• Hindi News
  • Entertainment
  • Bollywood
  • Amitabh Has 50 Years, Lalita Pawar Did Not Leave Films Till His Death, 50 Years Of Amitabh And 60 Years Of Dharmendra But Bollywood

सबसे लंबे फिल्मी करियर:अमिताभ के 50, धर्मेंद्र के 60 साल लेकिन बॉलीवुड में सबसे लंबे करियर का रिकॉर्ड एक एक्ट्रेस के नाम

7 दिन पहले

बॉलीवुड में एक से बढ़कर एक एक्टर रहे हैं, जिन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को अपना जीवन समर्पित कर दिया। कोई 4 साल की उम्र से ही एक्टर बन गया तो किसी ने मरते दम तक कैमरे से अपना रिश्ता नहीं तोड़ा। अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र के करियर से तो लोग वाकिफ हैं हीं, लेकिन और भी ऐसे कई एक्टर्स हैं जिन्होंने 50 साल से ज्यादा बॉलीवुड में गुजारे हैं। तो चलिए, आज जानते हैं कि वो कौन से एक्टर्स हैं जिन्होंने अपनी जिंदगी के कई दशक बॉलीवुड के नाम कर दिए।

ललिता पवार ने 9 साल की उम्र में 1928 में फिल्म राजा हरिश्चंद्र से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने नीलकमल, आनंद, खानदान, पत्थर के सनम, औरत जैसी बेहतरीन फिल्मों में काम किया है। उन्होंने रामानंद सागर के सीरियल रामायण में मंथरा का रोल प्ले किया था। जो काफी लोकप्रिय हुआ था।

1929 से 1995 तक पैदी जयराज फिल्मों में सक्रिय रहे। पैदी ने अपने करियर में 170 फिल्मों में काम किया है और कई तरह के रोल किए हैं। उनके फिल्मों में योगदान की लिए उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है।

1940 से 2007 तक प्राण सिकंद फिल्मों के प्राण रहे। उन्होंने फिल्म यमला जाट से अपने करियर की शुरुआत की थी। बॉलीवुड में प्राण को उनके निगेटिव रोल के लिए खास तौर पर जाना जाता था। प्राण ने खानदान, पीपली साहब, राम और श्याम, पूरब और पश्चिम, आंसू बन गए फूल, जॉनी मेरा नाम, जंजीर, डॉन, अमर-अकबर-एंथोनी जैसी बेहतरीन फिल्मों में काम किया है।

सन् 1946 से 2011 तक देव आनंद ने दर्शकों का मनोरंजन किया। उन्होंने 6 दशकों तक बॉलीवुड पर राज किया। देव आनंद भारतीय सिनेमा के सबसे सफल कलाकारों में से एक रहे हैं। उन्हें उनके योगदान के लिए 2001 में पद्मभूषण सम्मान से भी नवाजा जा चुका है।

साल 1934 से 1997 तक अशोक कुमार फिल्मों में सक्रिय रहे। उनको फिल्मों में उनके योगदान के लिए 1988 में दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड और 1999 में पद्म भूषण अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है। फिल्म जीवन नैना से उनके एक्टिंग करियर की शुरुआत हुई जिसके बाद उन्होंने अपने करियर में कई वैरायटी रोल प्ले किए। उनकी फिल्म अफसाना, परिणीता, बंदीश, एक ही रास्ता दीदार जैसी बेहतरीन फिल्मों के लिए जाना जाता है।

1946 से 1987 तक किशोर कुमार बॉलीवुड में एक्टिव रहे। उन्होंने अपनी एक्टिंग और बेहतरीन गायकी से सबको अपना दीवाना बनाए रखा। किशोर ने अपने फिल्मी सफर में 574 फिल्मों में गाने गाए हैं।

सन् 1960 से अपने करियर की शुरुआत करने वाले धर्मेंद्र का फिल्मी सफर अब भी जारी है। धर्मेंद्र ने 6 दशकों तक दर्शकों को अपना दीवाना बनाए रखा। एक्टर के अलावा धर्मेंद्र, प्रोड्यूसर और पॉलिटिशियन भी रहे हैं।

1948 से 2011 तक शम्मी कपूर ने अपना जलवा बरकरार रखा। उन्होंने दिल दे के देखो, तुम सा नहीं देखा, कश्मीर की कली, तीसरी मंजिल जैसी फिल्मों में अपने दमदार अभिनय का जलवा बिखेरा है।

