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पहले 'इंडियन आइडल' का जन्मदिन:पहले इंडियन आइडल बनकर रातोंरात स्टार बन गए थे अभिजीत सावंत, लेकिन ज्यादा दिन नहीं टिका स्टारडम और फिर हो गए गुमनाम

15 दिन पहले
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2004 में 'इंडियन आइडल' के पहले विनर बने सिंगर अभिजीत सावंत आज एक तरह से गुमनामी की जिंदगी जी रहे हैं। रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' से रातों रात प्रसिद्धि पाने वाले अभिजीत सावंत आज भी अपनी पहचान के लिए बॉलीवुड में स्ट्रगल ही कर रहे हैं। आज अभिजीत सावंत का बर्थडे है।

अभिजीत सावंत का जन्म मुंबई में ही हुआ है। वर्ष 2004 में अभिजीत सावंत ने 'इंडियन आइडल' के लिए मुंबई में ऑडिशन दिया, जिसमें उनका चयन हो गया। अपनी सुरीली आवाज के दम पर अभिजीत सावंत का सफर 'इंडियन आइडल' में आगे बढ़ता गया, जिसमें उन्होंने वेस्ट बंगाल के अमित साना को हराकर फाइनल का खिताब जीता। इस खिताब को पाते ही अभिजीत सावंत रातों रात स्टार तो बन गए, लेकिन उनका यह स्टारडम ज्यादा दिनों तक नहीं चल सका।

जीतते ही निकला पहला एल्बम

'इंडियन आइडल' जीतते ही 7 अप्रैल 2005 को अभिजीत सावंत का पहला सोलो एल्बल 'आप का अभिजीत' सोनी ने निकाला। यह एल्बम कुछ खास असर नहीं छोड़ पाया, लेकिन इसका एक गाना 'मुहब्बतें लुटाऊंगा' खासा लोकप्रिय हुआ। इसके बाद अभिजीत सावंत का दूसरा एल्बम 'जुनून-अभिजीत सावंत' के नाम से आया। इस एल्बम का टाइटल ट्रैक 'जुनून' एक बड़ा हिट साबित हुआ।

'नच बलिए' में कर चुके हैं शिरकत

अभिजीत और उनकी पत्नी शिल्पा डांस रियलिटी शो 'नच बलिए' (सीजन 4) में परफॉर्म कर चुके हैं। इस शो में यह कपल जजेज का तो फेवरेट था, लेकिन पब्लिक ने इस कपल को नकार दिया। इसके बाद अभिजीत ने एक सुपरफ्लॉप फिल्म 'लॉटरी' के जरिए एक्टिंग में भी हाथ आजमाए, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल सकी।

इंडियन आइडल पर ही साधा निशाना

'इंडियन आइडल' के पहले सीजन के विनर रहे अभिजीत सावंत कुछ समय पहले इसी रियलिटी शो पर निशाना साधने की वजह से सुर्खियों में आए थे। उनका कहना था कि इन दिनों शो के मेकर्स कंटेस्टेंट्स की ट्रैजिक स्टोरीज पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं। अभिजीत ने एक न्यूज वेबसाइट से बातचीत में कहाथा, "इन दिनों मेकर्स प्रतिभा की जगह इस बात में दिलचस्पी ले रहे हैं कि कंटेस्टेंट जूते पॉलिश करता है या वह कितना गरीब है।"

उन्होंने आगे कहा था, "आपको क्षेत्रीय रियलिटी शो देखने चाहिए, जहां दर्शक अपने पसंदीदा कंटेस्टेंट्स के बैकग्राउंड के बारे में कुछ भी नहीं जानते। उनका फोकस सिर्फ सिंगिंग पर होता है, लेकिन हिंदी रियलिटी शो कंटेस्टेंट्स की ट्रैजिक और दुखद कहानियां दिखाते हैं। फोकस सिर्फ उस पर है।" अभिजीत के मुताबिक, इसके लिए सिर्फ मेकर्स जिम्मेदार नहीं है। बल्कि वह ऑडियंस भी उतनी ही जिम्मेदार है, जो इस तरह के ड्रामा एन्जॉय करती है।

अभिजीत ने अपना दौर याद किया

अभिजीत ने इस दौरान उस वक्त को भी याद किया था जब वे इंडियन आइडल में बतौर कंटेस्टेंट मौजूद थे। उनके मुताबिक वे एक गाने के शब्द भूल गए थे, तब जजों ने सर्वसम्मति से उन्हें एक और मौका देने का फैसला लिया था। उनका मानना है कि अगर आज भी ऐसा होता है तो इसे गड़गड़ाहट और हैरत के पूरे नाटकीय इफेक्ट के साथ दिखाया जाता है। इसके लिए भी दर्शक जिम्मेदार हैं, क्योंकि हिंदी ऑडियंस हमेशा मसाले की तलाश में रहती है।

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