मोदी सरकार के 4 साल: वो 4 अहम बदलाव, जिन्होंने आम आदमी की जिंदगी को कुछ हद तक आसान बनाया

कई योजनाओं में से कुछ ऐसी हैं, जिनके बारे में चर्चा तो ज्यादा नहीं हुई लेकिन इन योजनाओं आम आदमी की जिंदगी जरूर आसान की।

DainikBhaskar.com| Last Modified - May 18, 2018, 12:33 PM IST

नई दिल्ली. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार 26 मई को अपने चार साल पूरे कर रही है। सरकार इस मौके पर अपने काम और उपलब्धियां देश की जनता तक पहुंचाना चाहती है। इसके लिए उसने 48 साल बनाम 48 महीने की टैग लाइन बनाई है। बहरहाल, केंद्र सरकार की कई योजनाओं में से कुछ ऐसी हैं, जिनके बारे में चर्चा तो ज्यादा नहीं हुई लेकिन इन योजनाओं आम आदमी की जिंदगी जरूर आसान की। मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद कई ऐसे कानूनों को खत्म कर दिया जो उसके हिसाब से बिल्कुल गैर जरूरी थे। आइए जानते हैं ऐसे ही 4 बदलावों को जिनकी वजह से देश के आम नागरिक को कुछ राहत मिली। 

1) सेल्फ अटैस्टेशन 
- 2014 में सत्ता में आते ही नरेंद्र मोदी सरकार ने एक बेहद जरूरी फैसला किया। उसने कहा कि अब सरकारी ऑफिसों में जमा किए जाने वाले पहचान संबंधी दस्तावेज को सेल्फ अटैस्टेड किया जा सकेगा। बता दें कि इसके पहले इन दस्तावेजों किसी राजपत्रित अधिकारी (gazetted officer) से अटैस्टेड यानी प्रमाणित करना पड़ता था। इसकी वजह से उन आम लोगों को बहुत तकलीफ होती थी जिनके किसी राजपत्रित अधिकारी से जान-पहचान नहीं होती थी। आमतौर पर जन्म प्रमाण पत्र और मार्कशीट्स के मामले में यह परेशानी ज्यादा पेश आती थी। 

2) तत्काल टिकट
- भारतीय रेलवे या इंडियन रेलवे को देश की जीवनरेखा या लाइफ लाइन कहा जाता है। हर दिन लाखों लोग भारतीय रेल में यात्रा करते हैं। मोदी सरकार ने आने के बाद रेलवे में सुधार के लिए कई कदम उठाए। इसमें से एक है तत्काल टिकट। तत्काल टिकट उन लोगों के लिए बहुत बड़ी राहत है जो किसी काम की वजह से अचानक यात्रा की योजना बनाते हैं और इसके लिए उन्हेंं टिकट की जरूरत होती है। सरकार ने पिछले साल रेल कनेक्ट ऐप लॉन्च किया था। इसके जरिए एक मिनट से भी कम वक्त में टिकट बुकिंग हो जाती है। 

3) टैक्स फाईलिंग यानी आयकर भरना अब आसान
- इनकम टैक्स ने टैक्स फाईलिंग यानी आयकर चुकाने को आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए। इसके लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एंटरप्राइस रिसोर्स प्लानिंग यानी ERP सॉफ्टवेयर की मदद ली। इसकी जरिए आयकर रिटर्न फाईलिंग को ऑटोमैटेड बनाया गया। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट जैसे ऑप्शन भी इस्तेमाल में लाने शुरू किए गए। इसकी वजह से लोगों का वक्त भी बचा और उनकी परेशानियां भी काफी कम हो गईं। 

4) पासपोर्ट के लिए जन्म प्रमाण पत्र जरूरी नहीं
- मोदी सरकार ने पिछले साल पासपोर्ट बनवाने वालों के लिए एक बड़ी राहत दी। सरकार ने इसके लिए 1980 में बनाए गए उस नियम को बदल दिया जिसके तहत अगर आपको पासपोर्ट बनबाना होता था तो जन्म प्रमाण पत्र यानी बर्थ सर्टिफिकेट जरूरी होता था। अब आप आधार कार्ड या पैन कार्ड को पहचान पत्र के तौर पर पेश करके पासपोर्ट बनवा सकते हैं। इसके जरिए ही आपकी डेट ऑफ बर्थ वेरिफाई कर ली जाएगी।  

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