आर्यन खान ने नहीं की साजिश:NCB की थ्योरी की बॉम्बे हाईकोर्ट ने उड़ाई धज्जियां, बेल ऑर्डर में कहा- आरोपी साबित करने के लिए सबूत नहीं

9 महीने पहले

क्रूज ड्रग्स केस में 26 दिन हिरासत में रहे आर्यन खान के खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के पास कोई सबूत ही नहीं था। बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन को बॉम्बे हाईकोर्ट से मिली बेल का डिटेल्ड ऑर्डर शनिवार को सार्वजनिक कर दिया गया। कोर्ट ने 14 पन्नों के विस्तृत आदेश में NCB की सारी थ्योरी की धज्जियां उड़ा दी हैं।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना है कि आर्यन खान ने दूसरे अभियुक्तों के साथ मिलकर ड्रग सेवन के लिए कोई साजिश रचाई हो, ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है। आर्यन खान की वाट्सएप चैट को भी कोई खास सबूत नहीं मान सकते। हाईकोर्ट ने कहा है, 'कोर्ट के सामने ये साबित करने के लिए कोई ऑन-रिकॉर्ड पॉजिटिव सबूत पेश नहीं किए गए हैं कि सभी आरोपी व्यक्ति सामान्य इरादे से गैरकानूनी कार्य करने के लिए सहमत हुए।' आगे कहा गया है, 'अदालत इस बात के प्रति सेंसेटिव है कि सबूत के रूप में बुनियादी सामग्री होनी चाहिए, जिससे आवेदकों के खिलाफ साजिश के मामले को साबित किया जा सके।'

'कन्फेशन वाले बयान पर भरोसा नहीं कर सकते'- HC
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 14 पन्नों के रिलीज ऑर्डर के साथ आदेश में ये भी कहा है कि NCB, जांच अधिकारी द्वारा दर्ज किए गए सभी आरोपी व्यक्तियों के कन्फेशन वाले बयान पर भरोसा नहीं कर सकता है, क्योंकि ये बाध्यकारी नहीं है।

क्रूज़ ड्रग पार्टी केस में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीती 28 अकटूबर को आर्यन खान को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था। उस वक्त हाईकोर्ट ने सिर्फ ऑपरेटिव पार्ट बताया था। जस्टिस नितिन साम्ब्रे के विस्तृत आदेश की जानकारी अब सामने आई है।

डिटेल्ड ऑर्डर में क्या कहा है हाईकोर्ट ने

  • आर्यन ने दूसरे लोगों के साथ मिलकर साजिश रचाई थी, ऐसी एनसीबी की पेशकश को हाईकोर्ट ने मानने से इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि एनसीबी ने जो सामग्री पेश की है, उससे आरोपी के खिलाफ ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिलता ।
  • हाईकोर्ट ने बताया है कि सारे अभियुक्तों के बीच कोई सहमति बनी थी और इससे पहले उन्होंने साथ मिलकर यह साजिश रचाई थी, यह साबित करने के लिए कोई सबूत होने चाहिए।
  • हाईकोर्ट ने साफ बताया है कि साथ-साथ ट्रैवल किया हो, इस बात को साजिश रचने का आधार नहीं मान सकते। सिर्फ इसलिए कि आर्यन और उनके दोस्त अरबाज मर्चेंट, मुनमुन धमेचा एक ही क्रूज में थे, ये अपने आप में उनके खिलाफ साजिश के आरोप का आधार नहीं हो सकता है।

2 अक्टूबर को लिया था हिरासत में
बता दें कि 2 अक्टूबर की रात एनसीबी ने मुंबई से गोवा जा रहे कॉर्डिएल क्रूज शिप में चल रही रेव पार्टी पर छापेमारी के बाद ड्रग्स लेने और खरीद-फरोख्त करने के आरोप में आर्यन खान के साथ मुनमुन धमेचा, अरबाज मर्चेंट सहित कई लोगों हिरासत में लिया था। आर्यन और उनके साथियों को 28 अक्टूबर को जमानत मिली थी। जमानत देते समय अदालत ने कहा था कि आर्यन खान को हर हफ्ते एनसीबी ऑफिस में उपस्थिति दर्ज करवानी होगी।

जमानत देते समय क्या थीं हाईकोर्ट की शर्तें
आर्यन खान को 28 अक्टूबर को 1 लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत मिली थी, हालांकि पेपर वर्क में हुई देरी के कारण वो 29 अक्टूबर को जेल से घर पहुंचे थे। उन्हें हाईकोर्ट द्वारा 5 पन्नों का आदेश मिला था, जिसमें शर्त थी कि उन्हें हर शुक्रवार दोपहर 11 से 2 बजे के बीच NCB ऑफिस आना होगा। इसके अलावा आर्यन बिना पुलिस को सूचित किए शहर से बाहर नहीं जा सकते हैं। आर्यन, जमानत के बाद अन्य आरोपियों से संपर्क नहीं कर सकते हैं, साथ ही उन्हें इस केस में पब्लिकली या सोशल मीडिया पर बयान देने की मनाही है। 14 शर्तों में एक शर्त ये भी है कि आर्यन भविष्य में ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों का हिस्सा नहीं बनेंगे।

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