खास बातचीत:आयुष शर्मा बोले-मुझे 'अंतिम' के लिए बॉडी बनाने में लगे 3 साल, हां करने के बाद पता चला था कि फिल्म में सलमान भी हैं

मुंबई2 महीने पहलेलेखक: ज्योति शर्मा

एक्टर सलमान खान और आयुष शर्मा की फिल्म 'अंतिम: द फाइनल ट्रूथ' 26 नवंबर (शुक्रवार) को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इस एक्शन-ड्रामा फिल्म को दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है। महेश मांजरेकर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में सलमान और आयुष बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं। इस फिल्म की सफलता के बाद आयुष शर्मा ने हाल ही में दैनिक भास्कर से खास बातचीत में फिल्म की जर्नी, अपनी एक्टिंग और सलमान खान के साथ उनकी बॉन्डिंग के बारे में बताया है।

16 किलो वजन तीन सालों में बढ़ाया
आयुष शर्मा ने बताया, "फिल्म के लिए बॉडी बनाने के लिए 3 साल लग गए। हर दिन 200 से 400 ग्राम चावल खाना पड़ता था। ये बहुत ही मुश्किल होता था, क्योंकि रोज यही खाना-खाना पड़ता था। उसका समय तय होता था। 24 घंटे का पूरा रूटीन हुआ करता था। जिसे लगातार 3 सालों तक फॉलो करना पड़ा। मेरा वजन आसानी से नहीं बढ़ता है। बड़ी मुश्किल से मेरी पहली फिल्म के लिए मैंने 60 किलो तक वजन बढ़ाया था। जिसके बाद लगा कि मैंने बहुत काम कर लिया, लेकिन और 16 किलो इस फिल्म के लिए बढ़ाना बड़ा मुश्किल रहा। लॉकडाउन के दौरान भी ये रूटीन लगातार चालू था। जिम घर पर होने के कारण ट्रेनर ने वर्कआउट लगातार चालू रखा था। सबसे अजीब चीज ये लगती थी कि जब भी छुट्टियों के लिए बाहर जाना पड़ता था। तब ये देखना पड़ता था कि होटल में जिम है या नहीं।"

'अंतिम' को हां कहने के चार महीने बाद पता चला कि इस फिल्म में सलमान भी हैं
जब मुझे फिल्म मिली उसके चार महीने बाद मुझे ये झटका मिला कि इस फिल्म में सलमान खान भी हैं। शुरुआत में मुझे यह ही बताया गया था कि मैं रहुलिया का किरदार निभा रहा हूं। बाकि की कास्ट का नहीं पता था, तो मैंने सोचा की अभी तो टाइम है। जब कास्टिंग होगी तो पता चल ही जाएगा। तो मैंने तैयारी शुरू कर दी कि मेरे किरदार की मेंटेलिटी कैसी होगी? फिजिकली कैसा होगा? उसका लुक क्या होगा? जब लुक टेस्ट हो रहा था, तब मैंने अपने बाल भी बहुत छोटे करवा लिए थे।

इस बिच उन्होंने मुझे बुलाया और बताया कि वे फिल्म में कॉप का किरदार निभा रहे हैं। तो मुझे लगा शायद 'राधे' या 'दबंग' की बात हो रही है। तब उन्होंने मुझे बताया कि फिल्म 'अंतिम' में पुलिस का किरदार निभा रहा हूं। आप इस समय कहां हैं? आप मेरे साथ ये काम करेंगे। उस वक्त मैं बहुत कंफ्यूज था। क्या यह मेरे साथ मजाक हो रहा है, या सच में ऐसा होने वाला है। मैंने सलमान भाई से पूछा भी कि आप तो इस समय 'टाइगर' शूट करने वाले हैं। तो कैसे इस फिल्म की शूटिंग करेंगे। तब उन्होंने बताया कि 'टाइगर' शूट करने के पहले जो मेरे पास समय बचेगा, उसमें फिल्म को शूट करूंगा। जिस पर मैंने उनसे सवाल किया कि यह तो बहुत ही अलग फिल्म है। आप ऐसी फिल्में नहीं करते। यह तो बहुत ही डार्क और इंटेंस फिल्म है। आप कैसे करेंगे ? जिस पर सलमान भाई ने बताया कि मैं कुछ अलग करना चाहता हूं। इस फिल्म की कहानी बहुत अच्छी है। अगर मेरे जुड़ने से यह फिल्म ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी तो इससे बढ़िया क्या हो सकता है?

