पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

भास्कर इंटरव्यू:सिर्फ अपना रोल देखकर कोई फिल्म नहीं चुनती हूं, मुझे प्रोजेक्ट से जुड़ी दूसरी बातें भी पसंद आनी चाहिए - काजोल

8 दिन पहलेलेखक: ज्योति शर्मा
  • नेटफ्लिक पर रिलीज होने वाली त्रिभंगा की स्क्रिप्ट हिंगराठी में लिखी गई है यानी कि हिंदी इंग्लिश और मराठी भाषा में

एक्ट्रेस काजोल की फिल्म त्रिभंगा ओटीटी प्लेटफार्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने को तैयार है। यह फिल्म 15 जनवरी को लोगों के सामने होगी। इस फिल्म की कहानी मां और बेटी के रिश्ते पर आधारित है, दैनिक भास्कर के साथ इंटरव्यू में काजोल ने बात कि उनकी मां और उनके बीच कैसा रिश्ता था बचपन में। पढ़िए, काजोल के साथ खास बातचीत....

इस फिल्म के साथ पहले आप जुड़ी थी या फिर अजय देवगन जी जुड़े थे?
पहले मैं ही जुड़ी थी। सिद्धार्थ पहले इसको प्रोड्यूस करने वाले थे। उन्होंने मुझे फोन किया था कि रेणुका शहाणे के पास एक बेहतरीन स्क्रिप्ट है. जो वो लिख रही हैं। मेरी रिक्वेस्ट है एक बार आप उसे सुनें। मेरे लिहाज से आप उसके लिए पूरी तरह पर्फेक्ट हैं। जब मैंने स्क्रिप्ट सुनी तो मुझे यह बहुत बहुत पसंद आई। मैंने उसी समय निर्णय ले लिया था कि मुझे यह फिल्म करनी है। वहां से यह कहानी शुरू हुई थी। उसके बाद बाकी सब लोग आए और लोग जुड़ते गए।

स्क्रिप्ट में ऐसी क्या खास बात थी जिसके कारण आप इससे जुड़ी?
मुझे पूरी स्क्रिप्ट बहुत पसंद आई थी। मैं सारे किरदारों की बात कर रही हूं, क्योंकि सिर्फ मैं अपने किरदार की स्क्रिप्ट पर हां नहीं कर सकती थी। सिर्फ डायरेक्टर के लिए हां नहीं कर सकती हूं। मुझे पूरी स्क्रिप्ट सारे किरदार और उससे जुड़ी सारी चीजें पसंद आनी चाहिए। पूरी कहानी की जो जर्नी है वह पसंद आनी चाहिए । रेणुका ने बहुत ही बेहतरीन तरीके से मां बेटी के रिश्ते को समझाया है। इस फिल्म में मां बेटी और नानी, तीनों के किरदार को जिस तरह से दिखाया है। इतने अच्छे तरीके से कि कोई हिस्सा छूटता नहीं है। यह एक मां बेटी के रिश्ते की बेहतरीन कहानी है।

आपकी निजी जिंदगी और फिल्म की पटकथा मैं कितनी समानता है ?
इस फिल्म को करने में बहुत मजा आया। जहां तक बच्चों की बात है मेरी बेटी के पार्ट पर इसकी तुलना नहीं की जा सकती है। लेकिन हां, मां के मामले में जरूर कर सकते है। मिथिला का जो किरदार है, वह एकदम से अलग है। वो न्यासा की तरह एकदम नहीं है, तो उसकी मेरे जीवन से तुलना नहीं की जा सकती। मगर, फिल्म मैं कई ऐसे सीन है जिसकी झलक में अपनी रियल लाइफ से जरूर कर रही थी। काम करने में बहुत मजा आया, बेहतरीन माहौल था। कई मंझे हुए कलाकारों के बीच काम करने में मजा सेट पर भी और सेट के बाहर भी आया।

