ग्राउंड रिपोर्ट / प. बंगाल में अब एक ही सवाल, भाजपा को कितनी सीटें?



ground report from west bengal lok sabha seat
X
ground report from west bengal lok sabha seat

  • भाजपा की अंदरूनी रिपोर्ट के मुताबिक अब तक जिन 33 सीटों पर मतदान हुआ, उनमें से पार्टी 19 सीटें जीत सकती
  • 7वें चरण में उत्तर और दक्षिण कोलकाता के साथ ही 9 सीटों पर मतदान, 2014 में ये सभी सीटें टीएमसी ने जीती थीं

सुभाशिष मैत्रा

सुभाशिष मैत्रा

May 16, 2019, 02:47 AM IST

अंतिम चरण के मतदान से पहले बंगाल में चुनावी पारा चरम पर है। पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़े जाने से आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। सातवें चरण में उत्तर और दक्षिण कोलकाता के साथ ही 9 सीटों पर मतदान होना है। 2014 में ये सभी सीटें टीएमसी ने जीती थीं।


छठे चरण का मतदान हाेने के बाद से बंगाल में एक ही सवाल पूछा जा रहा है कि भाजपा को कितनी सीटें मिलेंगी? यह पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बात है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां पर 15 रैलियां कर चुके हैं। ममता बनर्जी भी 80 पब्लिक मीटिंग कर चुकी हैं और उनका लक्ष्य 102 का है। भाजपा की अंदरूनी रिपोर्ट के अनुसार-जिन 33 सीटों पर मतदान हुआ है, पार्टी वहां 19 सीटें जीत सकती है। ममता भले ही सभी 42 सीटें जीतने का दावा कर रही हों पर पार्टी के सूत्र 30 से 36 सीट जीतने की बात कह रहे हैं।

 

आखिरी चरण में 19 मई को कोलकाता उत्तर, कोलकाता दक्षिण, दमदम, जाधवपुर, बारासात, बसीरहाट, जयनगर, मथुरापुर और डायमंड हार्बर में मतदान होना है। राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रवाद भाजपा का प्रमुख मुद्दा रहा, लेकिन बंगाल में भाजपा का अभियान ममता सरकार का अल्पसंख्यक तुष्टिकरण और विकास पर केंद्रित रहा। अगर यह चुनाव सिर्फ विकास पर ही होता तो शायद ममता को जबरदस्त जीत मिलती। क्योंकि उनकी 46 कल्याणकारी योजनाएं लाेगों में लोकप्रिय हैं।

 

फिर लोगों में नाराजगी किस बात से है? इसकी वजह इन कल्याणकारी योजनाओं में टीएमसी के निचले स्तर के नेताओं द्वारा वसूला जाने वाला कट है। 2014 के लोकसभा चुनावों में भाजपा का जो वोट शेयर 17% था, जो 2016 के विधानसभा चुनाव में 10% पर आ गया, इसके बाद हुए चुनावों में यह 22% तक पहुंच गया। इस बार इसके 30% तक पहुंचने की उम्मीद है।

 

साफ है कि भाजपा को करीब 100 विधानसभा सीटों पर बढ़त मिल सकती है। ऐसा होता है तो 2021 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ममता के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। भाजपा का तो भी वोट शेयर बढ़ेगा वह कांग्रेस और लेफ्ट के वोट शिफ्ट हाेने की वजह से ही होगा। ममता का वोट शेयर 40 से 46% के बीच बना रहेगा।

 

भाजपा का सपना है कि बंगाल में त्रिपुरा मॉडल को दोहरा दें। त्रिपुरा में 2013 में भाजपा की कोई सीट नहीं थी लेकिन 2018 में पार्टी वहां पर सत्ता में आ गई। पर यह बात ध्यान रखनी चाहिए कि बंगाल के क्षेत्रफल और आबादी की तुलना में त्रिपुरा किसी नगर निगम के समान है। इसके अलावा ममता अपनी सत्ता बचाने के लिए पूरी ताकत लगा देंगी।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना