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नाबालिग से रेप का मामला:आरोपी एक्टर पर्ल वी पुरी का सपोर्ट कर दिव्या खोसला कुमार ने पीड़िता की पहचान उजागर की, माता-पिता का फोटो शेयर किया

मुंबई2 महीने पहले
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टीवी एक्टर पर्ल वी पुरी नाबालिग से रेप के आरोप में पुलिस कस्टडी में हैं। इस बीच ग्लैमर की दुनिया के कुछ बड़े लोग उनके बचाव में नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। पर्ल के सपोर्ट में पहले एकता कपूर ने पीड़िता की मां से हुई बातचीत का ऑडियो सार्वजनिक किया था। अब उनके साथ म्यूजिक वीडियो में काम कर चुकीं दिव्या खोसला कुमार ने पीड़िता के माता-पिता की पहचान सार्वजनिक कर दी है।

सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट के मुताबिक कोई भी व्यक्ति प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या सोशल मीडिया किसी भी प्लेटफॉर्म से रेप विक्टिम की पहचान जाहिर नहीं कर सकता और न ही ऐसी कोई जानकारी जिससे पीड़िता को पहचाने जाने की संभावना या रास्ता बनता हो।

दिव्या ने अपनी पोस्ट में पीड़िता के पैरेंट्स के रिश्ते पर भी लिखा
फिलहाल पर्ल वी पुरी के केस में कोई फैसला नहीं हुआ है। वे रेप के आरोपी हैं। कानून के मुताबिक, रेप पीड़िता की पहचान या उससे जुड़ी कोई भी जानकारी उजागर नहीं की जा सकती है, लेकिन दिव्या खोसला कुमार ने इस मामले की पीड़िता के पिता और मां के नाम के साथ-साथ उनकी फोटो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी। दिव्या ने लिखा कि...

  • हैरान करने वाला और शर्मनाक काम। मैं इनके बारे में आपको बताती हूं। यह महिला एक्ट्रेस है। यह वही शख्स है, जिसने पर्ल पर 2 साल पहले टीवी शो के सेट पर अपनी 5 साल की बेटी से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। इन दोनों का बेटी की कस्टडी को लेकर विवाद चल रहा है। दो साल से बेटी अपने पिता के साथ है। इसलिए वह अपनी पत्नी पर आरोप लगा रहा है कि उसकी बेटी उसके साथ सेफ नहीं है, वह सेट पर लेकर जाती थी, जहां पर्ल ने उसके साथ गलत काम किया। मुझे लगता है इस आदमी को फिल्मफेयर का बेस्ट स्क्रीनप्ले अवॉर्ड दिया जाना चाहिए।
  • अब पुलिस ने पर्ल को अरेस्ट कर लिया है। मैं जानना चाहती हूं कि क्यों पुलिस ने 2019 में उसे अरेस्ट नहीं किया जब यह केस फाइल किया गया था। शिकायत में कारण बताया है कि बच्ची को तब छेड़छाड़ का शिकार होना पड़ा जब वह अपनी मां के साथ थी। पर्ल का नाम FIR में कहीं नहीं था। मैंने वह FIR खुद पढ़ी है, जब पर्ल की मां ने मुझसे मदद मांगते हुए उसे मुझे भेजा था।
  • एकता कपूर के साथ अपनी बातचीत में पीड़िता की मां ने साफ कहा है कि उसका पति दिमागी रूप से ठीक नहीं है। वह उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता रहा है। उसके पास इसके कई सबूत भी हैं। उसने कहा है कि पर्ल बेगुनाह है और सेट पर ऐसा कुछ नहीं हुआ था। मेड ने भी यही बयान दिया था। बच्ची खुश थी, 5 साल की बच्ची। 10 दिन बाद पिता बच्ची को स्कूल के बाद ले जाता है और केस करता है। तब न तो उसने न उसके पिता ने पर्ल का नाम लिया। दो साल बाद जब वह 7 साल की हो गई तो उसने आरोपी को पहचान लिया। महिला ने बताया था कि बच्ची को उसका पिता टॉर्चर करता है। मीटू का बहुत ही गलत यूज हो रहा है। पर्ल का करियर प्रभावित हुआ है, क्या उसे कोई काम देगा।
  • शर्मनाक, अपने फायदे के लिए बच्ची का यूज करना और दूसरे की जिंदगी बर्बाद करना। उस महिला को भी शर्म आनी चाहिए कि वह मीडिया के सामने आकर सच नहीं बोल रही है। मानवता को शर्म आनी चाहिए, मैं सबसे अपील करती हूं पर्ल का सपोर्ट करें। मैं तब तक चुप नहीं बैठूंगी जब तक पीड़ित के मां-बाप मीडिया के सामने आकर सच नहीं कहते। हम किसी के साथ यह बर्बादी कैसे देख सकते हैं। मैंने खुद देखा है पर्ल महिलाओं की कितनी इज्जत करता है। हमारे काम में हर विभाग में महिलाएं थीं। किसी को कभी लगा कि ये आदमी परवर्ट है- नहीं। वह अच्छे संस्कारों वाला इंसान है। सच जीतेगा।

दो साल की सजा का प्रावधान
रेप की शिकार लड़की या महिला की पहचान उजागर करना IPC की धारा 228 ए के तहत अपराध है। IPC की धारा 376, 376ए, 376बी, 376सी, 376डी, 376जी के तहत केस की पीड़िता का नाम प्रिंट या पब्लिश करने पर दो साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है। कानून के तहत रेप पीड़िता के घर, परिवार, दोस्‍तों या उससे जुड़ी जानकारी भी उजागर नहीं की जा सकती।

(इस केस में पीड़िता नाबालिग है इसलिए दिव्या की पोस्ट को एडिट करके पैरेंट्स के नाम और पहचान हमने हटा दी है।)

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