सोशल मीडिया वॉर:कंगना रनोट को इरफान पठान की खरी-खरी, लिखा- वे मुझे सुना रही हैं, जिनका अकाउंट नफरत फैलाने की वजह से सस्पेंड हो चुका

7 महीने पहले
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क्रिकेटर इरफान पठान ने कंगना रनोट के उस तंज पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने उन पर पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा पर अपना नजरिया न रखने के लिए निशाना साधा था। दरअसल, हाल ही में जब इजरायल ने फिलिस्तीन पर हमला किया तो इरफान ने फिलिस्तीन के सपोर्ट में पोस्ट की थी। कंगना ने इसे लेकर ही उन्हें निशाने पर लिया था और पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा को लेकर कोई पोस्ट न करने को लेकर सवाल उठाया था।

इरफान ने कंगना को क्या जवाब दिया?
इरफान ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है, "मेरी सभी पोस्ट या तो इंसानियत के लिए थीं या फिर देश के लोगों के लिए। यह उस आदमी का नजरिया था, जिसने उच्च स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। इसके उलट मुझे कंगना जैसे लोगों, जिनका अकाउंट नफरत फैलाने की वजह से सस्पेंड किया जा चुका है और कुछ और ऐसे ही पेड अकाउंट्स से सुनना पड़ा, जो सिर्फ नफरत फैलाते हैं।"

कहां से शुरू हुआ कंगना-इरफान 'वॉर'

11 मई को जब इजरायल ने फिलिस्तीन पर हमला किया तो इरफान पठान ने सोशल मीडिया पर लिखा था, "अगर आपमें थोड़ी सी भी इंसानियत है तो आप उसे सपोर्ट नहीं करेंगे, जो फिलिस्तीन में हो रहा है।

जौनपुर के केराकत से विधायक दिनेश चौधरी ने इरफान की पोस्ट को आड़े हाथों लिया और सवाल उठाया कि आखिर उन्होंने पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा पर कुछ क्यों नहीं कहा था?

कंगना ने दिनेश चौधरी की पोस्ट साझा की और लिखा, "दुनियाभर के मुसलमान अपने इस्लाम के लिए हमास के जिहादियों और आतंकवादियों के साथ खड़े हो रहे हैं। लेकिन हिंदू या मुस्लिम कोई भी बंगाल में हुए नरसंहार या आमतौर पर जब पाकिस्तान या बांग्लादेश में आए दिन उनकी हत्या होती है, तो कुछ नहीं कहते। यही जयचंदों की हकीकत है। हिंदू और इस्लामिस्ट्स हिंदू नपुंसक हैं और मुस्लिमों के लिए आप तभी मायने रखते हैं, जब आप उनकी आसमानी किताब और 50 से ज्यादा इस्लामिक देशों को फॉलो करते हैं। दुनिया में हिंदुओं के लिए सिर्फ इंडिया है, तब भी आप इसे हिंदू राष्ट्र नहीं कह सकते। सभी को देखिए, वे सिर्फ एक ही रिश्ता जानते हैं और वह इस्लाम है। अगर वे कोई और लॉयलटी और वैल्यू सिस्टम को नहीं जानते तो अपने आपसे पूछो कि आपका वैल्यू सिस्टम क्या है।

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