बिग बी का लीगल एक्शन:अमिताभ बच्चन ने पान मसाला कंपनी को नोटिस भेजा, कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद भी दिखाया जा रहा एड

2 महीने पहले

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने हाल ही में एक पान मसाला कंपनी को लीगल नोटिस भेजकर अपना एड प्रसारित होने से रोकने की मांग की है। एक्टर पिछले कई सालों से इस कंपनी के एड में नजर आते थे, लेकिन उन्होंने अपने पिछले जन्मदिन पर इस कंपनी से अपना कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया था। हालांकि कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बावजूद लगातार एड का प्रसारण किया जा रहा है।

ई-टाइम्स ने अपने करीबी सूत्रों के हवाले से लिखा है, अमिताभ बच्चन के ऑफिस से जानकारी मिली है कि उन्होंने कमला पसंद कंपनी को अपने टीवी कॉमर्शियल एड की ब्रॉडकास्टिंग को रोकने के लिए लीगल नोटिस भेजा है। देखा गया है कि एंडोर्समेंट कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद भी कमला पसंद इसे नजरअंदाज करते हुए टीवी कॉमर्शियल को प्रसारित कर रहा है।

दरअसल, अमिताभ पिछले काफी समय से पान मसाला के एड में नजर आने पर ट्रोल किए जा रहे थे, जिसके बाद उन्होंने 11 अक्टूबर को अपने 79वें जन्मदिन के मौके पर पान मसाला कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने का अनाउंसमेंट किया था। कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने के साथ ही बिग बी ने कंपनी को इसके पैसे भी लौटा दिए थे। बताया जा रहा था कि कॉन्ट्रैक्ट साइन करते हुए बिग बी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि ये एक सरोगेट एडवर्टाइजमेंट है।

सरोगेट एडवर्टाइजमेंट क्या होता है?
आपने अक्सर टीवी पर किसी शराब, तंबाकू या ऐसे ही किसी प्रोडक्ट का एड देखा होगा, जिसमें प्रोडक्ट के बारे में सीधे न बताते हुए उसे किसी दूसरे ऐसे ही प्रोडक्ट या पूरी तरह से अलग प्रोडक्ट के तौर पर दिखाया जाता है। जैसे शराब को अक्सर म्यूजिक CD या सोडे के तौर पर दिखाया जाता है।

एंटी-टोबैको ऑर्गेनाइजेशन ने किया था हस्तक्षेप
अमिताभ इस एड को लेकर विवादों से घिर गए थे। अपने पसंदीदा एक्टर को पान मसाले का प्रमोशन करते देख फैन्स भड़के हुए थे। इस मामले में नेशनल एंटी-टोबैको ऑर्गेनाइजेशन (NGO) ने भी हस्तक्षेप किया। NGO ने बिग बी को ऑफिशियल लेटर भेजा, जिसमें उनसे जल्द से जल्द इस एड कैंपेन को छोड़ने की मांग की गई थी।

जमकर ट्रोल हुए थे बिग बी
एड में नजर आने के बाद बिग बी को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा था। ऐसे ही एक यूजर को जवाब देते हुए एक्टर ने लिखा, 'मान्यवर, क्षमा प्रार्थी हूं, किसी भी व्यवसाय में यदि किसी का भला हो रहा है, तो ये नहीं सोचना चाहिए कि हम उसके साथ क्यों जुड़ रहे हैं। हां, यदि व्यवसाय हो तो हमें भी अपने व्यवसाय के बारे में सोचना पड़ता है। अब आपको ये लग रहा है कि मुझे ये नहीं करना चाहिए था, लेकिन हां, मुझे भी ये करने में धनराशि मिलती है। हमारे उद्योग में जो बहुत से लोग काम कर रहे हैं, जो कर्मचारी हैं उन्हें भी रोजगार मिलता है और धन भी। और मान्यवर, टटपुंजियों आपके मुंह से शोभा नहीं देता और न ही हमारे उद्योग के बाकी कलाकारों को शोभित करता है। आदर सहित नमस्कार करता हूं।'

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