मायस्थेनिया ग्रेविस:79 साल के अरुण बाली को हुआ न्यूरोमस्कुलर रोग, जिसमें इम्यून सिस्टम ही शरीर का दुश्मन बन जाता है

4 महीने पहले
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फिल्म एक्टर अरुण बाली इन दिनों मुंबई के हीरानंदानी अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें दुर्लभ न्यूरोमस्कुलर रोग मायस्थेनिया ग्रेविस हो गया है। यह ऐसा रोग है जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम शरीर के टिश्यूज पर हमला करता है। अरुण के बारे में नुपुर अलंकार ने यह जानकारी मीडिया से शेयर की। अरुण ने '3 इडियट्स', 'केदारनाथ', 'पानीपत' जैसी फिल्मों में भी काम किया है।

अरुण बाली का हाल क्या है
नुपूर ने जब अरुण बाली से फोन पर बात की थी तो वे ठीक से बोल नहीं पा रहे थे। उनकी आवाज लड़खड़ारहे थे। अरुण बाली की बेटी इतिश्री ने बाद में नूपुर से बात की और बताया कि अरुण को न्यूरोमस्कुलर डिसऑर्डर है जिसमें मांसपेशियां और नसें शामिल काम करना बंद कर देती हैं।

और भी हैं रोग के लक्षण
मायस्थेनिया ग्रेविस होने पर इंसान को सारे काम बंद कर देना चाहिए क्योंकि लगातार एक्टिव रहने से हालात और बिगड़ जाते हैं। इसके उलट आराम करने से हालत में सुधार होता रहता है। मायस्थेनिया ग्रेविस के प्रमुख लक्षणों में बात करने में दिक्कत, चीजों को उठाने में परेशानी, सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत, सांस लेने, चबाने या निगलने में दिक्कत, थकान तथा आवाज में भारीपन शामिल हैं।

मायस्थेनिया ग्रेविस क्या है?
मायस्थेनिया ग्रेविस एक प्रकार का ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है, जो तब होता है जब इम्यून सिस्टम हैल्दी सेल्स पर पर हमला करने लगता है। मायस्थेनिया ग्रेविस वाले लोगों में, शरीर एंटीबॉडी का बनाता है जो मांसपेशियों की कोशिकाओं को नर्व सिस्टम तक मैसेज नहीं पहुंचने देता है। मायस्थेनिया ग्रेविस का सटीक कारण अज्ञात है। कुछ मामलों में, यह थाइमस (प्रतिरक्षा प्रणाली का एक अंग) के ट्यूमर से जुड़ा होता है।

हालांकि मायोस्थेनिया ग्रेविस का कोई इलाज नहीं है लेकिन इसके लक्षणों को कंट्रोल करके इसे ठीक किया जा सकता है।

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