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अवसान:कैंसर से जूझ रहे हरफनमौला एक्टर इरफान खान का मुंबई में निधन, चार दिन पहले ही मां को खोया था

मुंबई7 महीने पहले
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बॉलीवुड अभिनेता इरफान खान का इंतकाल हो गया है। बुधवार सुबह मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उन्हें करीब एक सप्ताह पहले कोलोन इन्फेक्शन के चलते वहां भर्ती कराया गया था और वे आईसीयू में भर्ती थे। 

इरफान खान के स्पोकपर्सन ने उनके निधन की खबर देते हुए आधिकारिक बयान में कहा, "मुझे विश्वास है, मैंने आत्मसमर्पण कर दिया है", ये वो कुछ शब्द हैं, जो इरफान ने 2018 में कैंसर से अपनी लड़ाई के बारे में बताते हुए लिखे थे।कुछ शब्द बोलने वाला एक इंसान, अपनी गहरी आंखो द्वारा मूक भाव देने वाला एक अभिनेता और स्क्रीन पर उसका यादगार एक्शन। यह दुखद है कि इस दिन, हमें उनके निधन की खबर को आगे लाना है। इरफान एक मजबूत आत्मा थे, कोई ऐसा व्यक्ति जो अंत तक लड़ता रहा और जिसने भी उसके करीब आया, उसे हमेशा प्रेरित किया। एक दुर्लभ कैंसर की खबर के साथ 2018 में बिजली गिरने के बाद, उन्होंने आते ही जीवन ले लिया और उन्होंने इसके साथ आने वाली कई लड़ाइयाँ लड़ीं। उनके प्यार से घिरे, उनके परिवार के लिए, जिनकी वह सबसे ज्यादा परवाह करते थे, वह स्वर्ग में रहने के लिए रवाना हुए, वास्तव में खुद की विरासत को पीछे छोड़ते हुए। हम सभी प्रार्थना करते हैं और आशा करते हैं कि वह शांति से रहे। और अपने शब्दों के साथ प्रतिध्वनित और भाग लेने के लिए उन्होंने कहा था, "जैसे कि मैं पहली बार जीवन चख रहा था, उसी का जादुई पक्ष।"

फिल्ममेकर शूजित सरकार ने इरफान को श्रद्धांजलि देते हुए ट्विटर पर लिखा है, "मेरे प्रिय मित्र इरफ़ान। आप लड़े और लड़े और लड़े। मुझे आप पर हमेशा गर्व रहेगा .. हम फिर से मिलेंगे .. सुतापा और बाबिल के प्रति संवेदना .. आपने भी लड़ाई लड़ी, सुतापा आपने इस लड़ाई में हर संभव मदद की। शांति और ओम शांति। इरफान खान को सलामी।"

चार दिन पहले मां को खोया
इरफान खान राजस्थान के टोंक के नवाबी खानदान से ताल्लुक रखते थे। उनका बचपन भी टोंक में ही गुजरा। उनके माता-पिता दोनों टोंक के ही रहने वाले थे। आज भी उनके रिश्तेदार और परिवार के कई लोग टोंक में रहते हैं जो उनकी सेहत की दुआएं कर रहे हैं। अभी चार दिन पहले (शनिवार को) ही उनकी माता का जयपुर में देहांत हो गया था। उसमें भी इरफान खान तबीयत खराब होने के कारण नहीं आ सके थे।

न्यूरोएंडोक्राइन कैंसर से जूझ रहे थे इरफान
मार्च 2018 में इरफान खान न्यूरो इंडोक्राइन ट्यूमर का इलाज कराने लंदन गए थे। वहां वे करीब एक साल रहे और ठीक होने के बाद अप्रैल 2019 में भारत लौटे। वापसी के बाद उन्होंने अपनी फिल्म 'अंग्रेजी मीडियम' की शूटिंग राजस्थान में शुरू की और फिर आगे के शेड्यूल के लिए लंदन चले गए थे, जहां वे डॉक्टर्स के संपर्क में भी रहे। इसके बाद से वे अक्सर डॉक्टर्स का परामर्श लेने लंदन आते-जाते रहे। हालांकि, पिछले डेढ़ महीने से लॉकडाउन घोषित है और सभी इंटरनेशनल फ्लाइट्स भी रद्द हैं। इसलिए वे मुंबई से बाहर नहीं जा पाए थे। 

आखिरी बार अंग्रेजी मीडियम में दिखे इरफान 
इरफान खान आखिरी बार 'अंग्रेजी मीडियम' में नजर आए थे, जो 13 मार्च को रिलीज हुई थी। हालांकि, लॉकडाउन के चलते यह फिल्म सिर्फ दो दिन ही सिनेमाघरों में चल पाई। फिल्म के ट्रेलर रिलीज से पहले इरफान ने  फैन्स के लिए यू-ट्यूब पर अपना इमोशनल मैसेज छोड़ा था। उन्होंने कहा था, "हैलो भाइयों-बहनों, नमस्कार। मैं इरफान।  मैं आज आपके साथ हूं भी और नहीं भी। खैर, ये फिल्म 'अंग्रेजी मीडियम' मेरे लिए बहुत खास है। सच...यकीन मानिए, मेरी दिली ख्वाहिश थी कि इस फिल्म को उतने ही प्यार से प्रमोट करूं, जितने प्यार से हम लोगों ने बनाया है। लेकिन मेरे शरीर के अंदर कुछ अनवांटेड मेहमान बैठे हुए हैं। उनसे वार्तालाप चल रहा है। देखते हैं किस करवट ऊंट बैठता है। जैसा भी होगा आपको इत्तिला कर दी जाएगी।"

इरफान खान की चुनिंदा फिल्में और सम्मान
इरफान ने 'मकबूल', 'लाइफ इन अ मेट्रो', 'द लंच बॉक्स', 'पीकू', 'तलवार' और 'हिंदी मीडियम' जैसी शानदार फिल्मों में काम किया था। उन्हें 'हासिल' (नेगेटिव रोल), 'लाइफ इन अ मेट्रो' (बेस्ट एक्टर), 'पान सिंह तोमर' (बेस्ट एक्टर क्रिटिक) और 'हिंदी मीडियम' (बेस्ट एक्टर) के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। 'पान सिंह तोमर' के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड दिया गया था। इसके अलावा कला के क्षेत्र में उनके अहम योगदान के लिए भारत सरकार उन्हें देश का चौथा सबसे बड़ा सम्मान पद्मश्री भी दे चुकी है। 

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