पैरेंटिंग:पति की मृत्यु के बाद मंदिरा बेदी के लिए उनके बच्चे हैं उनकी मोटिवेशन, बोलीं- मेरे बच्चे मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं

एक महीने पहले
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बॉलीवुड एक्ट्रेस मंदिरा बेदी ने एक इंटरव्यू में कहा कि अब उनकी सारी एनर्जी यह सुनिश्चित करने के लिए है कि वो अपने दो बच्चों के लिए एक अच्छी पेरेंट बनें, जिन्हें वो अपनी सबसे बड़ी ताकत मानती हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए बेटा वीर और बेटी तारा ही पूरी दुनिया है। दरअसल मंदिरा ने जून में अपने पति राज कौशल को खो दिया था।

मंदिरा के लिए मोटिवेशन हैं उनके बच्चे

मंदिरा कहती हैं, "काम करते रहने, कोशिश करने और बेहतर करने के पीछे मोटिवेशन हैं, मेरे बच्चे। मेरे बच्चे मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। जो भी करती हूं, मैं उनके लिए करती हूं मेरे आगे बढ़ने के पीछे, जिंदा रहने के पीछे और बेहतर से बेहतर करने के पीछे वही वजह हैं। वही वजह हैं जो मुझमें इतनी हिम्मत और ताकत है कि मैं कमा सकूं। मुझे उनके लिए अच्छा पैरेंट बनना है।" बता दें मंदिरा का बेटा 10 साल का है, वहीं बेटी 5 साल की है।

हार्ट अटैक से हुआ था मंदिरा के पति राज का निधन

मंदिरा बेदी के पति राज कौशल का 30 जून को 49 साल की उम्र में आकस्मिक निधन हो गया था। राज को सुबह 4:30 बजे हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी। राज ने एक्टर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने अपने करियर में 'प्यार में कभी कभी', 'शादी का लड्डू' और 'एंथनी कौन है' जैसी फिल्मों का डायरेक्शन भी किया।

1999 में हुई थी मंदिरा की शादी

मंदिरा और राज की शादी 14 फरवरी 1999 को हुई थी। राज और मंदिरा ने पिछले साल ही बेटी तारा को गोद लिया था। मंदिरा और राज की पहली मुलाकात 1996 में मुकुल आनंद के घर पर हुई थी। मंदिरा वहां ऑडिशन देने पहुंची थीं और राज, मुकुल आनंद के असिस्टेंट के रूप में काम कर रहे थे। यहीं से दोनों के प्यार की शुरुआत हुई थी।

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