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कोविड वॉरियर:हर दिन  12-14  घंटे एम्बुलेंस चलाते हैं 'इंडियन आइडल' फेम सायली कांबले के पिता, बोले- डर लगता है, लेकिन अपने आप पर गर्व है

3 महीने पहलेलेखक: किरण जैन
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किशोर कांबले ने ड्राइविंग करके ही अपनी बेटी सायली का पालन-पोषण किया। वे मुंबई के एक चॉल में रहते हैं। उन्हें गर्व हैं कि उनकी बेटी अब 'इंडियन आइडल' के जरिए उनका नाम रोशन कर रही है। - Dainik Bhaskar
किशोर कांबले ने ड्राइविंग करके ही अपनी बेटी सायली का पालन-पोषण किया। वे मुंबई के एक चॉल में रहते हैं। उन्हें गर्व हैं कि उनकी बेटी अब 'इंडियन आइडल' के जरिए उनका नाम रोशन कर रही है।

सिंगिंग रियलिटी शो 'इंडियन आइडल 12' की कंटेस्टेंट सायली कांबले को अपने पिता की काफी चिंता रहती है। उनके पिता किशोर कांबले मुंबई में एम्बुलेंस ड्राइवर हैं। पिछले कुछ महीनों से कोरोनावायरस के चलते मुंबई की स्थिति बेहद खराब है। ऐसी हालत में किशोर कांबले बिना छुट्टी लिए दिन के 12-14 घंटे नॉन-स्टॉप काम कर रहे हैं। कभी वे मरीजों को अस्पताल पहुंचाते हैं तो कभी कोविड से जान गंवाने वालों को श्मशान घाट तक। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में किशोर ने अपना अनुभव साझा किया। पढ़ें उनकी ही जुबानी...

'गर्व है कि ऐसे वक्त में देश की सेवा कर पा रहा हूं'
मैं तकरीबन 20 सालों से मुंबई के एक अस्पताल के लिए एम्बुलेंस चलाता आ रहा हूं। मैं अपने काम से बहुत संतुष्ट हूं। कुछ महीनों सेमुंबई के हालत बहुत खराब हैं। कोरोना ने कइयों की जिंदगी छीन ली। मुझे गर्व है कि ऐसे वक्त में मैं अपने देश की सेवा कर पा रहा हूं। फिर चाहे वह ड्राइविंग करके ही क्यों न हो? लॉकडाउन की वजह से कई ड्राइवर नहीं आ रहे हैं, जिससे मेरी ड्यूटी बढ़ गई है। दिन के 12-14 घंटे की ड्यूटी निभानी होती है। पिछले कुछ महीनों से एक भी छुट्टी नहीं ली है। जब हालात सुधरेंगे तो छुट्टी ले लूंगा। लेकिन फिलहाल मैं लोगों की मदद करना चाहता हूं।"

माहौल देखकर डर लगता है, मुझे भी अपनी जान प्यारी है
इस बात से इनकार नहीं करूंगा कि ऐसा डरावना माहौल देखकर डर नहीं लगता। मुझे भी अपनी जान प्यारी है। हालांकि, मैं पूरी सावधानी बरतने की कोशिश करता हूं। कभी गाड़ी का हैंडल पकड़ना होता है तो कभी स्ट्रेचर भी। गाड़ी में ऑक्सीजन मशीन होती है, उसे भी हाथ लगाना होता है। डर तो लगता है, लेकिन अपने फर्ज से पीछे भी नहीं हट सकते। अच्छी बात ये है कि मेरे घर में फिलहाल सिर्फ मेरी पत्नी सुरेखा कांबले है, जिनसे मैं दूरी बनाए रखता हूं। सायली शो के चलते होटल में ही ठहरी है। सायली मेरे बारे में बहुत फिक्र करती है। उसे बस यही कहना चाहता हूं कि मैं नेक काम कर रहा हूं। उसे मेरी चिंता नहीं होनी चाहिए।

पत्नी सुरेखा के साथ किशोर कांबले।
पत्नी सुरेखा के साथ किशोर कांबले।

जब तक हालात नहीं सुधरते, मैं अपना काम करता रहूंगा
दिन में इतनी लाशों को श्मशान घाट ले जाना बहुत दुखदाई होता है। कोविड पेशेंट के पास तो उनका अपना भी नहीं जा सकता, लेकिन हम उनके आसपास ही रहते हैं। शुरुआत में खुद को संभालना बहुत मुश्किल होता था, लेकिन अब संभल गया हूं। मैंने तय किया है कि जब तक हालात नहीं सुधरते, मैं अपना काम करता रहूंगा।"

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