थे करकरे
26 नवंबर 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले में करकरे मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए थे। उन्हें सीने पर 3 गोलियां लगी थीं। इस हमले में 174 की जान गई थी और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। मुठभेड़ में 9 आतंकियों को मार गिराया गया था। बहादुरी के लिए करकरे को 26 जनवरी 2009 को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था। 

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना