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शूटिंग अपडेट्स:अपने ही प्रोजेक्‍ट ‘रूद्र’ के चलते अजय देवगन की ‘मेडे’ का दोहा शेड्यूल 50 दिन आगे खिसका

2 महीने पहलेलेखक: अमित कर्ण
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  • तीन दिन बाद फिल्‍मसिटी में ‘रूद्र’ की शूटिंग हो रही शुरू, हाल ही में महबूब में पूरा किया ‘थैंकगॉड’ का एक शेड्यूल
  • दोहा के अलावा ‘मेडे’ का एक अहम सीक्‍वेंस वसई रोड में फिल्‍माया जाना है, प्रोडक्‍शन की लड़ाई में वह अटक गया था

महामारी के कालखंड में तेज रफ्तार से फिल्‍मों की शूटिंग करने के मामले में अक्षय कुमार और अजय देवगन एक दूसरे को टक्‍क्‍र दे रहें हैं। इस साल के लॉकडाउन को छोड़ दें तो अजय देवगन पिछले साल के दूसरे हाफ से लगातार कई प्रोजेक्‍ट की शूटिंग में बिजी हैं। आलम यह है कि एक प्रोजेक्‍ट के चलते दूसरे प्रोजेक्‍ट की शूटिंग में खासी देरी होने लगी है। मिसाल के तौर पर अजय देवगन तीन दिन बाद अपने करियर के पहले वेब शो ‘रूद्र’ की शूटिंग शुरू करने वाले हैं। उसका असर अजय देवगन की फिल्‍म ‘मेडे’ पर पड़ने वाला है।

वसई में प्‍लेन क्रैश का सीक्‍वेंस शूट होगा
अजय देवगन के करीबियों के मुताबिक- मुंबई की फिल्‍मसिटी में यह शूटिंग होने वाली है। इसके बाद मुंबई के टाउन साइड के लाइव लोकेशनों पर भी शूटिंग होगी। इसमें अजय देवगन एक स्‍ट्रेच में 40 से 50 दिनों की तारीख दे चुके हैं। उसके बाद ही वो ‘मेडे’ की शूट में जुट पाएंगे। वह शेड्यूल दोहा एयरपोर्ट पर होना है। वहां तकरीबन 10 से 15 दिनों का काम बाकी है। उसके अलावा उसी फिल्‍म के लिए वसई में प्‍लेन क्रैश का सीक्‍वेंस शूट होना है। वसई में वह सीक्‍वेंस 500 एकड़ की खाली जमीन पर फिल्‍माया जाना है।

झगड़े से हुआ नुकसान
प्रोडक्‍शन हाऊस से जुड़े सूत्रों ने बताया- वसई वाला सीन तो इस लॉकडाउन के लगने से पहले ही पूरा फिल्‍मा लिया जाना था। वहां 50 से 70 लाख का सेट भी लग चुका था। जिस दिन शूटिंग होनी थी, उसी दिन ऐन मौके पर वहां लाइन प्रोड्यूसरों के दो गुटों में झड़प हो गई और शूटिंग स्‍थगित करनी पड़ी। वह सेट भी उस झड़प में टूट फूट गया। अब यह सीक्‍वेंस भी ‘रूद्र’ के पूरा होने पर ही हो सकेगा।

अजय देवगन के करीबियों ने कहा- मेडे में अजय देवगन पायलट के रोल में हैं। एक सच्‍ची घटना पर यह बेस्‍ड है। ऐसे में दोहा और वसई वाले सीक्वेंसेज बेहद अहम हैं। प्‍लेन क्रैश के बाद पायलट अजय देवगन के किरदार के साथ क्‍या होता है, फिल्‍म उस बारे में है। दरअसल प्‍लेन क्रैश के बाद जांच कमिटी बैठती है। वह मानती है कि यह पायलट एरर के चलते हुआ। पायलट ही दोषी है। ऐसे में कमिटी प्रमुख के किरदार में अमिताभ बच्‍चन आखिरकार बमन ईरानी की दलीलों पर क्‍या फैसला लेते हैं, फिल्‍म यही बताएगी। कोर्ट वाले सीन तो मुंबई में फिल्‍माए गए थे।

कोविड से बिगड़े हालात
उससे पहले ‘मेडे’ के ज्‍यादातर सीन हैदराबाद के रामोजी फिल्‍म सिटी में फिल्‍माए गए। अब तक माना जा रहा है कि फिल्‍म पर 80 से 90 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। कोर्ट के सीक्‍वेंस मुंबई में फिल्‍माए गए। वहां फिल्‍म की पूरी कास्‍ट थी। हैदराबाद में अमिताभ बच्‍चन और बमन ईरानी नहीं थे। दोहा वाला शेड्यूल भी 50 दिनों बाद हो पाता है कि नहीं, वह कोविड के हालातों के हिसाब से तय होगा। इसी के चलते अब तक दोहा से शूटिंग की इजाजत प्रोडडक्‍शन को नहीं मिल पाई है।

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