एक्ट्रेस के बोल:दिव्या को 'कुछ भी कर दो' कहने वाले डायरेक्टर्स के साथ काम करना नहीं है पसंद, बोलीं- आज भी फिल्म रिलीज होने से पहले घबरा जाती हूं

एक महीने पहले
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दिव्या दत्ता को उनके काम के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार सहित कई पुरस्कार मिल चुके हैं। लेकिन, एक्ट्रेस ने खुलासा किया कि वह किसी नए प्रोजेक्ट के सेट पर जाने से पहले या किसी फिल्म की रिलीज से ठीक पहले आज भी घबरा जाती हैं। किसी भी एक्टर के लिए, यह एक परीक्षा परिणाम की तरह है, आपने किसी चीज लिए कड़ी मेहनत की है तो यह होगा और हमारे मामले में भी यही होता है हम अपने रोल पर काम करते हैं, और फिर फिल्म विभिन्न अवार्ड्स और फिल्म फेस्टिवल के लिए नॉमिनेट होती हैं इसके लिए एक्साइटमेंट और घबराहट दोनों होती है। वह कहती हैं कि मुझे अपनी इस नर्वसनेस पर गर्व है, और इसे एक्सेप्ट करने में कोई बुराई नहीं है।

डायरेक्टर का विजन क्लियर होना चाहिए
दिव्या अपनी फिल्म शीर कोरमा में उनकी एक्टिंग के लिए बहुत प्रशंसा हो रही है, उन्होने खुलासा किया कि एक प्रोजेक्ट चुनने से पहले वह एक चीज का इंतजार करती है,अगर डायरेक्टर इस बारे में क्लियर हैं कि वह एक एक्टर के रूप में मुझसे क्या चाहते हैं। “मैं ऐसे निर्देशकों के साथ काम ही नहीं करती जो सेट पर यह कह देते है कि कुछ भी कर दो।" मैंने पहले इसका एक्सपीरियंस किया है, तभी मैंने फैसला किया था कि ऐसे डायरेक्टर्स के साथ बिल्कुल काम नहीं करूंगी।

मैं खुशकिस्मत हूं
दत्ता कहते हैं, मैं खुशकिस्मत हूं कि मैं जिन निर्देशकों को चुनती हूं या जो मुझे चुनते हैं, वह मुझे ऐसी भूमिकाएं दे रहे हैं जो मैंने पहले नहीं की हैं। यह मेरे लिए बहुत इंपॉर्टेंट है सेट पर एक्साइटमेंट और नर्वसनेस के जाना जो कैरेक्टर मैंने कभी नही किया उसके बारे में पता करना अच्छा लगता है यह नही कि सेट पर जाओ और बोलो 'बताओ क्या करना है।'

दिव्या का करियर
बता दें कि दिव्या दत्ता नें साल 1994 में आई फिल्म 'इश्क में जीना इश्क में मरना' फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद उनकी वीर-जारा, वीरगति, इसकी टोपी उसके सर, जैसी कई फिल्मों में अलग-अलग कैरेक्टर में नजर आईं। दिव्या दत्ता हाल ही में फिल्म शीर-कोरमा में नजर आईं और उनकी आगली फिल्म 'धाकड़' है।

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