सियासी दंगल / भाजपा काे सरयू-फूलचंद से चुनाैती; पाैलुस-शशिभूषण से झामुमाे का बढ़ा टेंशन, बलमुचू-शमशेर से कांग्रेस को है डर

BJP elected from Saryu-Phoolchand; Palus-Sasibhushan's increased tension with JMM, Congress fearing Balmuchu-Shamsher
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BJP elected from Saryu-Phoolchand; Palus-Sasibhushan's increased tension with JMM, Congress fearing Balmuchu-Shamsher

  • टिकट कटने पर भाजपा व गठबंधन में भितरघात की अाशंका, डैमेज कंट्राेल में लगी पार्टियां
  • सभी दलाें काे मिल रही अपनाें से चुनाैती, विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियाें की हाेगी अग्नि परीक्षा

Dainik Bhaskar

Dec 04, 2019, 01:07 AM IST

पंकज त्रिपाठी | रांची
विधानसभा चुनाव में भितरघात से सभी दल आहत हैं। इस बार चुनाव में हुए दल-बदल ने सभी दलों के लिए चुनौती खड़ी कर दी है। सीएम रघुवर दास की जमशेदपुर पूर्वी सीट पर भी अपनाें से चुनाैती मिल रही है। भितरघात की अाशंका से एक दल नहीं, सभी डरे हुए हैं। लंबे समय से क्षेत्र में काम करने के बाद भी टिकट से वंचित नेताओं की फौज खड़ी है तो सिटिंग विधायकाें की टिकटे कटी ताे वे भी अपने दल को नुकसान पहुंचाने में जुटे हैं। कहीं दल-बदलुओं को टिकट देने से भितरघात की अाशंका बढ़ी है तो कहीं दूसरे दल में गए अपने नेताओं अाैर कार्यकर्ताओं को रोकने की बड़ी चुनौती है। भाजपा काे सरयू राय-फूलचंद मंडल सरीखे नेताअाें से चुनाैती मिल रही है। झामुमाे का टेंशन पाैलुस सुरीन, शशिभूषण सामड़ अाैर ने बढ़ा दिया है। वहीं, प्रदीप कुमार बलमुचू अाैर शमशेर अालम से कांग्रेस अाहत है। सभी दल डैमेज कंट्राेल में लगे हैं।

जमशेदपुर पूर्वी : सरयू राय दे रहे भाजपा प्रत्याशी को चुनौती
यहां से मुख्यमंत्री रघुवर दास चुनाव लड़ रहे हैं। इस बार कैबिनेट मंत्री सरयू राय पार्टी से बगावत कर रघुवर को चुनौती दे रहे हैं। यहां शहरी वोटर भाजपा के साथ हैं, पर सरयू को नाराज गुट का साथ मिल रहा है। बिहार के सीएम नीतीश कुमार के करीबी हाेने के चलते जदयू कार्यकर्ता समेत विपक्ष के नेताओं का भी सहयाेग मिल रहा है। यहां कांग्रेस के प्राे. गाैरव वल्लभ व झाविमाे के अभय सिंह लड़ाई काे चतुष्कोणीय बनाने की काेशिश कर रहे हैं। जमशेदपुर पश्चिम में भी सरयू राय के समर्थक उदासीन हैं। वे प्रत्याशी के प्रचार-प्रसार से दूरी बनाए हुए हैं। 

झरिया : शमशेर और संतोष बनेे कांग्रेस की राह में रोड़ा
झरिया में कांग्रेस के लिए भितरघात से बचना चुनौती हो गई है। एआईसीसी मेंबर संतोष सिंह अाैर डिप्टी मेयर शमशेर आलम चुनौती दे रहे हैं। टिकट नहीं मिलने से नाराज दोनों नेता पिछले चुनाव से ही दावेदारे थे, पर उस समय नीरज सिंह काे टिकट दिया गया था। इस बार भी पूर्णिमा सिंह को प्रत्याशी बनाए जाने पर दाेनाें बगावती मूड में हैं। यहां मुकाबला भाजपा की रागिनी सिंह अाैर कांग्रेस की पूर्णिमा सिंह में है। ऐसे में शमशेर-संतोष पार्टी की राह में राेड़ा अटका रहे हैं। उनके समर्थकों ने भी पार्टी के कार्यक्रमों से खुद को किनारे कर रखा है।

खूंटी : कड़िया मुंडा मान गए पर बेटा दे रहे झामुमो का साथ
खूंटी सीट से भाजपा के नीलकंठ सिंह मुंडा चुनाव जीतते रहे हैं। लोकसभा चुनाव में इस सीट से पूर्व सांसद कड़िया मुंडा का टिकट कटा तो उनके समर्थकाें काे उम्मीद थी कि कड़िया के बेटे अमरनाथ मुंडा को विधानसभा में मौका मिलेगा, पर ऐसा नहीं हुआ। नीलकंठ काे भाजपा का टिकट मिला। नाराज अमरनाथ अब झामुमो में हैं। वे गठबंधन प्रत्याशी का खुले रूप में साथ दे रहे हैं। इसलिए यहां भाजपा में भितरघात की अाशंका है। हालांकि, पीएम माेदी की खूंटी सभा के बाद स्थिति कुछ सुधरी है। मंच पर मोदी के साथ कड़िया मुंडा भी नजर अाए।

घाटशिला : झामुमो-कांग्रेस के लिए बलमुचू से खतरा
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप कुमार बलमुचू ने घाटशिला में झामुमाे के लिए चुनाैती खड़ी कर दी है। आठ साल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अाैर घाटशिला से तीन बार विधायक रहे बलमुचू काे टिकट नहीं मिलने पर वे आजसू से मैदान में हैं। गठबंधन में यह सीट झामुमो काे मिली अाैर रामदास सोरेन चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस को अाशंका है कि कार्यकर्ता झामुमो का साथ देने के बजाए बलमुचू के साथ न चले जाएं।

सिंदरी : भाजपा काे फूलचंद, झामुमाे को मन्नु से परेशानी
पहले झाविमो और फिर भाजपा से विधायक बने फूलचंद मंडल इस बार दल बदल कर झामुमो से चुनावी मैदान में हैं। झामुमो के मन्नु आलम पार्टी के इस निर्णय से बागी मूड में हैं। झामुमो के भीतर भी एक खेमा नाराज है। फूलचंद का अपना जनाधार झामुमो से विरोध का था, वह उनके साथ रहेगा, फिलहाल एेसा नहीं दिख रहा है। झामुमो क्राइसिस मैनेजमेंट करने में जुटा है। यहां भाजपा की राह भी अासान नहीं है।

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