भास्कर सिने प्रीमियर:गंगूबाई काठियावाड़ी में क्यूट सी आलिया का क्रुएल किरदार, आलीशान सेट्स और लार्जर दैन लाइफ फिल्म से बॉक्स ऑफिस को बड़ी उम्मीदें

मुंबई5 महीने पहलेलेखक: मनीषा भल्ला
  • कोरोना के कारण रुकी थी फिल्म की शूटिंग, 15 करोड़ का सेट भी तोड़ना पड़ा

क्यूट सी दिखने वाली आलिया भट्ट को एक खतरनाक लेडी डॉन के किरदार में सोचना मुश्किल है। फिल्म मेकर संजय लीला भंसाली ने गंगूबाई काठियावाड़ी में यह जोखिम भरा दांव खेला है। अगर आलिया ने कमाल कर दिखाया, तो वो कामयाबी की नई बुलंदी पर होंगी, इसमें कोई शक नहीं है।

बहुत सी फिल्में ऐसी हैं, जो एक साल से बनकर तैयार हैं, लेकिन कोविड की वजह से रिलीज नहीं हो पाईं, लेकिन गंगूबाई काठियावाड़ी ऐसी फिल्म है, जिसकी शूटिंग कोविड की वजह से समय से नहीं हो सकी।

खुद संजय लीला भंसाली और आलिया भट्ट भी कोरोना के शिकार हुए। बाद में लंबा लॉकडाउन भी हुआ। मतलब, 30 जुलाई की तय तारीख पर फिल्म की थिएटर में रिलीज अब नामुमकिन है।

अच्छी स्क्रिप्ट, शानदार सेट्स, प्रभावी किरदार, सुपरहिट संगीत संजय लीला भंसाली के ट्रेडमार्क एलिमेंट्स हैं। आलिया का अपना एक बड़ा फैन बेस है। अगर फिल्म देर से रिलीज हुई तो भी सक्सेसफुल होने के पूरे चांस हैं।

आलिया के टैलेंट पर कोई सवाल नहीं

मशहूर फिल्म क्रिटिक जयप्रकाश चौकसे दैनिक भास्कर से बातचीत में कहते हैं- फिल्म जॉली एलएलबी -2 में सौरभ शुक्ला का एक डायलॉग है कि ‘सारांश’ के बाद महेश भट्ट की फिल्म इंडस्ट्री को एक ही महान देन है और वो है आलिया भट्ट। और ये बिल्कुल सच बात है।

आलिया एक वर्सेटाइल एक्टर हैं। वह कोई भी रोल बखूबी निभा सकती हैं। आलिया में मधुबाला, सुचित्रा सेन और माला सिन्हा, तीनों का संगम है। आलिया की प्रतिभा को देखते हुए कहा जा सकता है कि वो ये किरदार शानदार तरीके से निभाएंगी।

सफलता का रिकॉर्ड बनने की उम्मीद

फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कैसी रहेगी? इस बारे में प्रोड्यूसर और ट्रेड एनालिस्ट गिरीश जौहर कहते हैं- आलिया की स्टार वैल्यू जबरदस्त है। बड़े अरसे बाद महिला माफिया की कहानी आ रही है। फिल्म का टीजर कहानी और कलाकारों की एक्टिंग के बारे में उम्मीद जगाता है। यह फिल्म सफलता के रिकॉर्ड बनाएगी।

गंगूबाई काठियावाड़ी में गंगूबाई बनीं आलिया और ओरिजिनल गंगूबाई जिनके जीवन पर ये फिल्म बनी है।
गंगूबाई काठियावाड़ी में गंगूबाई बनीं आलिया और ओरिजिनल गंगूबाई जिनके जीवन पर ये फिल्म बनी है।

क्राइम, धोखा, पावर और प्यार की कहानी

गंगूबाई काठियावाड़ी एस. हुसैन ज़ैदी की किताब ‘माफिया क्वींस ऑफ मुंबई’ पर आधारित है। गुजरात के काठियावाड़ से गंगूबाई हरजीवन दास नाम की लड़की 16 साल की उम्र में अपने पिता के अकाउंटेंट के साथ भागकर मुंबई आ गई थी।

उसने कभी फिल्म एक्ट्रेस बनने के सपने भी देखे थे, लेकिन पति ने धोखा दे दिया। सिर्फ 500 रुपए में उसे कोठे पर बेच गया। करीम लाला की गैंग के मेंबर ने गंगूबाई के साथ रेप किया। गंगूबाई न्याय के लिए करीम लाला के पास गई और उसको राखी बांधी।