जब मुझे पता चला तो मैं बहुत खुश हुआ। लेकिन जब मैं अगले दिन सुबह सोकर उठा, तब मुझे यह ख्याल आया कि हर पल में जब भी सलमान भाई गुंडे को पीटते थे। तब तो मुझे बहुत मजा आता था, लेकिन इस फिल्म में तो मुझे ही पीटने वाले हैं। जिसके बाद मैं उनके पास गया और मैंने कहा कि आप इस फिल्म को मत करिए। क्योंकि अगर आप इस फिल्म में रहेंगे तो मैं अपने आप पर काम करूंगा या फिर आपसे बचने की कोशिश करूंगा। जिस पर सलमान भाई का जवाब था कि जब तुम मेरे सामने इस फिल्म में खड़े रहोगे, तभी तो नोटिस किए जाओगे कि आखिर तुमने क्या काम किया है। सलमान भाई के साथ फाइट सीन शूट करना मुश्किल था।

मुश्किल तब नहीं होता जब कोई परिवार से है
मुश्किल इसलिए था, क्योंकि वो सलमान खान हैं। उनके साथ फाइट करना वो मुश्किल चीज थी। मुझे उस वक्त विश्वास नहीं हो रहा था। जब उन्होंने अपनी शर्ट उतारी और जब मुझे शर्ट उतरने बोला। तब मुझे बहुत शर्म सी महसूस हुई। मैं इसके सामने कैसे शर्ट उतारूं। मेरे साथ ये क्या हो रहा है? इसी के साथ मुझे गुस्सा भी दिखाना है। उनके साथ फाइट भी करनी है। जिसकी वजह से मैं थोड़ा डर भी गया था। मैंने उन्हें कहा कि आप मुझे मारने वाले सीन पहले कर लीजिए। आपको मारने वाले सीन मैं आपके डुप्लीकेट के साथ कर लूंगा। तो सलमान भाई ने मना कर दिया। बोले हम दोनों ही फाइट सीन शूट करंगे। वो काफी ऑथेंटिक लगेगा। हमारा जो पहला फाइट शूट था, उसमें मुझे भाई की गर्दन पकड़ कर घूमना था। जिसके लिए मैं बहुत डरा हुआ था। एक-एक चीज मैं पूछ कर कर रहा था। तो भाई ने एक ही बात कही तुम अपना ख्याल रखो। मैं ये काम पिछले तीस सालों से कर रहा हूं। मुझे कुछ नहीं होगा।