फिल्म में निजी जीवन की झलक मिली हो तो वैसे कुछ सीन के बारे में बता सकें ?
एक चीज फिल्म में जरूर हुई है। जब वह बीमार है और हॉस्पिटल जा रही हैं। रिपोर्टर उससे पूछता है, आपकी मां कोमा में जा रही हैं आपको कैसा लग रहा है? मेरी जिंदगी में एक वाकया ऐसा हुआ था। जब मेरी मां अस्पताल में भर्ती थी, एक रिपोर्टर मेरे सामने आया उस समय मुझे इतना गुस्सा आया कि क्या बोलूं। तो रील लाइफ का वह सीन रियल लाइफ में भी मेरे साथ घट चुका है। पिक्चर में तो सिर्फ एक डायलॉग बोलना होता है। मगर, रियल लाइफ में इस तरह की घटना बहुत बुरी लगती है। उस समय मुझे बहुत गुस्सा आया था। मुझे हॉस्पिटल के सामने देखकर वह मुझसे सवाल पूछना चाहता था। कुछ मेरी फोटो क्लिक कर रहे थे। वह सच में मुझे बहुत बुरा लगा। वह कितनी खराब चीज है।

शूटिंग का कोई ऐसा किस्सा जो आपको बहुत मजेदार लगा हो जिसमें आप इमोशनल हो गए हो?
पूरी फिल्म ही एक इमोशनल जर्नी है। फिल्म में कई ऐसे पड़ाव हैं, जहां बहुत ज्यादा इमोशन है। जब वह एक खत लिखती है, अपनी मां के लिए, वह बहुत इमोशनल है। फिल्म देखने के बाद आप उसे महसूस कर सकते हैं। अगर इंसान में इमोशन नहीं है, तो फिर इस फिल्म को कर पाना बहुत मुश्किल था। फिल्म में डायलॉग भी इस तरह के हैं कि जब आप उसे रियल लाइफ से कंपेयर करेंगे, तो आपको लगेगा कि अगर इन परिस्थितियों में मैं खुद होतीं, तो शायद यह एकदम सही था। अगर आप वहां होते तो आप भी वही बोलते और यह एकदम ठीक है। मजेदार बात यह है कि रेणुका ने जो स्क्रिप्ट लिखी है, वह हिंदी, इंग्लिश और मराठी का मिश्रण है। तो, आप इसे हिंगराठी फिल्म कह सकते हैं।

कभी किसी कारण अपनी माँ से नाराज हुई हो?
नहीं, मेरी मां के साथ इस तरह का कोई अनुभव नहीं है जैसा फ़िल्म में दिखाया गया है। मुझे कभी अपनी मां से कुछ पूछना नहीं पड़ा है और मैंने अपनी मां से कुछ पूछा भी नहीं है। अपनी किसी चीज के लिए मुझे हाथ खोल कर हमेशा सब कुछ मिला है। अगर कोई चीज बहुत महंगी है, जो अफोर्ड नहीं की जा सकती तो वह साफ शब्दों में मना कर देती थीं। मैं भी उसके लिए तैयार हो जाती थी या मान जाती थी। मैंने कभी अपने जीवन में जिद नहीं की है कि मुझे यह चीज किसी भी हालत में चाहिए। मेरी मां बहुत कूल थी और हमारा कम्यूनिकेशन बहुत अच्छा था। हम दोनों एक दूसरे के लिए बहुत ओपन थे। हम एक दूसरे के साथ बहुत ज्यादा कंफर्टेबल थे।

हां, एक दो बार झगड़े जरूर हुए है कि आप सुबह जल्दी क्यों नहीं उठते। आप यह क्यों नहीं करते। हम बहुत अनुशासित बच्चे थे। जब हम बोर्डिंग स्कूल से लौटे तो उसके बाद हमने काम करना शुरू कर दिया। कभी इस तरह की चीज के लिए समय भी नहीं मिला रिबेल बनने के लिए। जब आप फिल्म त्रिभंगा देख कर बाहर निकलेंगे तो आपको जरूर लगेगा कि एक बार मां के साथ चल कर कुछ समय बिता लिया जाए। अपनी मां को जाकर एक झप्पी भी दे देती हूं और उनको कहें आई लव यू फॉर एवरीथिंग।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आपने अपनी दिनचर्या से संबंधित जो योजनाएं बनाई है, उन्हें किसी से भी शेयर ना करें। तथा चुपचाप शांतिपूर्ण तरीके से कार्य करने से आपको अवश्य ही सफलता मिलेगी। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थल पर ज...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser