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56 के हुए शाहरुख:'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' से लेकर 'रईस' तक, इन फिल्मों के ये बेहतरीन डायलॉग बनाते हैं शाहरुख खान को बॉलीवुड का बादशाह

7 महीने पहले

बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान आज अपना 56वां जन्मदिन मना रहे हैं। शाहरुख ने सालों के संघर्ष के बाद अपने बेहतरीन अभिनय के हुनर से इंडस्ट्री में बादशाह की उपाधि हासिल की है। आज उनके जन्मदिन के खास मौके पर आइए जानते हैं उनके करियर के बेस्ट डायलॉग और उनका करियर स्ट्रगल-

शाहरुख खान का परिवार पेशावर से ताल्लुक रखता है, हालांकि विभाजन के बाद उनके पिता दिल्ली आकर बस गए थे। शाहरुख के पिता एक स्वतंत्रता सेनानी थे, जो बाद में दिल्ली में एक रेस्टोरेंट चलाया करते थे। घर की आर्थिक हालत ठीक न होने के कारण शाहरुख का परिवार दिल्ली के राजेंद्र नगर में एक किराए के घर में रहा करता था।

जब शाहरुख महज 16 साल के थे तब उनके पिता मीर ताज मोहम्मद का निधन हो गया। इसके बाद उनके परिवार क हालत और ज्यादा खराब हो गई।

शाहरुख ने 1950 में हंसराज कॉलेज में एडमिशन ले लिया, जहां एक प्ले ग्रुप जॉइन कर उन्होंने बैरी जॉन से एक्टिंग सीखी। शाहरुख मास कम्यूनिकेशन से मास्टर करना चाहते थे, लेकिन एक्टिंग में करियर बनाने के लिए उन्होंने बीच में ही कॉलेज छोड़कर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा जॉइन कर लिया।

शाहरुख को सबसे पहले टीवी शो दरिया में कास्ट किया गया था, लेकिन टेलीकास्ट में हुई देरी के बीच उनका शो फौजी रिलीज हो गया था।

फौजी के बाद शाहरुख को सर्कस, वागले की दुनिया, इडियट और उम्मीद जैसे शोज में अभिनय करने का मौका मिला। शाहरुख के हुनर को देखते हुए लोग उनकी तुलना दिलीप कुमार से करने लगे थे।

साल 1991 में मां लतीफ फातिमा के निधन के बाद शाहरुख मुंबई चले गए, जहां उन्हें पहली फिल्म दिल आशना है मिली। ये फिल्म हेमा मालिनी की डायरेक्टोरियल डेब्यू थी। हालांकि ये फिल्म शाहरुख की दूसरी फिल्म बनी।

शाहरुख ने 1992 की फिल्म दीवाना से बॉलीवुड डेब्यू किया था, जिसमें उनके साथ ऋषि कपूर और दिव्या भारती लीड रोल में थीं। पहली ही फिल्म में नेगेटिव रोल में नजर आए थे शाहरुख को दर्शकों ने खूब प्यार दिया और ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट हो गई। इस फिल्म के लिए शाहरुख को बेस्ट मेल डेब्यू का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था।

साल 1992 में दीवाना के बाद शाहरुख की तीन फिल्में चमत्कार, दिल आशना है और राजू बन गया जेंटलमैन रिलीज हुई थीं।

डेब्यू के अगले साल ही शाहरुख खान को दो बड़ी फिल्में डर और बाजीगर मिलीं। इन दोनों ही फिल्मों में शाहरुख नेगेटिव रोल में थे, इसके बावजूद उन्होंने अपने अभिनय से देश के लाखों लोगों को अपना दीवाना बना दिया। काजोल और शिल्पा शेट्टी स्टारर फिल्म के लिए शाहरुख को बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।

महज 2 सालों के फिल्मी करियर में ही शाहरुख खान ने अपने हुनर से कई बेहतरीन एक्टर के बीच अपना नाम शामिल किया। इनके बाद शाहरुख को कई बड़े फिल्ममेकर्स की फिल्में ऑफर होने लगीं।

साल 1995 में शाहरुख की फिल्म करण अर्जुन और दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे रिलीज हुईं, जिन्होंने कमाई के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। आदित्य चोपड़ा के निर्देशन में बनी फिल्म डीडीएलजे भारत और विदेश की ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म घोषित कर दी गई थी। ये भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा चलने वाली फिल्म थी जो 1000 हफ्तों से ज्यादा समय तक मुंबई के मराठा मंदिर थिएटर में लगी रही थी। 1995 में रिलीज हुई फिल्म 2015 तक थिएटर में चलती रही थी।

इन फिल्मों के बाद शाहरुख खान ने कुछ कुछ होता है, दिल से, बादशाह, अशोका, मोहब्बतें, कभी खुशी कभी गम, देवदास, कल हो न हो, चलते-चलते, मैं हूं ना, वीर जारा, चक दे इंडिया, ओम शांति ओम जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं हैं। लगातार हिट फिल्में देने वाले को किंग खान और बादशाह का टैग मिला था।

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