शेरदिल:केके के आखिरी गाने 'धूप पानी बहने दे' में साथ काम करने पर गुलजार हुए इमोशनल, बोले-वो बस अलविदा कहने आया था

2 महीने पहले
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दिग्गज दिवंगत सिंगर केके का एक दिन पहले सोमवार (6 जून) को आखिरी गाना 'धूप पानी बहने दे' रिलीज हुआ। अब हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में वेटरन राइटर-लिरिसिस्ट गुलजार साहब ने इस गाने में सिंगर के साथ काम करने के अपने अनुभव के बारे में बताया है। साथ ही गुलजार साहब ने यह भी कहा कि ऐसा लगता है कि केके आखिरी बार बस अलविदा कहने के लिए ही आए थे।

गुलजार साहब का कहना है कि जब उन्हें डायरेक्टर श्रीजीत मुखर्जी की हिंदी फिल्म 'शेरदिल: द पीलीभीत सागा' के गाने 'धूप पानी बहने दे' पर केके के साथ काम करने का मौका मिला तो उनका दिल खुशी से भर गया था। कृष्णकुमार कुनाथ को केके के नाम से जाना जाता है, उनका पिछले हफ्ते 53 साल की उम्र में कोलकाता में एक कॉन्सर्ट के बाद कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया था।

गुलजार साहब ने पहली बार केके के साथ 1996 में बनी उनकी फिल्म 'माचिस' में काम किया था। गुलजार ने कहा, "हाल ही में रिलीज हुआ गाना उनके लिए हमेशा खास रहेगा। श्रीजीत ने 'शेरदिल' में मुझे शामिल कर मुझ पर एहसान किया है। इतनी खूबसूरत फिल्म के लिए न सिर्फ मुझे लिखने को मिला, बल्कि केके के साथ सदियों बाद काम करने और मिलने का मौका मिला। केके ने सबसे पहले माचिस में मेरा एक गाना 'छोड़ आए हम वो गलियां' गाया था।" इस गाने से ही केके ने अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था।

वह आखिरी बार अलविदा कहने ही आए थे
87 साल के गुलजार साहब ने आगे कहा, "जब वे 'शेरदिल' के लिए गाने आए, तो इससे मेरा दिल खुशी से भर गया था। लेकिन, यह अफसोस की बात है कि इस गाने को उनके आखिरी गानों में से एक के रूप में जाना जाएगा। ऐसा लगता है कि वह आखिरी बार अलविदा कहने ही आए थे।" केके को 'तड़प तड़प', 'बीते लम्हें', 'आंखों में तेरी' और साथ ही इंडी पॉप गाने 'पल' और 'यारों' जैसे ट्रैक्स के लिए जाना जाता है। मुखर्जी ने कहा कि उनकी फिल्म के लिए गुलजार और केके का मिलना एक सपने के सच होने जैसा है।

हम गुलजार साहब की शायरी सुनकर बड़े हुए हैं: मुखर्जी
मुखर्जी ने कहा, "हम गुलजार साहब की शायरी सुनकर बड़े हुए हैं। हम दिल की हर बात में केके की आवाज से दोस्ती करते हुए बड़े हुए हैं। इसलिए, यह मेरे लिए दोहरे सपने के सच होने जैसा है।" सच्ची घटनाओं से प्रेरित 'शेरदिल' को एक फैमिली फिल्म के रूप में पेश किया गया है और यह शहरीकरण, मानव के संघर्ष और गरीबी की कहानी पेश करती है, जो कि किनारे पर रहने वाले एक गांव में एक अजीब सी प्रथा की ओर ले जाता है। इसमें पंकज त्रिपाठी, नीरज काबी और सयानी गुप्ता लीड रोल में हैं।

केके इस गाने को लेकर उत्साहित थे:शांतनु मोइत्रा
केके के आखिरी गाने 'धूप पानी बहने दे' को शांतनु मोइत्रा ने कंपोज किया है। इस पर मोइत्रा ने कहा, "केके इस गाने को लेकर उत्साहित थे और उन्होंने इसे अपने खुद के गाने की तरह गाया। उन्होंने मुझे बताया कि इस गाने ने गुलजार साहब को 2 दशक बाद उन्हें वापस दे दिया है। वह इस बात से भी खुश थे कि वह इस गाने को लाइव कॉन्सर्ट में गाएंगे, क्योंकि यह बड़ी बात है और युवाओं को इसे सुनने की जरूरत है।" बता दें कि 'शेरदिल: द पीलीभीत सागा' 24 जून को सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी।

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