तभी से करीम लाला के साथ से गंगूबाई एक माफिया क्वीन बनी। कमाठीपुरा में कोठा चलाने वाली गंगूबाई ने बाद में सेक्स वर्कर्स के वेलफेयर के लिए भी काफी काम किया।

15 करोड़ में बना कमाठीपुरा का सेट

फिल्म सिटी में कमाठीपुरा के कोठे का बड़ा सेट बनाया गया था। उस पर 15 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे, लेकिन संजय लीला भंसाली और आलिया भी कोरोना संक्रमित हुए। लॉकडाउन भी लंबा चला। किराया चढ़ रहा था, इसलिए सेट को तोड़ दिया गया।

फिल्म के एक सीन में आलिया भट्ट।
फिल्म के एक सीन में आलिया भट्ट।

किरदार की सारी तैयारी सेट पर हुई

फिल्म में अभिनेत्री और फिल्म निर्देशक सीमा पाहवा भी कोठेवाली के किरदार में हैं। सीमा ने दैनिक भास्कर को बताया कि सेक्स वर्कर की बातचीत का लहज़ा सीखने के लिए उन्होंने किसी ब्रोथेल का दौरा नहीं किया। किरदार की सारी तैयारी सेट पर हुई। खुद संजय लीला भंसाली ने इस तैयारी की कमान संभाली थी।

आलिया ने डॉन बनने के लिए की काफी मेहनत

कहा जाता है कि आलिया से पहले प्रियंका चोपड़ा, रानी मुखर्जी और दीपिका पादुकोण को भी यह रोल ऑफर हुआ था। कास्टिंग डायरेक्टर श्रुति महाजन ने दैनिक भास्कर को बताया कि फिल्म की लीड से लेकर सारी कास्टिंग उन्हीं की है। हालांकि कास्टिंग के पीछे की कहानी बताने से उन्होंने इनकार कर दिया।

फिल्म से जुड़े सूत्र कहते हैं कि आलिया को भली-भांति पता है कि यह फिल्म उनके करियर के लिए माइलस्टोन हो सकती है। उन्होंने इस किरदार के लिए बहुत मेहनत की है और वैसे भी संजय लीला भंसाली एक टफ टास्क मास्टर हैं।

फिल्म गॉडमदर के एक सीन में शबाना आजमी।
फिल्म गॉडमदर के एक सीन में शबाना आजमी।

रोमांटिक गुड़िया से हटकर रोल करने का प्रयास

आलिया अपने 9 साल के करियर में 12 फिल्में कर चुकी हैं। स्टूडेंट ऑफ द ईयर में वो हिंदी फिल्मों की आम हीरोइन जैसी रोमांटिक गुड़िया थीं, लेकिन बाद में उन्होंने हाई-वे, उड़ता पंजाब, राजी, डियर जिंदगी और कुछ हद तक गली बॉय में भी अलग से किरदार प्ले किए हैं।

शबाना और सुप्रिया पाठक से तुलना एक चैलेंज

हिंदी फिल्मों में लेडी डॉन के किरदार में शबाना आज़मी की गॉडमदर माइलस्टोन मानी जाती है। यह गुजरात की संतोकबेन जडेजा के किरदार पर आधारित थी। वहीं, सुप्रिया पाठक ने संजय लीला भंसाली की ही राम-लीला में लेडी डॉन का किरदार बखूबी निभाया था।

विद्या बालन ने ‘बेग़मज़ान’ में ब्रोथेल चलाने वाली महिला का रोल किया था। आलिया की जनरेशन में श्रद्धा कपूर हसीना पारकर में महिला माफिया का रोल कर चुकी हैं, लेकिन आलिया को शबाना और सुप्रिया पाठक से तुलना का सामना करना पड़ सकता है।

आलिया, शबाना और मां-बेटी का एक संयोग

रेखा की ‘उमराव जान’ फिल्म में कोठा चलाने वाली खानुम जान का किरदार शबाना आज़मी की मां शौकत कैफी ने निभाया था। सालों बाद जब उमराव जान फिर से बनी, तब रेखा का किरदार ऐश्वर्या राय ने किया और खानुम जान का किरदार शबाना आजमी ने निभाया।

शबाना आज़मी ने श्याम बेनेगल की फिल्म ‘मंडी’ में ब्रोथेल चलाने वाली महिला का किरदार निभाया था। उसी फिल्म में सोनी राजदान सेक्स वर्कर के किरदार में उनकी को-एक्ट्रेस थीं। अब सोनी की बेटी आलिया गंगूबाई काठियावाड़ी के रूप में सेक्स वर्कर का किरदार निभा रही है।