21 साल बाद सिंगर श्वेता शेट्टी का कमबैक:बोलीं, 'अब गॉडफादर की जरूरत नहीं, इंडियन आइडल जैसे शो और सोशल मीडिया पर भी टैलेंट दिखाने के कई मौके हैं'

2 वर्ष पहलेलेखक: कविता राजपूत
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जानी-मानी सिंगर श्वेता शेट्टी ने सालों बाद म्यूजिक वीडियो ‘जलने में है मज़ा’ से कमबैक किया है। श्वेता 90 के दशक में पॉप दीवा थीं और अपने बेहतरीन गानों के जरिए उन्होंने फैन्स के दिल में अनोखी छाप छोड़ी थी। खासकर फिल्म रंगीला में उनके द्वारा गाया हुआ गाना 'मांगता है क्या' काफी फेमस हुआ था लेकिन अचानक श्वेता ने सिंगिंग से दूरी बना ली और विदेश में सेटल हो गईं। इतने सालों तक कहां थी श्वेता? कमबैक को लेकर क्या है उनके विचार, ये सब उन्होंने खुद दैनिकभास्कर के साथ साझा किया। नज़र डालते हैं उनसे हुई बातचीत के कुछ अंशों पर...

1) इतने लंबे लंबे समय बाद 'जलने में है मजा' से वापसी कर रही हैं, कैसा अनुभव रहा?

मैं 21 साल तक शोबिज से दूर रही। वापसी बहुत मुश्किल थी और मैं काफी नर्वस भी थी। जब पहले दिन सेट पर गई थी तो मेरे हाथ-पैर फूल गए लेकिन जैसे-जैसे दिन गुजरते गए मैं नॉर्मल होती गई। श्वेता शेट्टी से श्वेता शेट्टी आर्टिस्ट का सफर मुश्किल लेकिन रोचक रहा। मेरे अंदर सीखने की ललक थी और यही काम आई।

2) आपने अचानक ब्रेक क्यों ले लिया था, क्या कारण थे?

मैं एक जर्मन व्यक्ति से शादी की थी। मेरे पूर्व पति एक जर्मन थे औ उनसे शादी करके ही मैं इंडिया छोड़कर जर्मनी चली गई थी। उस समय लोगों ने मुझे समझाया था कि मैं ऐसा करके बहुत बड़ी गलती कर रही हूं। मेरे पास बेहतरीन करियर है और मैं सफलता की ऊंचाईयां छू सकती हूं लेकिन मैंने प्यार में पड़ने के बाद ये सब बिलकुल नहीं सोचा और ना ही मुझे इस बात का कोई पछतावा है। कई बार भगवान आपके लिए कुछ और ही सोचता है और आपको खुले दिल से उसे स्वीकारना चाहिए।

3) इतने सालों बाद आप कमबैक कर रही हैं, इंडस्ट्री में क्या बदलाव देखती हैं?

इंडस्ट्री में काफी बदलाव आ गए हैं। खास बात ये है कि अब ऑडियंस काफी जागरूक हो गई है। आप उन्हें कुछ भी नहीं परोस सकते, वो झट से रिजेक्ट कर देते हैं। पहले आइटम नंबर्स पर जोर होता था अब वो धारणा बदली है।अब आइटम नंबर में भी मैलोडी का ध्यान रखा जा रहा है। अरिजीत सिंह जैसे सिंगर्स अच्छा काम कर रहे हैं। 'कबीर सिंह', 'पद्मावत', 'जोधा अकबर' जैसी फिल्मों में अच्छे लिरिक्स के गाने बनाए गए हैं तो कुल मिलाकर कहा जाए तो इंडस्ट्री में बदलाव अच्छा है।

4) क्या आप मानती हैं कि इंडस्ट्री में गॉडफादर के बिना जगह बनाना आसान नहीं है?

इंडियन आइडल जैसे कई मंच सिंगर्स को मौका दे रहे हैं जहां वो अपना टैलेंट दिखा सकते हैं। नेहा कक्कड़ इसका सबसे बड़ा सबूत हैं। इसके साथ सोशल मीडिया भी बहुत बड़ा माध्यम हैं जहां आप अपना टैलेंट दिखाकर लोगों की नजर में आ सकते हैं। पहले ये माध्यम नहीं हुआ करते थे इसलिए जगह बनाना आसान नहीं था लेकिन अब म्यूजिक इंडस्ट्री में जगह बनाने के लिए आपको गॉडफादर की जरूरत नहीं है।

अपने हिट गाने 'दीवाने तो दीवाने हैं' में श्वेता।
अपने हिट गाने 'दीवाने तो दीवाने हैं' में श्वेता।

हां, बॉलीवुड से मैं काफी समय से दूर हूं इसलिए स्पष्ट रूप से नहीं कह सकती। लोग कहते हैं कि यहां करण जौहर जैसा गॉडफादर हो तो आपकी सक्सेस को कोई नहीं रोक सकता लेकिन मेरे हिसाब से करण जौहर बेवकूफ़ तो नहीं हैं जो किसी भी पर भी आंख बंद करके पैसा लगा दें जिसमें टैलेंट ना हो। यहां भी आपको टैलेंट के दम पर ही आगे जाने का रास्ता मिलेगा।

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