भारतीय सिनेमा में प्रेम चोपड़ा को उनकी बेहतरीन एक्टिंग और निगेटिव रोल के लिए जाना जाता है। प्रेम चोपड़ा हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के एक ऐसे स्टार रहे हैं जिनके निगेटिव रोल में बोले गए डायलाग भी बच्चे-बच्चे की जुबान पर चढ़ गए। उन्हें कटी पतंग, सौतन, दो रास्ते, दाग, आग का गोला, राजा बाबू, खिलाड़ी, दूल्हे राजा, उपकार जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है।

भगवान अबाजी पल्लव को रेसलिंग की दुनिया में भगवान दादा के नाम से पहचान मिली। जिसके बाद सभी उन्हें भगवान दादा कहने लगे। उन्होंने साइलेंट फिल्म क्रीमिनल से अपने करियर की शुरुआत की थी। उनकी फिल्म अलबेला ब्लॉक बस्टर रही थी।

सन् 1937 से 1992 तक इफ्तेखार फिल्मों में सक्रिय रहे। उन्होंने 1944 में फिल्म तकरार से फिल्मों में एंट्री ली। जिसके बाद डॉन, दीवार, शहीद, तीसरी मंजिल, हरे रामा हरे कृष्णा, द ट्रेन, मेहबूब की मेंहदी जैसी बेहतरीन फिल्में दीं। ज्यादातर फिल्मों में पुलिस ऑफिसर का रोल इफ्तेखार ही निभाया करते थे।

4 साल की उम्र से एक्टिंग में अपने करियर की शुरुआत करने वाली श्रीदेवी को हिंदी सिनेमा की पहली फीमेल सुपर स्टार कहा जाता है। उन्होंने तमिल फिल्म खनथान करुनाई से चाइल्ड एक्टर के तौर पर करियर की शुरुआत की थी जिसके नगीना, मिस्टर इंडिया, लाडला, लम्हे, चालबाज, खुदा गवाह, इंग्लिश विंग्लिश, मॉम जैसी सुपरहीट फिल्मों और उनकी आइकॉनिक एक्टिंग के लिए जाना जाता है। भारत सरकार ने उन्हें उनके योगदान के लिए 2013 में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया था।

सन् 1942 से 1994 तक ओम प्रकाश ने अपने जीवन के 52 साल बॉलीवुड के नाम किए। 1950 से 1980 तक ओम सपोर्टिंग रोल में लगभग हर फिल्म में नजर आते थे। उनकी फिल्म दस लाख, जोरु का गुलाम, आ गले लग जा, पड़ोसन, नमक हलाल, जंजीर, तेरे घर के सामने, लौफर, नौकर बीबी का, शराबी जैसी बेहतरीन फिल्मों में काम किया। उन्हें खासतौर पर उनके कॉमिक रोल के लिए जाना जाता था।

साल 1969 से फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाले अमिताभ बच्चन का फिल्मी सफर अब भी जारी है। उन्होंने अब तक 301 फिल्मों में काम किया है जो सिलसिला लगातार चल रहा है।

सन् 1970 से 2020 तक ऋषि कपूर ने बॉलीवुड को कई बेहतरीन फिल्में दी हैं। ऋषि ने अपने करियर में हर तरह के रोल किए हैं और हर बार अपनी बेहतरीन अदाकारी की छाप छोड़ी है। ऋषि ने श्री 420 से चाइल्ड एक्टर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी जिसके बाद बॉबी में पहली बार लीड एक्टर के तौर पर नजर आए थे। उन्होंने अमर-अकबर-एंथोनी, कभी- कभी, सागर, जंजीर जैसी फिल्मों में काम किया है। ऋषि एक ऐसे कलाकार थे जिसने मरते दम तक अपने फैंस को इंटरटेन किया। उनकी आखिरी फिल्म शर्माजी नमकीन थी।

1927 से 1972 तक पृथ्वीराज कपूर ने फिल्मों में एक्टिव रहे। मूक फिल्म बेधारी तलवार से पृथ्वीराज के एक्टिंग करियर की शुरुआत हुई थी जिसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम किया। उन्हें आलम आरा, सिकंदर, मुगल-ए-आजम के लिए जाना जाता है। पृथ्वीराज को बॉलीवुड में उनके योगदान के लिए दादा साहेब फाल्के और पद्म भूषण अवॉर्ड से भी नवाजा जा चुका है।

खबरें और भी हैं...