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रिलेशनशिप:अर्जुन कपूर ने पिता बोनी कपूर से अपने रिश्ते पर की बात, बोले- जान्हवी और खुशी की वजह से मैं अपने पिता के और करीब आ पाया हू्ं

4 महीने पहले
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बॉलीवुड एक्टर अर्जुन कपूर ने एक इंटरव्यू में, अपने और पिता बोनी कपूर के साथ अपने रिश्तों के बारे में बात की और कहा कि पिता के साथ बेहतर रिलेशनशिप बहन जान्हवी और खुशी की वजह से है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इन दोनों की वजह से ही वो बोनी को एक अलग नजरिए से देख पाए और उन्हें और अधिक प्यार कर पाए। दरअसल अर्जुन और उनकी बहन अंशुला बोनी की पहली शादी से दिवंगत मोना शौरी के बच्चे हैं, वहीं जान्हवी और उनकी बहन खुशी कपूर बोनी की दूसरी शादी से दिवंगत एक्ट्रेस श्रीदेवी के बच्चे हैं।

अर्जुन बोले जान्हवी और खुशी की वजह से मैं अपने पिता को और प्यार कर पाया

अर्जुन कपूर कहते हैं, "मैं अपने पिता के साथ उतना नहीं रहा जितना मैं रहना चाहता था। मुझे यह बताया जाता है कि मैं उनके जैसा हूं, लेकिन मुझे ऐसा कभी नहीं लगा। जान्हवी और खुशी से मिलने के बाद वो बैरियर टूटा और अब मैं उनके साथ एक ऑथेंटिक रिश्ता बनाने में सफल हुआ हूं। हम सब ने अपने अंदर की बुराईयों का सामना किया है। इसका संबंध जाने देने से है, जो कि बहुत ही दिल छू लेने वाला है..यह एक अलग तरीके की थैरेपी है कि बस इधर-उधर बैठो और बकवास करो, और महसूस करो कि आप जाने-अनजाने में चीजों को पकड़ कर बैठे थे, क्योंकि आपको ऐसा करना चाहिए था। लेकिन मैं अपने पिता को उन दोनों की वजह से ज्यादा प्यार करता हूं। यह कांप्लेक्स है। मैंने अपने पिता को एक अलग तरीके से देखना शुरू किया। अगर मैं जान्हवी और खुशी के साथ इस रिश्ते को शेयर नहीं करता तो, मैं कई चीजों से नाराज होता और इस लेवल पर उनके साथ फिर से जुड़ने की आवश्यकता महसूस नहीं करता।"

अर्जुन ने कहा प्‍यार का मतलब कंपैटिबिलिटी, दोस्‍ती, सैचुरेशन है

अर्जुन ने पहले कहा था कि वो समझते हैं कि बोनी को श्रीदेवी से प्यार क्यों हुआ, लेकिन वो यह नहीं कह सकते कि उस समय उनकी फैमिली के साथ जो हुआ वह 'ठीक' था। अर्जुन ने आगे कहा था, 'प्‍यार का मतलब कंपैटिबिलिटी है, दोस्‍ती है, सैचुरेशन है। प्‍यार में लोग कई फेज से गुजरते हैं। हो सकता है कि आप किसी और से प्‍यार करते हैं और फिर किसी दिन किसी और से भी प्‍यार करने लगते हैं, इसे समझने की जरूरत है। मैं इससे सहमत नहीं हूं...मैं यह नहीं कह सकता कि मेरे पिता ने जो किया वह ठीक था। मैं नहीं कह सकता कि ठीक है, होता है, क्योंकि मुझे हमेशा आशचर्य होगा। लेकिन जब मैं इसे एक बड़ी उम्र के आदमी के नजरिए से देखता हूं जो कि अपने रिश्ते के उतार-चढ़ाव से डील कर रहा है, तो आप इसे समझते हो।'

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