गठबंधन / यूपीए प्रमुख सोनिया गांधी ने गैर-एनडीए दलों को आमंत्रण भेजा, 23 मई को सभी दल मिलेंगे



UPA chairman Sonia Gandhi invites non-NDA parties for meet on May 23
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UPA chairman Sonia Gandhi invites non-NDA parties for meet on May 23

  • कांग्रेस की सोच- इस लोकसभा चुनाव में भाजपा बहुमत से दूर रहेगी
  • कांग्रेस नेता ने कहा- प्रधानमंत्री का पद पार्टी के प्रयासों के बीच नहीं आएगा

Dainik Bhaskar

May 16, 2019, 06:06 PM IST

नई दिल्ली. यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने गैर-एनडीए दलों को 23 मई को बैठक के लिए बुलाया है। इसी दिन चुनाव परिणाम भी घोषित होने हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस का मानना है कि भाजपा को इस बार बहुमत नहीं मिलेगा। इसी के मद्देनजर यूपीए प्रमुख ने सेक्युलर पार्टियों के नेताओं को निमंत्रण भेजा है। इनमें एनसीपी प्रमुख शरद पवार, डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन, राजद और टीएमसी के नेता शामिल हैं।

 

इस मामले को संभालने के लिए कांग्रेस ने चार नेताओं की टीम बनाई है। इसमें अहमद पटेल, पी.चिदंबरम, गुलाम नबी आजाद और अशोक गहलोत का नाम है। दरअसल, कांग्रेस दूसरी पार्टियों के नेताओं के बदलते रवैये पर लगातार नजर बनाए हुए है। इनमें तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव (केसीआर) का नाम शामिल है। 

 

तीसरे मोर्चे को लेकर केसीआर ने की थी स्टालिन-विजयन से मुलाकात

राव ने केरल के मुख्यमंत्री पी.विजयन और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन से मुलाकात की थी। इसका उद्देश्य तीसरे मोर्चे की सरकार के गठन पर चर्चा करना था। रिपोर्ट्स तो यह भी है कि मुख्यमंत्री राव और वायएसआर कांग्रेस के प्रमुख जगमोहन रेड्डी को भी यूपीए प्रमुख ने निमंत्रण भेजा था हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की गई है। केसीआर की पार्टी तेलंगाना राष्ट्रीय समिति (टीआरएस) ने यह भी कहा था कि तीसरे मोर्चे की सरकार के गठन के लिए हम कांग्रेस का साथ ले सकते हैं, लेकिन राहुल गांधी को नेतृत्व सौंपने पर पार्टी को ऐतराज है।

 

कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी आजाद पहले ही कह चुके हैं कि पार्टी प्रधानमंत्री पद को लेकर बहुत ज्यादा उत्सुक नहीं है। यह पद सरकार बनाने के पार्टी के प्रयासों के बीच नहीं आएगा।

 

भाजपा अपने वादों को पूरा करने में असफल हुई- तेजस्वी

नई दिल्ली. राजद नेता तेजस्वी यादव ने गुरुवार को कहा है कि नई सरकार के गठन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मुख्य भूमिका निभाएंगे। तेजस्वी ने कहा कि भाजपा अपने वादों को पूरा करने में असफल हुई है। इन पर कोई सवाल न उठे, इसलिए समाज में नफरत की राजनीति कर रही है। बिहार में राजद, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, हिंदुस्तान अवाम मोर्चा और विकासशील इंसान पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। तेजस्वी का दावा है कि यह महागठबंधन को प्रदेश में जीत मिलेगी।

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