रोमांटिक सीन करने में आती है शर्म, अनकंफर्टेबल फील होता है
मुझे रोमांटिक सीन्स से कोई प्रॉब्लम नहीं है। लेकिन, जब केमिस्ट्री दिखानी होती है, इंटिमेट बनना होता है। तो मुझे बहुत अजीब सा लगता है। शर्म आती है। जब हम इस गाने को शूट कर रहे थे। उस वक्त महेश सर ने मेरे साथ एक प्रेंक किया था। महेश सर आए और बोले की तुम्हारा एक किसिंग सीन भी है। तो मैंने उन्हें कहा कि ये तो स्क्रिप्ट का हिस्सा है ही नहीं। लेकिन, उन्होंने बोला की करना ही होगा। जिसके बाद मैं सलमान भाई के पास गया, जो खुद भी इस प्रेंक में शामिल थे। जब भाई को पूरी बात बताई की महेश सर किसिंग सीन के लिए बोल रहे हैं। तो सलमान भाई ने बोला कर लो। फिर मैंने उन्हें समझाया की भाई ये उस टाइप की फिल्म नहीं है। मुझे करना भी नहीं है। मैं थोड़ा अनकंफर्टेबल हूं। तो भाई बोलते हैं कि डायरेक्टर ने जो बोला है वह करो। मैं क्या कर सकता हूं। इसमें जिसके बाद मैंने महेश सर को बहुत कन्वेंस करने की कोशिश की, मैंने उनसे कहा कि मैं नहीं कर पाऊंगा। लेकिन, वह नहीं माने फिर मैंने सोचा महिमा एक लड़की है। शायद वह जब सर को मना करेगी, तो वह शायद मान जाए। मैं महिमा के पास गया सर मैंने महिमा से कहा कि फिल्म में किसिंग सीन है। मैं अनकंफर्टेबल हूं। प्लीज आप महेश सर से बात करिए। तो महिमा ने कहा कि इस बारे में तो मुझे कुछ पता ही नहीं है। मैं उनसे बात करती हूं। जब हम सब दूसरे दिन शूट करने लगे। तब मैंने महेश को बोला कि इस सीन को मत रखिए। आंखों से भी रोमांस किया जा सकता है। तब जाकर महेश सर ने बताया कि वह हमारे साथ मजाक कर रहे थे। जिसके कारण हमारी हालत खराब हो गई थी। घर पर अर्पिता को लेकर ज्यादा टेंशन नहीं, क्योंकि वो बचपन से इस फिल्म इंडस्ट्री को जानती हैं। बल्कि वह इस तरह के रोमांटिक सीन्स को देखकर ज्यादा एक्साइटेड होती है। उसे पता है कि मैं कंफर्टेबल नहीं हूं। मुझे शर्म आ रही है तो और ज्यादा उस बारे में बात करती है। जब गाना रिलीज हुआ। उस वक्त अर्पिता जानबूझकर बच्चों को उस गाने को दिखा रही थी कि देखो आपके पापा क्या कर रहे हैं।

महेश सर ने हमारे काम के अनुसार फिल्म डायरेक्ट की है
महेश सर सिर्फ इमोशन समझते थे। उसके बाद वो पूरा शॉट हमें खुद के हिसाब से शूट करने देते थे। उनकी जो खासियत है वो यह है की हमे उनके डायरेक्शन के हिसाब से एक्टिंग नहीं करनी होती थी। बल्कि वे हमारी एक्टिंग के हिसाब से डायरेक्शन करते थे। मेरे किरदार के लिए वो मुझे पुरे दिन में सिर्फ 2 घंटे सोने देते थे, ताकि मेरी आंखे लाल हों। मैं चिड़चिड़ा रहूं और हमेशा गुस्से में रहूं। वो कभी भी एक्टर को सेट पर रोकते नहीं थे, या ये नहीं कहते थे कि आप सेट पर हैं। अच्छे से बर्ताव करें। क्योंकि वो जानते थे कि मैं कैरेक्टर में हूं। जब भी मेरा कोई इंटेंस सीन हुआ करता था। तो वो पहले ही सबको कहते थे कि इसके पास मत जाना। उससे कोई हंसी मजाक मत करना। मैंने अपने किरदार के लिए महेश सर से पूछा कि किस तरह का मेरा बॉडी लैंग्वेज होना चाहिए। तो उनका जवाब था कि किसी भी गैंगस्टर का कोई बॉडी लैंग्वेज नहीं होता है। तुम बस ये सोचो की उसका माइंड सेट कैसा होगा। उसके अकॉर्डिंग उसका बॉडी लैंग्वेज होगा। सबसे खास बात जब भी कोई सीन मैं अच्छा करता था तो महेश सर पीछे खड़े होकर बोलते थे, बहुत अच्छा किया। अगर थोड़ा 19-20 होता था तो बताते भी थे कि कैसे कर सकता हूं।

परिवार में फिल्म की स्क्रिप्ट को लेकर राय
मैं सबसे पहले सलमान भाई की राय लेता हूं। क्योंकि उनका फिल्म इंडस्ट्री में अच्छा एक्सपीरियंस रहा है। दूसरा उन्होंने मुझे ट्रेन भी किया है। तो उनको पता है कि मैं क्या कर सकता हूं क्या नहीं? उसके बाद सोहेल भाई की सलाह लेता हूं। क्योंकि वो किसी भी स्क्रिप्ट को क्रिटिकली सुनते हैं। अर्पिता का बहुत ही जनरल फीडबैक होता है। लेकिन, मैं पहले खुद देखता हूं कि फिल्म कैसी है?

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