सफाई:कोरोना संक्रमण से उबर चुकीं सिंगर कनिका कपूर ने तोड़ी चुप्पी; इंस्टाग्राम पर लिखी पोस्ट में कहा- नकारात्मकता से सच नहीं बदलता

3 वर्ष पहले

कनिका कपूर बॉलीवुड की पहली सेलेब थीं जिनको कोरोना वायरस संक्रमण हुआ था। इस बात का खुलासा होने के बाद उन पर लापरवाही और संक्रमण फैलाने के कई केस उत्तर प्रदेश पुलिस के पास दर्ज हुए थे। करीब एक महीने बाद इस पूरे मामले को बताते हुए कनिका ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में अपना पक्ष रखा है। साथ ही यह भी बताया है कि वे लंदन से लौटने के बाद क्वारैंटाइन में क्यों नहीं रहीं।

कनिका ने लिखा है- मैं जानती हूं मेरे बारे में कई कहानियां बनी हैं। उनमें से कुछ को सच मान लिया गया है क्योंकि मैंने अभी तक चुप रहना चुना था। मैं इसलिए चुप नहीं थी क्योंकि मैं गलत थी। बल्कि मैं इसलिए चुप थी क्योंकि मैं जानती थी कि सब कुछ गलतफहमियों और गलत जानकारी के कारण हुआ है। मैं सच को अपने आप सामने आने के लिए समय दे रही थी। ताकि लोग खुद ही जानें हकीकत क्या है।
मैं अपने परिवार, दोस्तों और समर्थकों की शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे पूरी तरह से तैयार होने का समय दिया, ताकि मैं अपनी बात रख सकूं। मैं उम्मीद और प्रार्थना करती हूं कि इस कठिन समय में भी आप सभी सुरक्षित और सावधान हैं। कुछ बातें हैं जो मैं आपके साथ शेयर करना चाहती हूं। मैं लखनऊ में अपने पैरेंट्स के साथ कुछ अच्छा समय बिता रही हूं। 
हर वो इंसान जो यूके, मुंबई और लखनऊ में मेरे संपर्क में आया। उसमें कोविड-19 के कोई लक्षण नहीं थे। इतना ही नहीं टेस्ट में भी वे सभी नेगेटिव आए थे। मैं यूके से मुंबई 10 मार्च को आई। तब इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मेरी बाकायदा जांच हुई थी। हालांकि उस दिन कोई एडवायजरी जारी नहीं हुई थी जिसमें यह लिखा हो कि मुझे क्वारैंटाइन होने की जरूरत है। यूके ट्रेवल एडवायजरी भी 18 मार्च को रिलीज हुई थी। मुझे खुद में बीमारी महसूस नहीं हुई इसलिए मैंने खुद को क्वारैंटाइन नहीं किया। 
मैं अगले दिन 11 मार्च को अपने परिवार से मिलने लखनऊ आ गई। वहां पर भी घरेलू यात्राओं के लिए कोई स्क्रीनिंग सेट अप नहीं था। 14 और 15 मार्च को मैंने एक दोस्त के घर लंच और डिनर किया। मैंने कोई पार्टी नहीं रखी थी और मैं पूरी तरह ठीक थी। मुझे 17 और 18 मार्च को लक्षण दिखाई दिए तो मैंने जांच करने की बात कही। 19 मार्च को मेरा टेस्ट हुआ और 20 मार्च को यह बताया गया कि मेरा टेस्ट पॉजीटिव है। मैंने हॉस्पिटल में रहने को प्रिफरेंस दी। तीन नेगेटिव टेस्ट आने के बाद मुझे डिस्चार्ज किया गया। और तब से 21 दिन के लिए मैं घर पर ही हूं। मैं उन सभी डॉक्टर्स और नर्सेस का शुक्रिया करती हूं जिन्होंने उस कमजोर घड़ी में मेरी देखभाल की। मैं उम्मीद करती हूं अब सभी इस मुद्दे को ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ ही देखेंगे। 
किसी व्यक्ति पर थोपी गई नकारात्मकता से सच्चाई नहीं बदल जाती। 

प्यार, कनिका

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