किस्सा:डायरेक्टर सुभाष घई ने बताया-अपने दोस्त बाबूराव के लिए दिलीप कुमार ने फ्री में किया था विज्ञापन, इसके अलावा करियर में नहीं किया कोई एड

3 महीने पहले
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दिग्गज एक्टर दिलीप कुमार अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उन्होंने निश्चित रूप से अपने प्रशंसकों, दोस्तों और परिवार के सदस्यों के बीच अपनी अनंत यादें छोड़ दी हैं। अब हाल ही में फिल्म 'कर्मा' में दिलीप कुमार को निर्देशित करने वाले डायरेक्टर सुभाष घई ने उनसे जुड़ा एक किस्सा शेयर किया है। सुभाष ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर बताया है कि दिलीप कुमार ने अपनी लाइफ में कभी किसी विज्ञापन का समर्थन नहीं किया। हालांकि, दिलीप कुमार ने सिर्फ एक एड किया था, जिसके लिए उन्होंने एक पैसा भी नहीं लिया था।

सुभाष घई ने दिलीप कुमार द्वारा किए गए एकमात्र एड का पोस्टर शेयर कर लिखा, "दिलीप कुमार हमेशा अपने दोस्तों के साथ खड़े रहे...अपने पूरे करियर में उन्होंने कभी भी कोई विज्ञापन नहीं किया। हालांकि, फिल्म इंडिया पत्रिका के संपादक बाबूराव पटेल एकमात्र अपवाद थे, जो प्राकृतिक चिकित्सा से भी जुड़े हुए थे। दिलीप कुमार ने सिर्फ बाबूराव के एक प्रोडक्ट का विज्ञापन किया था, इसके लिए उन्होंने अपने दोस्त से एक पैसा भी नहीं लिया था।

दिलीप कुमार का 7 जुलाई को हुआ था निधन
दिलीप कुमार का लंबी बीमारी के बाद 7 जुलाई को 98 साल की उम्र में निधन हो गया था। मुंबई के जुहू कब्रिस्तान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ दिलीप कुमार को अंतिम विदाई दी गई थी। दिलीप कुमार के एक्टिंग करियर की बात करें तो यह छह दशकों से अधिक समय तक चला था। उन्होंने अपने करियर में 65 से ज्यादा फिल्में की थीं। उन्हें 'देवदास' (1955), 'नया दौर' (1957), 'मुगल-ए-आजम' (1960), 'गंगा जमुना' (1961), 'क्रांति' (1981) और 'कर्मा' (1986) जैसी फिल्मों में उनकी प्रतिष्ठित भूमिकाओं के लिए जाना जाता है। उनकी आखिरी फिल्म 'किला' थी, जो 1998 में रिलीज हुई थी।

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